जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

UP Election 2027: क्या कहता है कौशांबी का सियासी मुकाबला, 2022 में सिराथू से केशव प्रसाद मौर्य को मिली थी हार

मंझनपुर विधानसभा सीट का गठन 1974 के परिसीमन के बाद हुआ था. यहां पहला विधानसभा चुनाव 1977 में हुआ, जिसमें जनता पार्टी के टिकट पर नत्थू राम ने जीत दर्ज की थी. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के इंद्रजीत सरोज ने भाजपा के लाल बहादुर को 23,878 मतों से हराया था.

Author
28 Oct 2026
( Updated: 28 Oct 2026
05:17 PM )
UP Election 2027: क्या कहता है कौशांबी का सियासी मुकाबला, 2022 में सिराथू से केशव प्रसाद मौर्य को मिली थी हार
Image Credit: IANS/AI-generated
Advertisement

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं. सभी राजनीतिक दल जमीनी स्तर पर अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जहां लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी, वहीं विपक्षी दल सत्ता परिवर्तन की उम्मीद के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में कौशांबी जिले की सिराथू, चायल और मंझनपुर विधानसभा सीटों पर भी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी. वर्ष 2022 के चुनाव में इन सीटों पर अलग-अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिले थे. 

कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट जहां (सपा) गठबंधन की पल्लवी पटेल ने मरी थी बाज़ी 

कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट वर्ष 2022 के चुनाव में प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में शामिल रही थी. यहां भाजपा ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को उम्मीदवार बनाया था, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन की ओर से पल्लवी पटेल चुनाव मैदान में थीं. इस मुकाबले में पल्लवी पटेल ने केशव प्रसाद मौर्य को 7,337 मतों से हराकर सबको चौंका दिया था.

UP Election 2027: क्या कहता है शामली जिले का चुनावी गणित, यहां रहा है सपा गठबंधन का दबदबा

2022 के चुनाव में पल्लवी पटेल को मिले थे 1,06,278 वोट

Advertisement

चुनाव में पल्लवी पटेल को 1,06,278 वोट मिले थे, जबकि केशव प्रसाद मौर्य को 98,941 मत प्राप्त हुए थे. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मुनसाब अली 10,073 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे. वहीं, कांग्रेस की सीमा देवी को 845 वोट मिले थे. कुल 727 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना था. 

कौशांबी जिले की चायल विधानसभा सीट पर वर्ष 2022 में सपा की उम्मीदवार पूजा पाल ने जीत दर्ज की थी. उन्होंने बसपा प्रत्याशी अतुल कुमार द्विवेदी को हराया था. कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रही थीं. पूजा पाल बाद में भाजपा में शामिल हो गईं. इस सीट पर ज्यादातर दलित और पिछड़े वर्ग के लोग विधायक बने हैं. इस सीट पर एक समय बहुजन समाज पार्टी का कब्जा रहता था, लेकिन 2017 में बसपा मोदी लहर के आगे टिक नहीं सकी. 2017 के चुनावों में बसपा तीसरे पायदान पर चली गई थी. वहीं, इस सीट पर आज तक कभी भी सपा का खाता नहीं खुल सका था, लेकिन 2022 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार पूजा पाल ने जीत हासिल की थी.

UP Election 2027: रामपुर की पांच सीटों पर किसका पलड़ा भारी? जानिए यहाँ किसकी होगी जीत?

1977 में हुआ यहां पहला विधानसभा चुनाव

मंझनपुर विधानसभा सीट का गठन 1974 के परिसीमन के बाद हुआ था. यहां पहला विधानसभा चुनाव 1977 में हुआ, जिसमें जनता पार्टी के टिकट पर नत्थू राम ने जीत दर्ज की थी. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के इंद्रजीत सरोज ने भाजपा के लाल बहादुर को 23,878 मतों से हराया था. लाल बहादुर के खाते में 97,628 मत आए थे. बसपा की नीतू कनौजिया 25,430 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं. यह इंद्रजीत सरोज की मंझनपुर सीट से पांचवीं जीत थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें

अगर मंझनपुर विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो यहां चुनाव के दौरान कुल मतदाताओं में दलित (पासी और धोबी समाज), पिछड़े वर्ग और सवर्ण समुदाय की आबादी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. अगर देखा जाए तो क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी दलित मतदाताओं की है, जो लगभग 21 प्रतिशत हैं. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें