जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

UP Election 2027: कानपुर देहात की 4 सीटों पर भाजपा का दबदबा, इस बार सपा से मिलेगी कड़ी चुनौती

कानपुर देहात उत्तर प्रदेश का वो जिला है जिससे राजनीति में भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है. इस जिले में कुल 4 विधानसभा सीटें हैं. जाने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर इस सीट का समीकरण.

Author
28 Oct 2026
( Updated: 28 Oct 2026
02:28 PM )
UP Election 2027: कानपुर देहात की 4 सीटों पर भाजपा का दबदबा, इस बार सपा से मिलेगी कड़ी चुनौती
Image Credit: IANS/AI
Advertisement

कानपुर देहात जिला उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है. जिले में कुल 4 विधानसभा सीटें हैं और 2022 के विधानसभा चुनाव में चारों पर भाजपा ने कब्जा जमाया था. अब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं.  

माना जा रहा है कि इस बार समाजवादी पार्टी (सपा) और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी. 

2022 में चारों सीटों पर ऐसे रहे थे चुनावी समीकरण

कानपुर देहात की चारों विधानसभा सीटों के सियासी गणित पर एक नजर डालें तो, रसूलाबाद सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. यहां से भारतीय जनता पार्टी की पूनम शंखवार विधायक हैं. वह 18वीं विधानसभा (2022 में निर्वाचित) में भाजपा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं.

UP Election 2027: रामपुर की पांच सीटों पर किसका पलड़ा भारी? जानिए यहाँ किसकी होगी जीत?

Advertisement

2022 के चुनाव में पूनम शंखवार ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के कमलेश चंद्र दिवाकर को हराया था.

कानपुर देहात जिला भाजपा का गढ़

अकबरपुर-रनियां सीट पर भी भाजपा का कब्जा है. यहां से भाजपा की प्रतिभा शुक्ला विधायक हैं. 2022 के चुनाव में प्रतिभा शुक्ला ने सपा के डॉ. राम प्रकाश कुशवाहा को बड़े अंतर से हराया था. प्रतिभा शुक्ला ने करीब 13,417 वोटों के अंतर से यह चुनाव जीता था.

Advertisement

सिकंदरा सीट सामान्य (अनारक्षित) है और इटावा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. 2022 के चुनाव में भाजपा के अजीत सिंह पाल ने यहां से जीत दर्ज की थी. उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रभाकर पांडे को बड़े अंतर से हराया था. इस सीट पर मतदान प्रतिशत करीब 60.79 प्रतिशत रहा था.

2022 में भोगनीपुर सीट पर भाजपा को मिली थी प्रचंड जीत

भोगनीपुर सीट भी सामान्य सीट है और जालौन संसदीय सीट के अंतर्गत आती है. 2022 के चुनाव में भाजपा के राकेश सचान ने यहां से जीत हासिल की थी. उन्होंने सपा के नरेंद्र पाल सिंह को बड़े अंतर से हराया था. इस सीट पर बसपा के जुनैद खान तीसरे नंबर पर रहे थे. यहां का मतदान प्रतिशत उस समय करीब 62.34 प्रतिशत रहा था.

UP Election 2027: संभल में सपा और भाजपा के बीच कैसी रही थी टक्कर? देखें पिछले चुनाव के नतीजे

2010 में कानपुर देहात का नाम बदलकर रमाबाई नगर रखा गया था

Advertisement

बता दें कि कानपुर देहात उत्तर प्रदेश का एक अहम जिला है. इसका मुख्यालय माती में है. प्रदेश सरकार ने पहले कानपुर जिले को दो हिस्सों में बांटा था, जिनमें कानपुर नगर और कानपुर देहात शामिल हैं. 1 जुलाई 2010 की अधिसूचना द्वारा कानपुर देहात का नाम बदलकर रमाबाई नगर कर दिया गया था, लेकिन 2012 में फिर से इसका नाम कानपुर देहात कर दिया गया.

भौगोलिक रूप से यह जिला गंगा और यमुना के दोआब के निचले भाग में स्थित है. इसकी सीमाएं प्रदेश के 5 जिलों (हमीरपुर, जालौन, औरैया, कन्नौज और कानपुर नगर) से मिलती हैं. इसके पश्चिम-उत्तर में कन्नौज, पश्चिम में औरैया, दक्षिण-पूर्व में हमीरपुर, उत्तर-पूर्व में कानपुर नगर और दक्षिण में जालौन जिला स्थित है.

यह भी पढ़ें

प्रशासनिक रूप से जिले में 6 तहसीलें हैं, जिनमें भोगनीपुर, अकबरपुर, डेरापुर, सिकंदरा, रसूलाबाद और मैथा शामिल हैं. वहीं, 10 विकास खंड हैं, जिनमें अमरौधा, मलासा, डेरापुर, झींझक, अकबरपुर, सरवन खेड़ा, राजपुर, संदलपुर, रसूलाबाद और मैथा शामिल हैं.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें