योगी सरकार का विकसित भारत-2047 के लिए स्वच्छ और किफायती ऊर्जा व्यवस्था पर जोर
ए.के. शर्मा ने कहा कि ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग तथा ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देकर प्रदेश में एक सक्षम और आधुनिक ऊर्जा व्यवस्था विकसित की जा सकती है. ऊर्जा संक्रमण को प्रभावी बनाने के लिए राज्यों के बीच समन्वय, अनुभवों का आदान-प्रदान और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां तैयार करना महत्वपूर्ण है.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए स्वच्छ, सतत और किफायती ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने पर जोर दे रही है. इसी दिशा में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) की ओर से आयोजित पॉवरिंग विकसित भारत 2047: सबनेशनल पाथवे फॉर इंडिया एनर्जी ट्रांजीशन विषयक बैठक में वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया. बैठक में स्वच्छ ऊर्जा, विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति, विद्युत ग्रिड के आधुनिकीकरण और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई.
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योगी सरकार में पूरा होगा विकसित भारत-2047 का सपना
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है. प्रदेश सरकार स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा को बढ़ावा देने, नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार करने तथा नागरिकों को विश्वसनीय और किफायती बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करना, आधुनिक तकनीक अपनाना और विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाना आवश्यक है.
ग्रिड आधुनिकीकरण और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश पर मंथन
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ए.के. शर्मा ने कहा कि ऊर्जा संसाधनों का बेहतर उपयोग तथा ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन देकर प्रदेश में एक सक्षम और आधुनिक ऊर्जा व्यवस्था विकसित की जा सकती है. ऊर्जा संक्रमण को प्रभावी बनाने के लिए राज्यों के बीच समन्वय, अनुभवों का आदान-प्रदान और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप नीतियां तैयार करना महत्वपूर्ण है. उत्तर प्रदेश स्वच्छ, सतत एवं किफायती ऊर्जा व्यवस्था के विकास के माध्यम से विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प में प्रभावी योगदान देने के लिए निरंतर प्रयासरत है.