सिर पर पगड़ी, हाथ में लाठी, मुंह पर नकाब...संसद मार्ग के पास बैरिकेड्स पर चढ़े प्रदर्शनकारी, पुलिस पर भी पत्थरबाजी
CJP Protest Live: 22 और 23 की दरमियानी रात जंतर-मंतर और संसद मार्ग जंग का मैदान बनता दिखा. यहां पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स पर प्रदर्शनकारी चढ़ गए और नारेबाजी की. इतना ही नहीं पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी और जवान घायल हो गए.
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दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का धरना लगातार जारी है. 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के बाद आंदोलन में और तेजी आती हुई दिखाई दे रही है. इसी कड़ी में बीती रात धरनास्थल पर तनाव बढ़ गया. इसके अलावा संसद मार्ग के पास जमकर बवाल हुआ और पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर प्रदर्शन किया.
संसद मार्ग पर देर रात डटे प्रदर्शनकारी
ख़बर के मुताबिक पुलिस के जवानों पर पत्थरबाजी भी हुई जिसमें कई सुरक्षाकर्मी, पुलिस के जवान औ अधिरकारी घायल हुए. आपको बताएं कि 22 और 23 जुलाई की दरमियानी रात पुलिस पूरी रात भीड़ के बीचोंबीच खड़े रहे और प्रदर्शनकारियों पर नज़र रखी. इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने अपना चेहरा मास्क और रुमाल से ढक रखा था ताकि उनकी निशानदेही ना की जा सके. इसी बीच 22 जुलाई को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिसकर्मियों का हालचाल जानने दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर देवेश चंद्र श्रीवास्तव आरएमएल अस्पताल पहुंचे.
क्या है प्रदर्शनकारियों की ताजा मांगें?
आपको बता दें कि सरकार की ओर से बातचीत का भरोसा, पेपर लीक मामलों की जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाने के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांग को लेकर डटे हैं. प्रदर्शनकारियों की ओर से मांग की जा रही है कि नीट सहित अन्य परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए.
इसी कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तनातनी की स्थिति बनी रही. कहा जा रहा है कि संसद भवन की ओर जाने वाली वीवीआईपी सड़क संसद मार्ग तक कई प्रदर्शनकारी पहुंच गए और पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड तक चेहरा छिपाकर पहुंचे और डट गए.
वांगचुक से मिलने पहुंचा विपक्षी प्रतिनिधिमंडल
इसके अलावा सोनम वांगचुक से मिलने विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मेदांता अस्पताल पहुंचा. इसमें कांग्रेस की ओर से विवेक तन्खा, सीपीआई एम के जॉन ब्रिटास और टीएमसी की सागरिका घोष समेत कई विपक्षी सांसद शामिल थे. विपक्षी सांसदों ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की. इस दौरान इनकी ओर से भरोसा दिलाया कि परीक्षा सुधार और शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही के मुद्दे संसद में उठाए जाएंगे.
During the night of July 22–23, Special CP (L&O Zone-I) Devesh Chandra Srivastava visited Dr. RML Hospital to meet police personnel seriously injured during the CJP protests held at Jantar Mantar on July 22 and reviewed their condition: Delhi Police pic.twitter.com/dLUdr34e13
— IANS (@ians_india) July 23, 2026Advertisement
मेदांता से सामने आई सोनम वांगचुक की बड़ी अपील
इसी बीच गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में अनशन के 25वें दिन सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यदि सरकार छात्रों पर कोई केस न दर्ज करने का आश्वासन दे, तो वे आज ही अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे. आपको बता दें कि वांगचुक का लगभग 11 किलो वजन घट गया है और शारीरिक कमजोरी के बावजूद उन्होंने धरना जारी रखने की इच्छा जताई है.
सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांग पर विचार का दिया भरोसा
इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने, संसद में चर्चा कराने और प्रधान के इस्तीफे पर विचार का भरोसा दिया. दूसरी ओर, सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर इंटरनेट बंद होने का आरोप लगाते हुए किसी एक्शन की आशंका जताई और सुरक्षा बलों से अवैध आदेश न मानने की अपील की. इस बीच, 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे रहे, हालांकि पुलिस ने इस कार्रवाई को ये कह कर डिफेंड करने की कोशिश की कि सुरक्षा घेरा तोड़े जाने के कारण कार्रवाई हुई.
Delhi Police and RAF personnel were attacked by a crowd. Delhi Police are identifying those involved in the violence, and several people have been detained. The incident took place near Jantar Mantar: Delhi Police sources pic.twitter.com/AL6E27FYl1
— IANS (@ians_india) July 22, 2026
दिल्ली पुलिस पर हुई पत्थरबाजी में कई जवान हुए घायल
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इसी बीच जंतर-मंतर पर स्थिति उस वक्त बिगड़ गई जब कथित तौर पर भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया. इस हिंसा में पंजाबी बाग के एसीपी जय प्रकाश समेत कुल छह पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. वहीं शिवाजी पार्क इलाके में बिना मंजूरी के नीट के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे करीब 200 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिसके बाद जमा हुई 1500 की भीड़ को शांतिपूर्ण तरीके से हटा दिया गया. इन तमाम तनावपूर्ण स्थितियों और पुलिसिया कार्रवाई के बीच जंतर-मंतर पर सीजेपी का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है.