जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

सिर पर पगड़ी, हाथ में लाठी, मुंह पर नकाब...संसद मार्ग के पास बैरिकेड्स पर चढ़े प्रदर्शनकारी, पुलिस पर भी पत्थरबाजी

CJP Protest Live: 22 और 23 की दरमियानी रात जंतर-मंतर और संसद मार्ग जंग का मैदान बनता दिखा. यहां पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स पर प्रदर्शनकारी चढ़ गए और नारेबाजी की. इतना ही नहीं पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी और जवान घायल हो गए.

Author
23 Jul 2026
( Updated: 23 Jul 2026
11:38 AM )
सिर पर पगड़ी, हाथ में लाठी, मुंह पर नकाब...संसद मार्ग के पास बैरिकेड्स पर चढ़े प्रदर्शनकारी, पुलिस पर भी पत्थरबाजी
CJP Protest/ Image Source: IANS
Advertisement

दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का धरना लगातार जारी है. 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के बाद आंदोलन में और तेजी आती हुई दिखाई दे रही है. इसी कड़ी में बीती रात धरनास्थल पर तनाव बढ़ गया. इसके अलावा संसद मार्ग के पास जमकर बवाल हुआ और  पुलिस बैरिकेड पर चढ़कर प्रदर्शन किया.

संसद मार्ग पर देर रात डटे प्रदर्शनकारी

ख़बर के मुताबिक पुलिस के जवानों पर पत्थरबाजी भी हुई जिसमें कई सुरक्षाकर्मी, पुलिस के जवान औ अधिरकारी घायल हुए. आपको बताएं कि 22 और 23 जुलाई की दरमियानी रात पुलिस पूरी रात भीड़ के बीचोंबीच खड़े रहे और प्रदर्शनकारियों पर नज़र रखी. इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने अपना चेहरा मास्क और रुमाल से ढक रखा था ताकि उनकी निशानदेही ना की जा सके. इसी बीच 22 जुलाई को जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिसकर्मियों का हालचाल जानने दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर देवेश चंद्र श्रीवास्तव आरएमएल अस्पताल पहुंचे.

क्या है प्रदर्शनकारियों की ताजा मांगें?

आपको बता दें कि सरकार की ओर से बातचीत का भरोसा, पेपर लीक मामलों की जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाने के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांग को लेकर डटे हैं. प्रदर्शनकारियों की ओर से मांग की जा रही है कि नीट सहित अन्य परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए. 

Advertisement

इसी कारण पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तनातनी की स्थिति बनी रही. कहा जा रहा है कि संसद भवन की ओर जाने वाली वीवीआईपी सड़क संसद मार्ग तक कई प्रदर्शनकारी पहुंच गए और पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड तक चेहरा छिपाकर पहुंचे और डट गए.


वांगचुक से मिलने पहुंचा विपक्षी प्रतिनिधिमंडल

इसके अलावा सोनम वांगचुक से मिलने विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मेदांता अस्पताल पहुंचा. इसमें कांग्रेस की ओर से विवेक तन्खा, सीपीआई एम के जॉन ब्रिटास और टीएमसी की सागरिका घोष समेत कई विपक्षी सांसद शामिल थे. विपक्षी सांसदों ने वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की. इस दौरान इनकी ओर से भरोसा दिलाया कि परीक्षा सुधार और शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही के मुद्दे संसद में उठाए जाएंगे.

मेदांता से सामने आई सोनम वांगचुक की बड़ी अपील

इसी बीच गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में अनशन के 25वें दिन सोनम वांगचुक ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि यदि सरकार छात्रों पर कोई केस न दर्ज करने का आश्वासन दे, तो वे आज ही अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे. आपको बता दें कि वांगचुक का लगभग 11 किलो वजन घट गया है और शारीरिक कमजोरी के बावजूद उन्होंने धरना जारी रखने की इच्छा जताई है. 

सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांग पर विचार का दिया भरोसा

इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने उनसे मुलाकात कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने, संसद में चर्चा कराने और प्रधान के इस्तीफे पर विचार का भरोसा दिया. दूसरी ओर, सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर इंटरनेट बंद होने का आरोप लगाते हुए किसी एक्शन की आशंका जताई और सुरक्षा बलों से अवैध आदेश न मानने की अपील की. इस बीच, 20 जुलाई के 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस के लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर डटे रहे, हालांकि पुलिस ने इस कार्रवाई को ये कह कर डिफेंड करने की कोशिश की कि सुरक्षा घेरा तोड़े जाने के कारण कार्रवाई हुई.

Advertisement

दिल्ली पुलिस पर हुई पत्थरबाजी में कई जवान हुए घायल

यह भी पढ़ें

इसी बीच जंतर-मंतर पर स्थिति उस वक्त बिगड़ गई जब कथित तौर पर भीड़ में शामिल असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया. इस हिंसा में पंजाबी बाग के एसीपी जय प्रकाश समेत कुल छह पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. वहीं शिवाजी पार्क इलाके में बिना मंजूरी के नीट के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे करीब 200 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया, जिसके बाद जमा हुई 1500 की भीड़ को शांतिपूर्ण तरीके से हटा दिया गया. इन तमाम तनावपूर्ण स्थितियों और पुलिसिया कार्रवाई के बीच जंतर-मंतर पर सीजेपी का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें