‘ये भाग्य लक्ष्मी है…तुरंत पीछे हटो’, होर्मुज पार कर रहे भारतीय जहाज को ईरानी सेना की चेतावनी, सामने आया AUDIO
ईरानी सेना द्वारा होर्मुज से भारतीय जहाज को पीछे लौटा दिया गया. IRGC कैप्टन द्वारा चेतावनी जारी की गई, जिसका अनुपालन करते हुए वो पीछे लौट गया. अब इसका Audio सामने आया है.
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ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एसएनएससी) ने कहा है कि जब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित नहीं हो जाती, तब तक वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर अपना नियंत्रण और निगरानी बनाए रखेगा. इतना ही नहीं दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की घटना भी सामने आई है, जिसको लेकर भारत ने अपनी नाराजगी जाहिर किया है. इसको लेकर दिल्ली में ईरानी राजदूत को विदेश मंत्रालय तलब किया गया और सख्त प्रोटेस्ट दर्ज कराया गया. ईरान के दूत मोहम्मद फथाली ने भारत की चिंताओं को ईरानी सरकार को बताने और दूर करने की बात कही है.
इसी बीच ईरानी सेना द्वारा भारतीय जहाज को पीछे जाने या लौटने की चेतावनी देना वाला ऑडियो सामने आया है. कहा जा रहा है ये कि ये जहाज बीते दिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर रहा था, जहां पर उसे रोका गया और तुरंत अपने पोर्ट पर लौटने का निर्देश दिया. इस दौरान दोनों ओर से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है.
इसमें भारतीय जहाज के कैप्टन और IRGC नेवी कैप्टन के बीच बातचीत सुनाई दे रही है. इसमें भारतीय झंडेधारी जहाज के कैप्टन से IRGC नेवी कैप्टन साफ-साफ कह रहे हैं: 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही पर अभी भी रोक है, आप यहां से तुरंत अपने पोर्ट पर लौट जाएं, गो टू बैक इमीडीएटली. भारतीय कैप्टन ने जवाब में कहा, 'ठीक है, मैं आपका मैसेज दोहराता हूं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी बंद है, ओके सर.' इसके बाद IRGC नेवी कैप्टन ने जवाब दिया, 'जी सर.'आपको बताएं कि इस जहाज का नाम 'भाग्य लक्ष्मी' है, जिसके ही चालक दल ने ये संवाद साझा किया है. बता दें कि भाग्य लक्ष्मी ने ईरानी सेना की चेतावनी के बाद अपना रास्ता बदल लिया.
होर्मुज पूरी तरह बंद!
ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह बयान उस समय आया जब ईरान की मुख्य सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय’ ने शनिवार को घोषणा की कि अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहने के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से सख्त नियंत्रण शुरू किया जा रहा है.
🇮🇷 Radio conversation between Cargo Ship "Bhagya Laxmi" & the Iranian Navy.
— Defence News Of INDIA (@DefenceNewsOfIN) April 18, 2026
"There is no permission for you to cross the strait."
Via: @MenchOsint pic.twitter.com/A8pEiX3Pc3
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, एसएनएससी ने बताया कि वह इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से उनकी जानकारी मांगेगा, उन्हें आने-जाने की अनुमति देगा, सुरक्षा और पर्यावरण सेवाओं के लिए शुल्क लेगा और अपने नियमों तथा युद्धकालीन व्यवस्था के अनुसार जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करेगा.
ईरान ने अमेरिका के विरोध में होर्मुज को किया ब्लॉक
परिषद ने कहा, "जब तक दुश्मन इस जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन में बाधा डालने की कोशिश करता रहेगा और नौसैनिक नाकाबंदी जैसे तरीकों का सहारा लेता रहेगा, जिसे (वर्तमान दो-सप्ताह के) संघर्ष-विराम का उल्लंघन माना जाएगा, तब तक देश होर्मुज जलडमरूमध्य को सशर्त और सीमित रूप से फिर से खोलने की अनुमति नहीं देगा."
मुनीर ने पहुंचाया अमेरिका का प्रस्ताव!
एसएनएससी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों तक जाने वाला काफी सामान इसी जलडमरूमध्य के जरिए पहुंचता है, जो ईरान और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है. इसके अलावा, ईरान ने बताया कि उसे अमेरिका की ओर से नए प्रस्ताव मिले हैं, जो पाकिस्तान के माध्यम से उसके सेना प्रमुख आसिम मुनीर की हालिया यात्रा के दौरान पहुंचाए गए थे और ईरान इन पर विचार कर रहा है. ईरान के वार्ताकारों ने साफ किया है कि वे किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे और देश के हितों की पूरी ताकत से रक्षा करेंगे.
#WATCH | Delhi: Ambassador of Iran to India, Dr. Mohammad Fathali leaves from the Ministry of External Affairs (MEA). More details awaited. pic.twitter.com/01AlP4KBlR
— ANI (@ANI) April 18, 2026
28 फरवरी के बाद होर्मुज पर है ईरान का फुल कंट्रोल!
ईरान ने 28 फरवरी से इस जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू की थी, जब इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे. इसके बाद हाल ही में अमेरिका ने ईरान आने-जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नाकेबंदी भी लगा दी, क्योंकि इस्लामाबाद में शांति वार्ता असफल हो गई थी. हालांकि शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा था कि 8 अप्रैल से शुरू हुए दो हफ्ते के युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला रहेगा.
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लेकिन शनिवार को ईरान की सैन्य कमान ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय’ ने फिर से घोषणा की कि अमेरिका की नाकेबंदी जारी रहने के कारण जलडमरूमध्य पर सख्त नियंत्रण दोबारा लागू किया जा रहा है.
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