कोयला तस्करी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी
ईडी की जांच में हवाला ऑपरेटरों के साथ गहरे संबंध भी उजागर हुए हैं. कई बयानों और दस्तावेजी सबूतों से यह पुष्टि हुई कि कोयला तस्करी से अर्जित धन को हवाला नेटवर्क के जरिए लेयरिंग की गई.
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 स्थानों पर छापेमारी की. ईडी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है.
संगठित कोयला तस्करी सिंडिकेट का खुलासा
ईडी की जांच में सामने आया है कि अनूप माजी के नेतृत्व में एक संगठित कोयला तस्करी सिंडिकेट पश्चिम बंगाल के ईसीएल लीजहोल्ड क्षेत्रों से अवैध रूप से कोयला निकालकर उसे बांकुरा, बर्धमान, पुरुलिया समेत राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित फैक्ट्रियों और प्लांट्स को बेचता था. जांच एजेंसियों के अनुसार, इस अवैध कोयले का बड़ा हिस्सा शाकंभरी ग्रुप की कंपनियों को बेचा गया.
हवाला नेटवर्क के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
ईडी की जांच में हवाला ऑपरेटरों के साथ गहरे संबंध भी उजागर हुए हैं. कई बयानों और दस्तावेजी सबूतों से यह पुष्टि हुई कि कोयला तस्करी से अर्जित धन को हवाला नेटवर्क के जरिए लेयरिंग की गई.
इस नेटवर्क में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) को करोड़ों रुपये के लेनदेन में मदद मिलने के संकेत मिले हैं. 8 जनवरी 2026 को पीएमएलए के तहत हुई तलाशी में कोयला तस्करी से जुड़े लोग, हवाला ऑपरेटर, और हैंडलर शामिल पाए गए हैं.
ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने का आरोप
गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई. सर्च के दौरान कुछ स्थानों पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. ईडी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस के हस्तक्षेप से जांच में बाधा पहुंची और कुछ जगहों से भौतिक दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य हटा लिए गए.
ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह सबूतों के आधार पर की गई है, किसी राजनीतिक संस्था या पार्टी कार्यालय को निशाना नहीं बनाया गया है और इसका किसी चुनाव से कोई संबंध नहीं है. यह मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ नियमित और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई है.
2020 से चल रही है जांच
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अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने 28 नवंबर 2020 को ईसीआईआर दर्ज किया था. जांच अनूप माजी और अन्य के खिलाफ चल रही है. यह कार्रवाई सीबीआई कोलकाता की एफआईआर संख्या आरसी0102020ए0022 27 नवंबर 2020 के आधार पर की गई. इस मामले में जल्द ही कई लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है.
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