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BJP छोड़ अन्नामलाई ने बनाई नई पार्टी, 10 घंटे के अंदर जुड़ गए 10 लाख से ज्यादा लोग, टेंशन में CM विजय

तमिलनाडु बीजेपी के पोस्टर ब्वाय और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई के इस्तीफे के बाद पार्टी में खलबली मच गई है. पार्टी के दो सीनियर नेताओं सहित कम से कम 14 पार्टी पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.

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06 Jun 2026
( Updated: 06 Jun 2026
06:26 PM )
BJP छोड़ अन्नामलाई ने बनाई नई पार्टी, 10 घंटे के अंदर जुड़ गए 10 लाख से ज्यादा लोग, टेंशन में CM विजय
K Annamalai Quit, BJP In Shock (Image: IANS)
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तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को औपचारिक तौर पर पार्टी को अलविदा कह दिया. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति में बड़ा और निर्णायक बदलाव लाना है. उनकी बीजेपी से इस्तीफे के बाद पार्टी में इस्तीफे की झड़ी लगती दिख रही है. इतना ही नहीं अन्नामलाई की पार्टी के बनने के 10 घंटे के अंदर 10 लाख लोगों ने इसकी सदस्यता ले ली है.

अन्नामलाई के पार्टी बनाते ही 10 घंटे के भीतर 10 लाख से ज्यादा लोगों कराया रजिस्ट्रेशन 

आपको बता दें कि के अन्नामलाई के इस्तीफे और नई पार्टी बनाने 10 घंटे के भीतर 10 लाख से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया लिया है. अन्नामलाई ने दावा किया है कि उनकी नई पार्टी ‘इधु नम्मा इयक्कम’ को शुरुआत से ही व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है. अन्नामलाई ने इसे आम लोगों का आंदोलन बताते हुए कहा कि यह राज्य के भविष्य को लेकर साझा सोच और मिशन का प्रतीक है. 

अन्नामलाई के समर्थन में बीजेपी उपाध्यक्ष का भी इस्तीफा

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अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष कारु नागराजन ने भी पार्टी को टाटा-बाय-बाय कह दिया है. उन्होंने अन्नामलाइ के समर्थन में ये फैसला लिया है. उन्होंने कहा कि कि मैंने और कई भाजपा नेताओं ने अन्नामलाई का समर्थन करने का फैसला किया है.

कारू नागराजन के बाद सुमति वेंकटेश ने भी छोड़ी पार्टी

कारु नागराजन के अलावा स्टेट सेक्रेटरी सुमति वेंकटेश ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. वहीं वहीं, टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक कारू नागराजन और सुमति वेंकटेश के साथ-साथ कम से कम 14 अन्य अधिकारियों ने भी पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया है. अन्नामलाई की पार्टी से विदाई और पार्टी नेताओं के इस्तीफे के बाद पहले से ही राज्य की राजनीति में अपनी जमीन तलाश रही बीजेपी के लिए किसी झटके से कम नहीं है.

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अन्नामलाई ने 5 जून को बनाई नई पार्टी

आपको बता दें कि अन्नामलाई ने बीजेपी से इस्तीफे के बाद 5 जून को नई पार्टी बनाने की घोषणा की. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से वीडियो मैसेज में कहा, ‘आज हम अपना स्वतंत्र आंदोलन खड़ा कर रहे हैं. हमारी पार्टी तमिलनाडु में 2031 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी.’

अन्नामलाई की नई वेबसाइट भी लॉन्च

इसके अलावा उन्होंने ‘We The Leaders’ नाम से नया प्लेटफॉर्म और wetheleader.org वेबसाइट भी लॉन्च करने की घोषणा की है. अन्नामलाई ने नई वेबसाइट की लॉन्चिंग के साथ-साथ कोयंबटूर में एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर फॉर इथि​क्स एंड पॉलिटिक्स संस्थान भी स्थापित करने की घोषणा की है. अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे हैं.

कैसी होगी अन्नामलाई की राजनीति?

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कर्नाटक कैडर के पूर्व IPS अधिकारी रहे के. अन्नामलाई ने साफ किया है कि वह पारंपरिक राजनीतिक तरीकों से अलग जनता के समर्थन पर आधारित एक आंदोलन को आगे बढ़ाने पर ध्यान देंगे. उनका कहना है कि यह पहल राज्य की जाति-आधारित राजनीति को बदलने और पिछले कई दशकों से तमिलनाडु की राजनीति पर प्रभाव रखने वाली द्रविड़ विचारधारा को चुनौती देने का प्रयास होगी.

अपने पुलिस करियर के दौरान अन्नामलाई को उनके सख्त और अलग कार्यशैली के कारण 'सिंघम' कहा जाने लगा था. अब उन्हें उम्मीद है कि वह राजनीति में भी उसी तरह अपनी छाप छोड़ेंगे और सफलता हासिल करेंगे.

6 साल का रहा अन्नामलाई का बीजेपी में कार्यकाल

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में अपने छह साल के कार्यकाल के दौरान अन्नामलाई की यह सोच कई बार दिखाई दी. उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा का जनाधार बढ़ाने के लिए जोरदार अभियान चलाए. यह ऐसा राज्य है, जहां पिछले करीब पांच दशकों से द्रविड़ दलों का राजनीतिक दबदबा रहा है. बीजेपी नेतृत्व को लिखे अपने इस्तीफे में अन्नामलाई ने राजनीति में आम लोगों और प्रभावशाली वर्ग के बीच मौजूद दूरी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह इस सोच और व्यवस्था को बदलना चाहते हैं, ताकि आम लोगों की भागीदारी राजनीति में बढ़ सके.

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अन्नामलाई का बीजेपी से विदाई वाला ट्वीट!

अन्नामलाई ने लिखा, "मैं इस सोच को बदलना चाहता था कि राजनीति केवल अमीर और चुनिंदा लोगों के लिए है, आम लोगों के लिए नहीं. मैं भाजपा नेतृत्व का दिल से आभारी हूं कि उन्होंने मुझ जैसे युवा और अपेक्षाकृत कम अनुभवी व्यक्ति पर भरोसा जताया और मुझे बड़ी जिम्मेदारियां तथा नेतृत्व का अवसर दिया."

ये भी पढ़ें: BJP छोड़ते ही अन्नामलाई ने किया ऐसा ऐलान, CM विजय की बढ़ाई टेंशन, नई पार्टी की क्या है रणनीति?

उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु के लोग कई दशकों से एक जैसी राजनीतिक बहसों और मुद्दों को सुनते आ रहे हैं. अब वे बदलाव चाहते हैं और नई तरह की राजनीति की उम्मीद कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में कुछ सकारात्मक बदलाव जरूर देखने को मिले, लेकिन वे लंबे समय तक कायम नहीं रह सके."

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ये भी पढ़ें: अन्नामलाई छोड़ेंगे BJP का साथ, बनाएंगे अलग पार्टी, दिल्ली दौरे से अटकलों का बाजार गर्म, 2 जून का दिन अहम

जनाधार बढ़ाना अन्नामलाई के लिए बड़ी चुनौती

भाजपा से औपचारिक रूप से अलग होने के बाद अन्नामलाई अब जनता के समर्थन के आधार पर अपना अभियान आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि उनके इस प्रयास से राज्य की पारंपरिक राजनीति में बड़ा बदलाव आएगा.

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अन्नामलाई की "आम आदमी" वाली छवि और संदेश का लोगों पर असर पड़ सकता है. देश के कुछ अन्य राज्यों में भी इस तरह के प्रयोग पहले किए जा चुके हैं. हालांकि, किसी मजबूत संगठन और पार्टी ढांचे के बिना यह पहल कितनी सफल होगी, यह आने वाले समय में ही पता चलेगा.

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टिप्पणियाँ 1
G
Guest (अतिथि)
P
Parasmal Jain
3 months ago

Understanding of Annaamali is near to clarity we are to see effectiveness.

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