अन्नामलाई छोड़ेंगे BJP का साथ, बनाएंगे अलग पार्टी, दिल्ली दौरे से अटकलों का बाजार गर्म, 2 जून का दिन अहम
तमिलनाडु में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई के अगले सियासी कदम को लेकर अटकलों का बाजार र्म हो गया है. कहा जा रहा है कि पार्टी में भविष्य और एक खेमे के साथ मतभेद को लेकर कहा जा रहा है कि अन्नामलाई अलग कदम उठा सकते हैं.
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तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. कोयंबटूर में उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए विशाल पोस्टरों से अफवाहें फैल रही हैं कि वे एक अलग राजनीतिक मंच बनाने जैसी कोई महत्वपूर्ण राजनीतिक पहल करने की तैयारी कर रहे हैं.
अन्नामलाई को लेकर तमिलनाडु से लेकर दिल्ली तक अटकलों का बाजार गर्म
4 जून को अन्नामलाई के जन्मदिन से पहले प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर 'हमारे नेता, आइए और हमारा नेतृत्व कीजिए' जैसे नारों वाले ये पोस्टर लगाए गए थे. इन पोस्टरों के लगने से तमिलनाडु के राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा छिड़ गई है, खासकर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी नेतृत्व के कुछ वर्गों के बीच बढ़ते मतभेदों की खबरों के बीच.
माहौल को और भी पेचीदा बनाते हुए अन्नामलाई सोमवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुए और मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करने वाले हैं. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पार्टी में उनकी भविष्य की भूमिका और आगे की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है.
अन्नामलाई ने भी साध रखी है चुप्पी!
खबरों में यह भी कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय राजधानी की अपनी यात्रा के दौरान वे भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं. दिल्ली रवाना होने से पहले अन्नामलाई ने अपने बारे में चल रही अटकलों पर विस्तार से टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने कहा कि कृपया प्रतीक्षा करें. हम दो दिन में बैठकर बात करेंगे. इस टिप्पणी ने संभावित घोषणा को लेकर उत्सुकता को और बढ़ा दिया है.
कैसा रहा है अन्नामलाई का बीजेपी में करियर?
भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी अन्नामलाई 2020 में भाजपा में शामिल हुए और तेजी से तमिलनाडु में पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक बन गए. 2021 से 2025 तक राज्य भाजपा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कई राज्यव्यापी अभियानों का नेतृत्व किया और युवा मतदाताओं और सोशल मीडिया फॉलोअर्स के बीच एक मजबूत समर्थन आधार बनाया. 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गईं, जिसमें भाजपा के सबसे जाने-माने चेहरों में से एक होने के बावजूद उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा.
कक्षा नौ के छात्रों के लिए त्रिभाषा नीति को आगे बढ़ाने के केंद्र के फैसले की उनकी हालिया आलोचना ने भी राजनीतिक बहस छेड़ दी और पार्टी नेतृत्व के साथ उनके संबंधों को लेकर नई अफवाहें पैदा कर दीं. जहां कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि अन्नामलाई भाजपा में अधिक प्रमुख भूमिका तलाश सकते हैं, वहीं अन्य का अनुमान है कि वे एक अलग राजनीतिक मंच बना सकते हैं.
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हालांकि, भाजपा नेताओं ने किसी भी विभाजन की अटकलों को खारिज कर दिया है, और उनका कहना है कि अन्नामलाई पार्टी के एक महत्वपूर्ण नेता बने रहेंगे. मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ उनकी बैठक निर्धारित होने के कारण, राजनीतिक विश्लेषक अन्नामलाई के अगले कदम को स्पष्ट करने वाले संकेतों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं.