चिकेन नेक पर डाली आंख तो खैर नहीं...सिलीगुड़ी कॉरिडोर से अभेद्द हुई सुरक्षा, गृह मंत्री अमित शाह का ऑन स्पॉट जायजा
गृह मंत्री अमित शाह ने सिलीगुड़ी में बांग्लादेश की सीमा को सेक्योर करने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए उन्होंने सिलीगुड़ी कॉरिडोर का जायजा भी लिया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित जुमागाछ सीमा चौकी (बीओपी) का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों से मुलाकात की, सीमा सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कई आधुनिक सीमा सुरक्षा परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया.
गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "बीएसएफ का शौर्य भारत की सीमाओं का अजेय सुरक्षा कवच है. जुमागाछ सीमा चौकी पर हाई-टी के दौरान बीएसएफ के वीर जवानों से संवाद कर खुशी हुई."
उन्होंने बताया कि प्रहरी सम्मेलन के दौरान बीएसएफ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया. साथ ही घुसपैठिया चेतावनी प्रणाली, रेडियो आधारित बाड़ भेदन पहचान प्रणाली, गेट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर और नई डिजाइन की बाड़ पर लगाए गए स्वदेशी बॉर्डर सिक्योरिटी सिस्टम की प्रदर्शनी का अवलोकन कर सीमा पर तैनात जवानों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की. गृह मंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक उपकरणों और आधुनिक अलर्ट सिस्टम से लैस भारत की सीमाएं अब आधुनिक सीमा सुरक्षा का आदर्श उदाहरण बन रही हैं. उन्होंने सिलीगुड़ी कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा, "जो सिलीगुड़ी कॉरिडोर पहले की सरकारों के समय घुसपैठ का गलियारा बन गया था, वह अब सुरक्षित सीमा का पर्याय बन रहा है."
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बीएसएफ की उत्तर बंगाल सीमांत की 18वीं वाहिनी के जुमागाछ बीओपी स्थित वॉच टावर से सीमा निगरानी व्यवस्था का भी निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में केवल वॉच टावरों की संख्या ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि उन्हें अत्याधुनिक तकनीक से भी लैस किया है, जिससे सीमा सुरक्षा पहले की तुलना में अधिक मजबूत और अभेद्य हुई है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और आधुनिक तकनीक के उपयोग के जरिए देश की सीमाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है.
सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा अभेद्द बनाने के निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल के दार्जिलिंग जिले में स्थित सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील 'चिकन नेक' (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) की सुरक्षा को हर हाल में अभेद्य बनाने के सख्त निर्देश दिए हैं. शनिवार को सिलीगुड़ी स्थित राज्य सचिवालय 'उत्तर कन्या' में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने सुरक्षा-व्यवस्था की गहन समीक्षा की. इस अहम बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ-साथ सेना, केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे.
'चिकेन नेक पर डाली आंख तो खैर नहीं'
दरअसल, 22 किलोमीटर लंबा यह 'चिकन नेक' कॉरिडोर सामरिक नजरिए से भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यही वह इकलौता रास्ता है जो पूर्वोत्तर राज्यों को देश की मुख्य भूमि से जोड़ता है. नेपाल और बांग्लादेश की सीमाओं के बीच स्थित इस इलाके की संवेदनशीलता हाल के समय में काफी बढ़ गई है. पिछले दो वर्षों में पड़ोसी देश बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक अस्थिरता के बाद से वहां भारत-विरोधी बयानबाजी तेज हुई है. इसके अलावा, इस क्षेत्र में चीन की बढ़ती निगरानी गतिविधियों की रिपोर्टों ने भी सुरक्षा बलों को चौकन्ना कर दिया है. इन्हीं नई चुनौतियों के मद्देनजर गृह मंत्री का यह दौरा और यहां की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है.
घुसपैठियों से निपटने के लिए हाईटेक सिस्टम
घुसपैठ रोकने और सीमा सुरक्षा को आधुनिक बनाने के लिए सरहद को अब हाई-टेक तकनीकों से लैस किया जा रहा है. अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री ने दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों—जैसे नदियों, नालों और बाड़ के बीच की खाली जगहों—को सुरक्षित करने के लिए लगाए गए 'इन्फ्रारेड अलार्म सिस्टम' का बारीकी से निरीक्षण किया. यह एडवांस सिस्टम इन्फ्रारेड बीम में जरा सी भी रुकावट आते ही जवानों को तुरंत अलर्ट कर देता है. इसके साथ ही, शाह ने सीमा पर किसानों और नागरिकों की सुचारू आवाजाही के लिए 'गेट मैनेजमेंट सिस्टम' का भी जायजा लिया. सीमाई बुनियादी ढांचे को और मजबूत करते हुए उन्होंने वर्चुअल माध्यम से 47 करोड़ रुपये के तीन बीएसएफ (BSF) प्रोजेक्ट्स और 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 4 किलोमीटर लंबी नई फेंसिंग (बाड़) की आधारशिला भी रखी.
बांग्लादेश के साथ बंगाल की सीमाएं सुरक्षित
आपको बता दें कि बांग्लादेश सीमा से होने वाली घुसपैठ को लेकर केंद्र की मोदी सरकार और सुवेंदु सरकार बेहद गंभीर है. इस लिहाज से ना सिर्फ चेक पोस्ट-सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है, बल्कि लंबे समय से BSF को फेंसिंग के लिए जमीन हैंडओवर करने की मांग भी पूरी कर दी गई है. इसी दौरान बीजेपी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश के साथ भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाएं हाल ही में ज्यादा सुरक्षित हुई हैं. ऐसा इसलिए हुआ है, क्योंकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई राज्य सरकार ने सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) को जमीन तेजी से उपलब्ध कराई है.
बीते मंगलवार भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करके बताया था कि मुख्यमंत्री अधिकारी की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने ढाई महीनों में कितनी जमीन सौंपी है.
बाड़बंदी के लिए BSF को सौंपी गई जमीन
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर यह बयान शेयर किया. इसमें दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर 172.6 किलोमीटर की फेंसिंग (बाड़) लगाने के लिए बीएसएफ को कुल 1,024.75 एकड़ जमीन सौंपी गई है.
पश्चिम बंगाल के जिलों की बात करें तो मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा जमीन, 45.4 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 337 एकड़, सौंपी गई है. इसके बाद नॉर्थ 24 परगना में 42.07 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 241.03 एकड़ और मालदा में 20.15 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 176.78 एकड़ जमीन सौंपी गई.
जमीन सौंपने के मामले में चौथा जिला कूचबिहार है, जहां 39.39 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 135.33 एकड़ जमीन दी गई. इसके बाद नादिया में 14.79 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 95.11 एकड़ और साउथ दिनाजपुर में 7.75 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 26.41 एकड़ जमीन सौंपी गई.
नॉर्थ दिनाजपुर जिले में 1.28 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए बॉर्डर गार्ड ऑर्गनाइजेशन को 6.61 एकड़ जमीन सौंपी गई. इसके बाद दार्जिलिंग में 1.45 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 4.31 एकड़ और जलपाईगुड़ी में 0.31 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए 2.17 एकड़ जमीन दी गई.
प्रदीप भंडारी के सोशल मीडिया बयान में कहा गया, "सीमा सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा. पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल भारत की सीमाओं को सुरक्षित कर रहा है. भारत-बांग्लादेश सीमा पर 172.6 किलोमीटर की फेंसिंग के लिए बीएसएफ को 1,024.75 एकड़ जमीन सौंपी गई. राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे पहले."
इस बयान को बाद में सीएम अधिकारी ने भी शेयर किया. जब से सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई भाजपा-शासित राज्य सरकार सत्ता में आई है, बीएसएफ को जमीन सौंपने का काम तेजी से हुआ है, यह एक ऐसा मुद्दा था जिसे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान पूरी तरह नजरअंदाज किया गया था. नई भाजपा-नीत राज्य सरकार की नीति है कि राज्य प्रशासन जमीन मालिकों से 'सीधे जमीन खरीदे,' उस जमीन को बीएसएफ को सौंप दे, और केंद्र सरकार से पैसे की भरपाई ले ले.
