×
जिस पर देशकरता है भरोसा

CM हिमंत बनाम गौरव गोगोई की जंग में जुड़ा ‘रावलपिंडी चैप्टर’, मुख्यमंत्री सरमा ने किया नया चौंकाने वाला दावा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के 2013 के पाकिस्तान दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी. सरमा का दावा है कि गोगोई रावलपिंडी गए थे, जबकि उनके पास वहां का वीजा नहीं था.

CM हिमंत बनाम गौरव गोगोई की जंग में जुड़ा ‘रावलपिंडी चैप्टर’, मुख्यमंत्री सरमा ने किया नया चौंकाने वाला दावा
Gaurav Gogoi / Himant Biswa Sarma (File Photo)
Advertisement

असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है. दोनों नेताओं के बयान अब केवल राजनीतिक मंच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रेस कॉन्फ्रेंस और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी खुलकर सामने आ रहे हैं.

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई के 2013 के पाकिस्तान दौरे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी की रिपोर्ट दिल्ली भेजी जाएगी. सरमा का आरोप है कि गोगोई का पाकिस्तान से जुड़ा कनेक्शन साफ-साफ दिखाई देता है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है.

PAK सेना की गाड़ी में बैठे होंगे गोगोई: CM सरमा 

दरअसल, मंगलवार को बोंगाईगांव में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम सरमा ने नया दावा किया. उन्होंने कहा कि गौरव गोगोई ने खुद स्वीकार किया है कि वह 2013 में रावलपिंडी गए थे. सरमा के अनुसार, यदि उनके पास रावलपिंडी का वीज़ा नहीं था और फिर भी वह वहां पहुंचे, तो यह संकेत देता है कि उन्हें विशेष अनुमति मिली होगी. उन्होंने यह तक कहा कि बिना वीज़ा रावलपिंडी जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि वह 'स्टेट गेस्ट' रहे होंगे. मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि गोगोई के पास केवल लाहौर, कराची और इस्लामाबाद का वीज़ा था. उनके मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति बिना वैध वीज़ा के किसी शहर में जाता है, तो यह सामान्य प्रक्रिया नहीं मानी जा सकती. सरमा ने कहा कि गोगोई का वीडियो बयान अदालत में पेश करने के लिए पर्याप्त है.

Advertisement

CM सरमा के आरोपों पर गौरव गोगोई ने दी प्रतिक्रिया 

वहीं, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने इन आरोपों का खुलकर जवाब दिया है. सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि दिसंबर 2013 में वह अपनी पत्नी के साथ 10 दिन के लिए पाकिस्तान गए थे. उन्होंने बताया कि यह दौरा पूरी तरह से अनुमति के साथ किया गया था और इसकी जानकारी उनके जनरल पासपोर्ट में दर्ज है, जिसे 2014 में सांसद बनने के बाद डिप्लोमैटिक पासपोर्ट बनवाते समय केंद्र सरकार को सौंपा गया था. गोगोई ने स्पष्ट किया कि वह तक्षशिला गए थे, जो रावलपिंडी जिले के पास स्थित एक ऐतिहासिक और शैक्षणिक महत्व का स्थान है. तक्षशिला प्राचीन काल में उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी एलिज़ाबेथ कूलबर्न 2012 में नई दिल्ली आने से पहले एक वर्ष तक इस्लामाबाद में कार्यरत थीं और शादी के बाद यह यात्रा उनके काम से जुड़ी थी. आरोपों का जवाब देते हुए गोगोई ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने ही बयानों में उलझ रहे हैं. उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि चुनाव से पहले इस तरह के आरोप जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश हैं.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि असम की राजनीति में यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है. चुनावी माहौल में दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलों के साथ मैदान में हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि जनता इन दावों और जवाबों को किस नजर से देखती है.

टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें