जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

सोल में बोले राजनाथ सिंह, ‘भारत परमाणु ब्लैकमेलिंग को सहन नहीं करेगा।’

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि आधुनिक रक्षा क्षेत्र अब केवल पारंपरिक हथियारों और प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है. आज रक्षा इकोसिस्टम एआई, स्वायत्त प्रणालियों, साइबर तकनीक, सेंसर, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, उन्नत सामग्री और अंतरिक्ष आधारित क्षमताओं जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित हो चुका है.

Author
20 May 2026
( Updated: 20 May 2026
06:45 PM )
सोल में बोले राजनाथ सिंह, ‘भारत परमाणु ब्लैकमेलिंग को सहन नहीं करेगा।’
Image Credits: IANS
Advertisement

'ऑपरेशन सिंदूर' भारत के एक मजबूत, आत्मविश्वासी और सक्षम राष्ट्र के रूप में उभरने का प्रमाण है. यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कही. वह दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे. यहां उन्होंने कहा कि भारत किसी भी रूप में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और अब देश की सुरक्षा नीति पहले की तुलना में अधिक साहसिक, निर्णायक और प्रभावी हो चुकी है. 

भारत परमाणु ब्लैकमेलिंग को सहन नहीं करेगा

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति के रूप में ‘नो फर्स्ट यूज’ नीति का पालन करता है, लेकिन देश की संयमित नीति को कमजोरी समझने की भूल नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत शांति के प्रति प्रतिबद्ध है, मगर किसी भी प्रकार की परमाणु ब्लैकमेलिंग को सहन नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि यह नया भारत है.

Advertisement

PM मोदी के नेतृत्व में बढ़ी भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा

रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले एक दशक में भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि 12-13 वर्ष पहले भारत को दुनिया एक कमजोर राष्ट्र के रूप में देखती थी, लेकिन आज भारत वैश्विक मंच पर मजबूती से अपनी बात रखता है और दुनिया उसे गंभीरता से सुनती है. उन्होंने कहा कि भारत अब ऐसा वैश्विक शक्ति केंद्र बन रहा है, जो दुनिया को समाधान देने की क्षमता रखता है.

उन्होंने कहा कि चाहे आंतरिक सुरक्षा हो या बाहरी सुरक्षा, भारत की नीति में मूलभूत बदलाव आया है और अब यह नीति अधिक मुखर, साहसिक, स्थिर और निर्णायक बन चुकी है. राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताया. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने लगभग 1.54 लाख करोड़ रुपए का रक्षा उत्पादन और करीब 40 हजार करोड़ रुपए का रक्षा निर्यात हासिल किया है.


अगले 1-2 वर्षों में रक्षा निर्यात 50 हजार करोड़ रुपए तक होगा 

उन्होंने भरोसा जताया कि अगले 1-2 वर्षों में रक्षा निर्यात 50 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा, जबकि रक्षा उत्पादन जल्द ही 1.75 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर सकता है. सोल में रक्षा मंत्री ने दक्षिण कोरिया के रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन मंत्री ली योंग के साथ भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा उद्योग व्यापार गोलमेज सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी की. इस बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और रक्षा उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. यहां नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई.

राजनाथ सिंह ने भारतीय रक्षा उद्योग के तेजी से विकसित होते इकोसिस्टम और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत उपलब्ध अवसरों को रेखांकित किया. उन्होंने दक्षिण कोरियाई कंपनियों से भारतीय उद्योगों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी बढ़ाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदारी की अपार संभावनाएं हैं. अब समय आ गया है कि इसी मॉडल को रक्षा क्षेत्र में भी आगे बढ़ाया जाए, जहां तकनीक, नवाचार, विनिर्माण क्षमता और रणनीतिक विश्वास एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं.

भारत और दक्षिण कोरिया साथ मिलकर निभाएंगे बड़ी भूमिका

Advertisement

उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया की तकनीकी उत्कृष्टता और भारत की विशाल विनिर्माण क्षमता, प्रतिभा और नवाचार शक्ति मिलकर भविष्य की उन्नत रक्षा तकनीकों और प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं. उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में तकनीकी रूप से सक्षम देशों के बीच भरोसेमंद साझेदारी का रणनीतिक महत्व और बढ़ गया है. भारत और दक्षिण कोरिया इस दिशा में साथ मिलकर बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.

रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि आधुनिक रक्षा क्षेत्र अब केवल पारंपरिक हथियारों और प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है. आज रक्षा इकोसिस्टम एआई, स्वायत्त प्रणालियों, साइबर तकनीक, सेंसर, सेमीकंडक्टर, क्वांटम तकनीक, उन्नत सामग्री और अंतरिक्ष आधारित क्षमताओं जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर आधारित हो चुका है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें