भारत की पहली महिला राष्ट्रपति की राफेल उड़ान, ऑपरेशन सिंदूर में राफेल ने दिखाई थी सर्जिकल स्ट्राइक की ताकत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की राफेल फाइटर जेट में ऐतिहासिक उड़ान, जो आंबाला एयरबेस से हुई, भारतीय वायुसेना की ताकत और राफेल की क्षमताओं को दर्शाती है. 2023 के 'ऑपरेशन सिंदूर' में राफेल ने PoK में आतंकी ठिकानों पर तबाही मचाई थी. राष्ट्रपति ने सेना की तारीफ की और आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया. फेल की स्टेल्थ और मल्टी-रोल क्षमता इसे दुनिया का टॉप फाइटर बनाती है.

Author
29 Oct 2025
( Updated: 11 Dec 2025
04:42 AM )
भारत की पहली महिला राष्ट्रपति की राफेल उड़ान, ऑपरेशन सिंदूर में राफेल ने दिखाई थी सर्जिकल स्ट्राइक की ताकत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज भारतीय वायुसेना के उन्नत राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरी, जो एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ. यह उड़ान आंबाला एयरबेस से शुरू हुई और राष्ट्रपति ने 30 मिनट की फ्लाइट के दौरान जेट की क्षमताओं का जायजा लिया. पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार, यह यात्रा वायुसेना के प्रशिक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी. राष्ट्रपति मुर्मु ने उड़ान के बाद कहा, "राफेल हमारी सेना की ताकत का प्रतीक है, जो देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाता है." याद रहे, इसी राफेल जेट ने 2023 के 'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर तबाही मचाई थी, जिसमें कई लॉन्च पैड्स नष्ट हो गए थे. यह घटना भारत की स्ट्राइक क्षमता को दुनिया के सामने लाई. 

राफेल में पहली महिला राष्ट्रपति

राष्ट्रपति मुर्मु आदिवासी समुदाय से आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं, और उनकी राफेल उड़ान भारतीय इतिहास में मील का पत्थर है. उड़ान के दौरान राष्ट्रपति को जेट के मल्टी-रोल कैपेबिलिटीज, जैसे एयर-टू-एयर और एयर-टू-ग्राउंड हमलों का डेमो दिया गया. वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने स्वागत किया.  राष्ट्रपति ने कहा, " यह उड़ान न केवल तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि हमारी सेना के जज्बे को दर्शाती है."  सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उड़ान सुपरवाइज्ड थी, और राष्ट्रपति ने हेलमेट पहनकर कॉकपिट से नियंत्रण लिया. यह घटना युवाओं में वायुसेना जॉइन करने का उत्साह बढ़ाएगी.

ऑपरेशन सिंदूर मे सर्जिकल स्ट्राइक की ताकत 

ऑपरेशन सिंदूर भारत की एक गुप्त सैन्य कार्रवाई थी, जो 2023 में पुलवामा हमले के जवाब में की गई. राफेल जेट्स ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी कैंप्स पर प्रिसिजन स्ट्राइक्स कीं. स्कैल्प मिसाइल्स और हैमर बम्स से लैस राफेल ने 12 से ज्यादा ठिकानों को ध्वस्त कर दिया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के लॉन्च पैड्स शामिल थे. पाकिस्तान ने इसे एयर डिफेंस फेलियर बताया. ऑपरेशन का नाम 'सिंदूर' रखा गया, जो माता वैष्णो देवी से प्रेरित था, प्रतीकात्मक रूप से शक्ति का. इसने राफेल की स्टेल्थ और लॉन्ग-रेंज क्षमता को साबित किया, जिससे पाकिस्तान की वायुसेना को झटका लगा. भारत ने कोई हताहत नहीं होने दिया, लेकिन आतंकी नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा.

क्यों है दुनिया का बेस्ट फाइटर?

राफेल फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित मल्टी-रोल फाइटर है, जो भारत ने 36 यूनिट्स खरीदीं. डिफेंस न्यूज के अनुसार, इसमें AESA रडार, मेटियोर बीवीआर मिसाइल और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम हैं, जो इसे F-16 या JF-17 से श्रेष्ठ बनाते हैं. स्पीड 1.8 माच और रेंज 3,700 किमी. ऑपरेशन सिंदूर में राफेल ने रडार से बचते हुए 100 किमी दूर से स्ट्राइक की. वायुसेना अब 114 और यूनिट्स खरीदने की प्लानिंग में है. राष्ट्रपति की उड़ान ने इस जेट की विश्वसनीयता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित किया.

राष्ट्रीय सुरक्षा पर राष्ट्रपति का संदेश

उड़ान के बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, "आत्मनिर्भर भारत के तहत हमारी सेना को आधुनिक हथियारों से लैस करना जरूरी है. " टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में उन्होंने पाकिस्तान और चीन सीमा पर सतर्क रहने की सलाह दी. ऑपरेशन सिंदूर जैसी सफलताओं से प्रेरित होकर, भारत अब स्वदेशी टेक्नोलॉजी पर फोकस कर रहा है. राष्ट्रपति ने युवाओं से STEM फील्ड्स में करियर चुनने को प्रोत्साहित किया. यह घटना राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देगी. अधिक जानकारी के लिए वायुसेना की आधिकारिक वेबसाइट चेक करें.

टिप्पणियाँ 0

Advertisement
Podcast video
Startup का सच बताकर Abhishek Kar ने दे दिया करोड़पति बनने का गुरु मंत्र!
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें