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‘PM मोदी ने खुद गल्फ देशों से बात की’ ईरान-इजरायल जंग पर संसद में बोले जयशंकर, विपक्ष को दिया करारा जवाब

ईरान-इजरायल जंग को लेकर सदन में चर्चा हुई,. बजट सत्र के दूसरे फेज में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में भाषण दिया. उन्होंने कहा, भारत हमेशा बातचीत से समाधान के पक्ष में है.

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09 Mar 2026
( Updated: 09 Mar 2026
02:35 PM )
‘PM मोदी ने खुद गल्फ देशों से बात की’ ईरान-इजरायल जंग पर संसद में बोले जयशंकर, विपक्ष को दिया करारा जवाब
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Parliament Budget Session: ईरान और मिडिल ईस्ट के हालातों को लेकर संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष जंग के बाद पश्चिम एशिया में बने हालात पर चर्चा की मांग कर रहा था. इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लोकसभा में भारत के रुख को साफ किया. उन्होंने गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट को लेकर तैयारियों के बारे में बताया. 

जयशंकर ने कहा, ‘इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है.’ जब विदेश मंत्री भाषण दे रहे थे तब लोकसभा में विपक्ष हंगामा और नारेबाजी कर रहा था. सांसदों ने We Want Discussion के नारे लगाए. इसके बाद राज्यसभा में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया. 

‘बातचीत से समाधान निकालने के पक्ष में है भारत’ 

एस जयशंकर ने कहा, डिप्लोमैटिक चैनलों से लगातार चर्चा जारी है. हम प्रभावित देशों में लगातार संपर्क में हैं. यहां के हालातों पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री से हमने बात की है. भारत शांति के पक्ष में हैं. बातचीत से समस्या का समाधान निकालने के पक्ष में है. हम वहां की सरकारों के साथ मिलकर काम करने के पक्ष में हैं. ईरान के एक जहाज को हमने शरण दी है.

उन्होंने कहा , भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए सजग है. खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. खाड़ी देशों में शांति और स्थिरता काफी चुनौती पूर्ण हैं। भारत सरकार की सभी हालात पर नजर बनी हुई है. खाड़ी देशों के हालात के कारण सप्लाई चैन प्रभावित हुई है. हमारी एंबेसी नागरिकों के संपर्क में है. हमने जनवरी में भी अलर्ट किया था. 

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PM मोदी खुद कर रहे हालातों की निगरानी

मिडिल ईस्ट में जारी जंग और वहां भारतीय की स्थिति पर एस जयशंकर ने सदन को जानकारी दी. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और सरकार का प्राथमिक ध्यान वहां फंसे एक करोड़ से अधिक भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है. भारत इस अस्थिरता को रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर निरंतर संपर्क में है. 

विदेश मंत्री एस जयशंकर के भाषण की बड़ी बातें 

मौजूदा संघर्ष भारत के लिए भी चिंता की बात है. हम पड़ोसी हैं, और वेस्ट एशिया में स्थिरता बनाए रखना हमारी भी जिम्मेदारी है. खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं.
ईरान में भी, कुछ हजार भारतीय पढ़ाई या नौकरी के लिए हैं. यह इलाका हमारी एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी है और इसमें तेल और गैस के कई जरूरी सप्लायर शामिल हैं. सप्लाई चेन में रुकावटें और अस्थिरता गंभीर मुद्दे हैं. 

हमने दो भारतीय नाविकों (मर्चेंट शिपिंग) को खो दिया है और एक अभी भी लापता है. मुंबई के शिपिंग डायरेक्टरेट जनरल ने 14 जनवरी को भारतीय नाविकों से कहा था कि वे एम्बेसी की एडवाइजरी मानें और किनारे पर बेवजह आने-जाने से बचें. वेस्ट एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है. 8 मार्च तक हमारे लगभग 67,000 नागरिक  इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके हैं. संबंधित मंत्रालय जवाब देने के लिए कोऑर्डिनेट कर रहे हैं. लड़ाई लगातार बढ़ रही है.

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उन्होंने कहा, इलाके में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है. असल में, लड़ाई दूसरे देशों में भी फैल गई है. इससे तबाही और मौतें बढ़ रही हैं. इजराइल-यूएस और ईरान के बीच लड़ाई जारी है, बल्कि कुछ खाड़ी देशों पर हमले भी हुए हैं. ईरान में लीडरशिप लेवल पर कई लोग मारे गए हैं, साथ ही इस इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर भी तबाह हुआ है. 

'समय रहते लोगों को किया आगाह'

विदेश मंत्री ने कहा, ईरान छोड़ने के लिए समय रहते लोगों को बताया था. एंबेसी लगातार लोगों के संपर्क में है. हमने समय पर ही अपने नागरिकों को सतर्क किया था. 

जेपी नड्डा ने विपक्ष को बताया गैर जिम्मेदार

विदेश मंत्री के बोलते ही राज्यसभा में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, मिडिल ईस्ट जंग का असर भारत पर हो रहा है. एनर्जी संकट पर शॉर्ट डिबेट होनी चाहिए. BJP सांसद जेपी नड्डा ने लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के व्यवहार को गैर जिम्मेदाराना बताया. 

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उन्होंने कहा, देश के इंटरेस्ट में जो भी काम होता है, तब-तब विपक्ष सदन से वॉक आउट कतता है. मिडिल ईस्ट के हालतों पर भारत की मंशा, सरकार ने किस तरह से इसमें काम किया है. जयशंकर जी ने इस पर साफ तौर पर बताया है. एनर्जी के मुद्दे पर भी जयशंकर जी ने सब कुछ बताया है, जो विपक्ष ने पूछा था. दुख के साथ कहना पड़ रहा है विपक्ष का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना है. इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है. 

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