Pariksha Pe Charcha 2026 LIVE: एग्जाम स्ट्रेस के बीच कैसे रहें लाइट? PM मोदी ने बच्चों को दी एक्सपर्ट एडवाइज

Pariksha Pe Charcha 2026 LIVE: पीएम मोदी इस कार्यक्रम में बच्चों से खुलकर बात कर रहे हैं और उन्हें समझा रहे हैं कि परीक्षा केवल अंक हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह जीवन को बेहतर बनाने का एक जरिया है.

Author
06 Feb 2026
( Updated: 06 Feb 2026
06:05 AM )
Pariksha Pe Charcha 2026 LIVE: एग्जाम स्ट्रेस के बीच कैसे रहें लाइट? PM मोदी ने बच्चों को दी एक्सपर्ट एडवाइज
Image Source: Social Media

Pariksha Pe Charcha 2026 LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल परीक्षा पे चर्चा के 9वें सीजन में छात्रों, माता-पिता और शिक्षकों से ऑनलाइन बातचीत कर रहे हैं. इस कार्यक्रम में वे बच्चों के परीक्षा तनाव, आत्मविश्वास और करियर से जुड़े सवालों पर चर्चा कर रहे हैं. इस बार उन्होंने देश के कई हिस्सों में जाकर भी छात्रों से संवाद किया. उन्होंने गुजरात के देवमोगरा, तमिलनाडु के कोयंबटूर, छत्तीसगढ़ के रायपुर, असम के गुवाहाटी और दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आधिकारिक आवास पर बच्चों से बातें की.
पीएम मोदी इस कार्यक्रम में बच्चों से खुलकर बात कर रहे हैं और उन्हें समझा रहे हैं कि परीक्षा केवल अंक हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि यह जीवन को बेहतर बनाने का एक जरिया है.

शिक्षा केवल अंक हासिल करने के लिए नहीं

पीएम मोदी ने छात्रों को समझाया कि जैसे एक खिलाड़ी को अपने गोल तक पहुंचने के लिए पूरी तैयारी करनी पड़ती है, उसी तरह जीवन में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा के नंबर नहीं बल्कि खुद को और जीवन को तैयार करना है. उन्होंने कहा कि परीक्षा हमारे लिए केवल यह जांचने का अवसर है कि हम कितनी मेहनत कर रहे हैं और अपने लक्ष्य की ओर कितना आगे बढ़ रहे हैं.

उन्होंने छात्रों से कहा कि जीवन का गोल केवल परीक्षा के नंबर नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व, क्षमता और जीवन के विकास को बेहतर बनाने के लिए तैयारी करना है. पीएम मोदी ने यह भी बताया कि पैटर्न और सिर्फ अंक हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, हमें अपने जीवन के अन्य पहलुओं पर भी ध्यान देना चाहिए. 

परीक्षा तनाव और आत्मविश्वास

पीएम मोदी ने छात्रों को परीक्षा तनाव से निपटने के टिप्स भी दिए. उनका कहना था कि तनाव लेना स्वाभाविक है, लेकिन उसे नियंत्रित करना और आत्मविश्वास बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि परीक्षा का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धा नहीं है, बल्कि यह बच्चों को यह समझाने का अवसर है कि वे अपनी क्षमताओं और मेहनत के अनुसार कितने तैयार हैं.
पीएम मोदी ने माता-पिता और शिक्षकों को भी यह सलाह दी कि वे बच्चों पर केवल अंक या परिणाम का दबाव न डालें. बच्चों को प्रोत्साहित करना, उन्हें आत्मविश्वास देना और उनकी मेहनत की सराहना करना अधिक महत्वपूर्ण है.

स्किल बनाम मार्क्स: पीएम मोदी का सुझाव

परीक्षा पे चर्चा 2026 में बच्चों ने पीएम मोदी से सवाल पूछा कि स्किल ज्यादा जरूरी है या मार्क्स? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि जीवन में हर चीज में संतुलन होना जरूरी है. उन्होंने बताया कि अगर आप केवल मार्क्स पर ध्यान देंगे या केवल स्किल पर ध्यान देंगे, तो गिरने का खतरा रहेगा. इसलिए किसी एक तरफ झुकना ठीक नहीं है.

पीएम मोदी ने स्किल को दो तरह का बताया - लाइफ स्किल और प्रोफेशनल स्किल. प्रोफेशनल स्किल हमारे करियर और पढ़ाई से जुड़ी होती है, जबकि लाइफ स्किल हमारे रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी होती है। लाइफ स्किल में उन्होंने समय पर सोना-उठना, एक्सरसाइज और अनुशासन जैसे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण काम शामिल किए. उन्होंने बच्चों को समझाया कि स्किल की शुरुआत ज्ञान से होती है और इसके साथ लाइफ स्किल पर भी ध्यान देना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि हर स्किल में लगातार सुधार करते रहना चाहिए.

टीचर्स को दी सलाह

बच्चों ने पीएम मोदी से यह भी पूछा कि कभी-कभी टीचर्स की पढ़ाने की स्पीड इतनी तेज होती है कि बच्चे पीछे रह जाते हैं. इस पर पीएम मोदी ने कहा कि टीचर्स का काम होना चाहिए कि वे छात्रों को एक कदम आगे रखें, ताकि बच्चे आसानी से सीख सकें. उन्होंने सुझाव दिया कि टीचर्स पहले ही यह बता दें कि अगले सप्ताह क्या पढ़ाया जाएगा. इससे बच्चे पहले से तैयारी कर सकेंगे और उन्हें पढ़ाई में अधिक रुचि आएगी.
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि बच्चे को केवल एक कदम आगे रहना चाहिए, अगर अंतर ज्यादा हो गया तो सीखने में दिक्कत आ सकती है. इसलिए टीचर्स और बच्चों के बीच सही तालमेल बहुत जरूरी है.

पढ़ाई का पैटर्न कैसे रखें

छात्रों ने पीएम मोदी से यह सवाल भी किया कि कई टीचर्स अलग-अलग पैटर्न बताते हैं, तो क्या करना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि जीवन में ऐसा ही रहता है. हर किसी का तरीका अलग होता है - जैसे घर में खाने का पैटर्न या पढ़ाई का समय. कुछ बच्चों को सुबह पढ़ना पसंद होता है, किसी को रात में.
पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि अपने पैटर्न पर भरोसा रखें. दूसरों के कहने पर अपने तरीके को बदलने की बजाय अपने अनुभव और सुविधा के अनुसार पढ़ाई करें. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने परीक्षा पे चर्चा में अपने पैटर्न में खुद बदलाव किए हैं और बच्चों को भी यही समझना चाहिए.

रिकॉर्ड तोड़ा Pariksha Pe Charcha 2026

यह भी पढ़ें

परीक्षा पे चर्चा 2026 ने पिछले साल के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (3.56 करोड़ पंजीकरण) को पार कर लिया है. इस साल चार करोड़ से अधिक प्रतिभागियों ने पहले ही ऑनलाइन रजिस्टर किया है. ऑनलाइन पंजीकरण 1 दिसंबर, 2025 से MyGov पोर्टल पर शुरू हो गए थे.
पीएम मोदी ने इस साल भी बच्चों, माता-पिता और शिक्षकों से संवाद किया और उन्हें परीक्षा के तनाव, आत्मविश्वास और जीवन की स्किल्स को लेकर महत्वपूर्ण सलाह दी. उन्होंने यह स्पष्ट किया कि परीक्षा केवल अंक हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जीवन को तैयार करने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें