नेपाल में फिर बाढ़ का अलर्ट जारी... अब तक 675 शव बरामद, 2,498 लापता; भारत ने फिर भेजी राहत सामग्री की खेप
नेपाल में भूस्खलन और बाढ़ से तबाही जारी है. अब तक 675 शव बरामद हुए हैं, जबकि 2,498 लोग लापता हैं. भोटेकोसी नदी का जलस्तर फिर बढ़ने से खतरा बढ़ गया है.
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Nepal Flood Update: नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, भूस्खलन से प्रभावित इलाकों से अब तक 675 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2,498 लोग अभी भी लापता हैं. नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत आने वाले पर्यटन विभाग के मुताबिक, रविवार को स्थानीय समयानुसार शाम 5:30 बजे तक 753 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया, जिनमें 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं.
भोटेकोसी नदी में बाढ़ से भारी तबाही
सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने शनिवार को एक आपात सूचना जारी कर विभिन्न संगठनों, संस्थानों, कंपनियों और आम नागरिकों से रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों के पीड़ितों की मदद के लिए राहत सामग्री दान करने की अपील की. भोटेकोसी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से आई बाढ़ ने प्रभावित क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई. इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और जलविद्युत परियोजनाओं, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है. राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. इस बीच नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ रहा है. जिससे एक बार फिर से आसमानी आफत का साया मंडरा रहा है.
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भारत ने नेपाल भेजी चौथी राहत उड़ान
इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को बताया कि भारत ने नेपाल के लिए राहत सहायता की चौथी उड़ान रवाना कर दी है. यह सहायता भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान के जरिए भेजी गई है, जिसमें 11 टन अतिरिक्त राहत सामग्री शामिल है. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'भारत से 11 टन सहायता लेकर चौथी उड़ान अब रवाना हो चुकी है. सी-130 विमान में खोज एवं बचाव कार्यों के लिए सुरंग विशेषज्ञों की तकनीकी टीम और आवश्यक उपकरण भेजे जा रहे हैं। साथ ही डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और फोरेंसिक उपकरण भी भेजे गए हैं. इसके अलावा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट जैसी राहत सामग्री भी भेजी गई है.'
The fourth Indian flight has touched down in Kathmandu.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 30, 2026
It brings essential supplies and technical capabilities to support Nepal’s ongoing rescue & relief operations.
🇮🇳🇳🇵 pic.twitter.com/LYWF5c719k
230 फुट लंबे स्टील ब्रिज के लिए उपकरण पहुंचे
उन्होंने बताया कि 230 फुट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए आवश्यक उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुंच चुके हैं. इसके अलावा सात और बेली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी उपकरण भी जल्द भेजे जाएंगे. उनके अनुसार, इन पुलों को स्थापित करने वाली तकनीकी टीमें भी जल्द नेपाल पहुंचेंगी. अब तक भारत की ओर से 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुंचाई जा चुकी है.इसमें जरूरी दवाइयां, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट, पानी शुद्ध करने की गोलियां और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं. जयशंकर ने कहा, 'नेपाल के राहत और बचाव प्रयासों में हमारा सहयोग लगातार जारी है.' विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, बुधवार को भारतीय वायुसेना का सी-130जे हरक्यूलिस विमान भी 10 टन आपात राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा था. इस सामग्री में अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं.
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बताते चलें कि नेपाल में आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है. भारत की ओर से राहत सामग्री, विशेषज्ञ टीमें और बुनियादी ढांचे से जुड़ी सहायता भेजकर बचाव कार्यों में सहयोग किया जा रहा है.
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(INPUT-IANS)