मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर महाजाम: 8 घंटे फंसे रहने के उद्योगपति ने बुला लिया हेलिकॉप्टर, सरकार को बताई ये गजब तरकीब
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 3 फरवरी की शाम लगा जाम 5 फरवरी की दोपहर को खत्म हुआ. एक्सप्रेसवे पर भूखे-प्यासे हजारों लोग इंतजार करते रहे. इसी जाम में पुणे के इंडस्ट्रियलिस्ट सुधीर मेहता भी फंस गए थे.
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Mumbai Pune Expressway Massive Traffic Jam: मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर महाजाम ने लोगों को बुरा हाल कर दिया. यहां करीब हजारों लोग 32 घंटे तक जाम में फंसे रहे. न गाड़ियां आगे बढ़ सकीं, न वापस मुड़ सकीं. इसी जाम में पुणे के इंडस्ट्रियलिस्ट सुधीर मेहता भी फंस गए थे, लेकिन वह आठ घंटे में ही इस जाम से निकलने में कामयाब रहे लेकिन आसमानी रास्ता अपनाकर. सुधीर मेहता ने जाम से निकलने के लिए पर्सनल हेलिकॉप्टर मंगवाया था.
सुधीर मेहता ने सोशल मीडिया पर जाम से खुदके निकलने के घटनाक्रम के बारे में बताया. पोस्ट करते हुए उन्होंने सरकार से बड़ी मांग भी कर दी. सुधीर मेहता ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर महाजाम की तस्वीरें शेयर की. एक फोटो में वह खुद हेलिकॉप्टर में बैठे नजर आए.
Lacs of people are stuck on the #Mumbai #Pune expressway for the last 18 hours for “one gas tanker “ . For such emergencies we need to plan exits at different points on expressway which can be opened to allow vehicles to return. Helipads cost less than Rs 10 lacs to make and… pic.twitter.com/u2EooiKjh3
— Dr. Sudhir Mehta (@sudhirmehtapune) February 4, 2026
सुधीर मेहता ने लिखा, कई लोग 18 घंटे से जाम में फंसे हुए हैं. ऐसे में इमरजेंसी एग्जिट के लिए एक्सप्रेसवे पर हेलीपैड का होना बहुत जरूरी है. उन्होंने लिखा कि एक हेलीपैड 10 लाख रुपये की लागत में बन जाता है और इसके लिए सिर्फ एक एकड़ जमीन की जरूरत होती है.
सुधीर मेहता पिनेकल इंडस्ट्रीज और ईकेए मोबिलिटी के चेयरमैन हैं. उन्होंने एक्सप्रेसवे पर लगे बड़े ट्रैफिक जाम की कुछ एरियल तस्वीरें पोस्ट की थीं. उन्होंने लिखा, ऐसी घटनाएं मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर बेहतर इमरजेंसी तैयारी की जरूरत को दिखाती हैं. उन्होंने सरकार को वैकल्पिक मार्ग बनाने और हेलीपेड को जाम की समस्या दूर करने में अपनाने की ओर ध्यान दिलाया. मेहता ने लिखा कहा, ऐसी इमरजेंसी के लिए, एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग जगहों पर प्लान किए गए एग्जिट पॉइंट होने चाहिए, जिन्हें गाड़ियों को वापस जाने देने के लिए खोला जा सके.
मुंबई-पुणे एक्सप्रेस वे पर कैसे लगा महाजाम
दरअसल, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर मंगलवार शाम 3 फरवरी को एक गैस टैंकर हादसे का शिकार हो गया था. ये हादास रायगढ़ जिले के भोर घाट के पास हुआ था. जहां प्रोपलीन गैस से भरा टैंकर पलट गया. महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के एक अधिकारी ने बताया कि टैंकर में बहुत ज्यादा ज्वलनशील प्रोपलीन गैस थी. इसके बाद सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया. दोनों ओर से आवाजाही रोक दी गई, रिसाव, बचाव कार्य और हालात को संभालते-संभालते मार्ग 32 घंटे तक ठप रहा. जिसमें हजारों यात्री फंस गए.
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इस दौरान बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, इलाज के लिए मुंबई जाने वाले करीब हजारों लोग जाम में फंसे रहे. भूख-प्यास से बेहाल लोगों को न पानी मिला न एक्सप्रेसवे पर खाने का सामान, मिला तो केवल इंतजार, वो भी 32 घंटे का. ऐसे में इंडस्ट्रियलिस्ट सुधीर मेहता ने अपना पर्सनल चॉपर बुला लिया. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला 6-लेन कंक्रीट, एक्सेस-कंट्रोल्ड टोल वाला एक्सप्रेसवे है. यह 94.5 किमी की दूरी तक फैला है और मुंबई, रायगढ़ और नवी मुंबई को पुणे से जोड़ता है.
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