मोदी का ‘मिशन डीपटेक’, प्रधानमंत्री ने AI दिग्गजों के साथ किया महा-मंथन, अब भारत बनाएगा दुनिया के लिए समाधान

पीएम मोदी ने डीपटेक और AI दिग्गजों के साथ मिलकर ‘स्वदेशी नवाचार’ का नया रोडमैप तैयार किया है, ताकि भारत केंद्रित समाधानों के जरिए देश को वैश्विक टेक-लीडर बनाया जा सके.

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20 Feb 2026
( Updated: 20 Feb 2026
09:53 AM )
मोदी का ‘मिशन डीपटेक’, प्रधानमंत्री ने AI दिग्गजों के साथ किया महा-मंथन, अब भारत बनाएगा दुनिया के लिए समाधान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में 16 एआई और डीपटेक स्टार्टअप्स के सीईओ और संस्थापकों के साथ बैठक की. इसमें स्टार्टअप्स ने अपने काम और विचार को प्रस्तुत किया. पीएमओ (सेवा तीर्थ) की ओर से जारी किए बयान में कहा गया कि बैठक में शामिल हुए स्टार्टअप स्वास्थ्य सेवा, कृषि, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष और सामाजिक सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों में काम कर रहे हैं.

AI से उन्नत स्वास्थ्य सेवा और निदान

बयान में कहा गया कि इस गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने वाले स्टार्टअप प्रमुख क्षेत्रों में जनसंख्या-स्तरीय चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं. स्वास्थ्य सेवा में, वे उन्नत निदान, जीन थेरेपी और कुशल रोगी रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए एआई का उपयोग करके अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण देखभाल पहुंचा रहे हैं. कृषि में, वे उत्पादकता बढ़ाने और जलवायु जोखिमों के प्रबंधन में सहायता के लिए जियोस्पेशियल और अंडरवाटर इंटेलिजेंस का लाभ उठा रहे हैं.

स्थानीय जरूरतों से वैश्विक AI नेतृत्व

इस समूह में साइबर सुरक्षा, एथिकल एआई, अंतरिक्ष, न्याय और शिक्षा तक स्थानीय भाषा के माध्यम से पहुंच द्वारा सामाजिक सशक्तिकरण और उद्यम उत्पादकता को मजबूत करने के लिए पुरानी प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर केंद्रित स्टार्टअप्स भी शामिल थे. ये सभी मिलकर एक ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं जो स्थानीय जरूरतों को पूरा करते हुए एआई-संचालित इनोवेशन में वैश्विक नेतृत्व का निर्माण करता है. 

PM मोदी ने इनोवेटर्स की सराहना की

प्रधानमंत्री ने प्रभावशाली समाधान विकसित करने वाले इनोवेटर्स की सराहना की और भारत की जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करने का आग्रह किया. उन्होंने कृषि और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एआई प्रौद्योगिकी के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की, जिसमें मृदा स्वास्थ्य की रक्षा के लिए फसल उत्पादकता और उर्वरक उपयोग की निगरानी शामिल है. भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने मातृभाषा में उच्च शिक्षा के लिए एआई उपकरणों के विस्तार को जरूरी बताया. 

दिग्गजों के साथ हुई बैठक

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इस बैठक में एब्रिज, अदालत एआई, ब्रेनसाइटएआई, क्रेडो एआई, एका केयर, ग्लीन, इनोगल, इनवीडियो, मिको, ओरिजिन, प्रोफेज, रासेन, रूब्रिक, सैटश्योर, सुपरनोवा और साइफा एआई के सीईओ और संस्थापक शामिल हुए. बैठक के दौरान प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा, प्रधान सचिव-2 शक्तिकांत दास और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित थे. 

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