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ईरान के इस्फाहान में बड़ा अमेरिकी हमला, अंडरग्राउंड हथियार गोदाम को 2000 पाउंड के बंकर बस्टर बम से भेदा, VIDEO

अमेरिका-इजरयाल और ईरान के बीच जारी जंग के 32वें दिन अमेरिकी सेना ने एक बार फिर ईरान पर बड़ा हमला किया है. इस्फाहान में एक बड़े हथियार गोदाम को भेदने के लिए अमेरिकी फौज ने करीब 2000 पाउंड यानी कि 907KG के भारी बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया. इसका वीडियो भी सामने आया है.

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31 Mar 2026
( Updated: 31 Mar 2026
09:28 AM )
ईरान के इस्फाहान में बड़ा अमेरिकी हमला, अंडरग्राउंड हथियार गोदाम को 2000 पाउंड के बंकर बस्टर बम से भेदा, VIDEO
US Attack on Iran's Isfahan (Screengrab)
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ईरान और अमेरिका-इजरयाल के बीच करीब 32 दिनों से जारी जंग और तेहरान के साथ बातचीत की अटकलों के बीच अमेरिकी सेना ने ईरानी न्यूक्लियर और सैन्य रणनीति के लिहाज से एक प्रमुख शहर इस्फाहान में बड़ा हमला किया है. खबर के मुताबिक इस्फाहान के एक बड़े हथियार गोदाम पर 2000-पाउंड (लगभग 907 किलोग्राम) के भारी बंकर-बस्टर बमों से जबरदस्त बमबारी की गई है. इसके बाद पूरे इलाके में धुएं के गुबार देखे गए.

इस्फहान के हथियार गोदाम पर अमेरिका का बड़ा हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर शेयर किया है. हालांकि ट्रंप ने इस हमले के बाद शेयर किए इस वीडियो में कुछ कैप्शन नहीं लिखा है, बस वीडियो जारी किया है. हालांकि अमेरिकी अखबार WSJ ने इस खबर कि पुष्टि की है और लिखा है कि 'अमेरिका ने इस्फ़हान पर बंकर बस्टर बम गिराए'.

इस्फहान में अमेरिका ने दूसरी बार किया हमला

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WSJ ने एक अधिकारी के माध्यम से बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्फ़हान शहर में गोला-बारूद के एक बड़े डिपो पर 2,000 पाउंड के पेनेट्रेटर गोला-बारूद से हमला किया. आपको बता दें कि अमेरिकी सेना ने इससे पहले यहां 7-8 मार्च को वहां हमला किया था. WSJ ने आगे बताया कि इस हमले के दौरान भारी संख्या में पेनेट्रेटर मुनिशन (Penetrator Munitions) का इस्तेमाल किया गया, जिससे कि जमीन के अंदर बने अंडरग्राउंड टनल और मजबूत सैन्य ठिकानों को भी भेद दिया गया.

अंडरग्राउंड टनल को भेदने के लिए ही डिजाइन्ड है बंकर बस्टर बम

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने आगे जानकारी दी कि इस ऑपरेशन में इस्फहान के हथियार डिपो को पूरी तरह नष्ट करने के लिए ही विशेष रूप से डिजाइन किए गए बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया है. आपको बता दें कि ये बम जमीन के काफी अंदर तक, नीचे बने कंक्रीट के स्ट्रक्चर तक को भेदने की क्षमता रखते हैं. इस्फहान ईरानी परमाणु कार्यक्रम के लिहाज से एक अहम शहर है, जो कि लंबे समय से इजरायली सेना के निशाने पर रहा है. 

रात के अंधेरे में दिखाई दीं आग की लपटें!

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इससे पहले पिछले साल जून में भी इसे निशाना बना गया था. इस बार भी जब हथियारों के भंडार को निशाना बनाया गया, बंकर बस्टर बमों से हमला किया गया तो वहां हमले के बाद जबरदस्त धमाकों की गूंज सुनाई दी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'ट्रुथ सोशल' पर शेयर वीडियो में रात के अंधेरे में उठती आग की लपटें और धुएं का विशाल गुबार साफ देखा जा सकता है.

ट्रंप ने फिर किया ईरान के साथ बातचीत का दावा

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा है कि करीब एक हफ्ते में यह साफ हो जाएगा कि ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ अमेरिका के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं या नहीं. सिन्हुआ एजेंसी ने न्यूयॉर्क पोस्ट के साक्षात्कार का हवाला देते हुए बताया कि ट्रंप ने ईरान के भीतर एक नाटकीय फेरबदल का वर्णन किया है और दावा किया है कि ईरान के पुराने नेतृत्व को प्रभावी रूप से खत्म कर दिया गया है और उसकी जगह एक नए समूह ने ले ली है, जिसके साथ काम करना अब तक आसान रहा है.

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ईरान में खामेनेई रिजीम के खात्मे का ट्रंप का दावा!

ट्रंप ने दावा किया, "पूरी तरह से सत्ता परिवर्तन हो चुका है, क्योंकि पिछली सरकारें खत्म हो गई हैं और हम बिल्कुल नए लोगों के समूह से निपट रहे हैं. अब तक, वे कहीं अधिक समझदार साबित हुए हैं." इस बीच, ट्रंप ने बार-बार ईरान से “बहुत देर होने से पहले” समझौता करने का आग्रह किया.

कुछ हफ्तों में अपना लक्ष्य हासिल कर लेगा अमेरिका: रूबियो

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वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा क‍ि अमेरिका को उम्मीद है कि वह ईरान के खिलाफ अपने सैन्य लक्ष्यों को महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरा कर लेगा. उन्‍होंने कहा क‍ि तेहरान की वायु सेना, नौसेना और म‍िसाइल क्षमताओं सह‍ित प्रमुख लक्ष्‍यों को पहले ही नष्‍ट क‍िया जा चुका है. फ‍िर भी वाशिंगटन समानांतर कूटनीतिक प्रयास कर रहा है.

रूबियो ने बता दिए अमेरिका के तीन लक्ष्य!

एक टीवी इंटरव्यू में रूबियो ने कहा कि यह अभियान पूरी तरह से ईरान की सैन्य क्षमता को कम करने और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने पर केंद्रित है. अमेरिका का लक्ष्य ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार को पूरी तरह खत्म करना है, ताकि भविष्य में मिसाइलों और ड्रोन का उत्पादन रोका जा सके.

रूबियो ने दोहराया कि लक्ष्य शुरू से ही स्पष्ट रहे हैं. पहला उनकी वायु सेना को नष्ट करना. दूसरा उनकी नौसेना को नष्ट करना. तीसरा उनकी मिसाइल लॉन्च करने की क्षमता में भारी कमी लाना. चौथा उनकी फैक्ट्रियों को नष्ट करना. रूबियो ने कहा क‍ि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि वे कभी भी पीछे छिपकर परमाणु हथियार हासिल न कर सकें. 

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रूबियो की ओर से ये टिप्पणियां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन बयानों के बाद आई हैं, जिनमें उन्होंने संकेत दिया था कि यदि कूटनीतिक प्रयास विफल रहते हैं, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाने के लिए अपने हमलों को और तेज कर सकता है.

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