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पंजाब सरकार की बड़ी पहल, 3.4 लाख छात्राओं को मिलेगी मेनस्ट्रुअल हाइजीन की जानकारी

पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 10 तक की छात्राओं के लिए मेनस्ट्रुअल हाइजीन करिकुलम लागू किया है. 3,600 से अधिक स्कूलों की करीब 3.4 लाख छात्राओं को इस पहल का लाभ मिलेगा.

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29 May 2026
( Updated: 29 May 2026
11:14 AM )
पंजाब सरकार की बड़ी पहल, 3.4 लाख छात्राओं को मिलेगी मेनस्ट्रुअल हाइजीन की जानकारी
Image Credits: IANS
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पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा पहल शुरू की है. गुरुवार को 'मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे' के मौके पर सरकार ने राज्य के सभी 23 जिलों के सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 'मेनस्ट्रुअल हाइजीन करिकुलम' लागू करने की घोषणा की.

3600 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में लागू होगा 'मेंस्ट्रुअल हाइजीन' पाठ्यक्रम 

सरकार के अनुसार, इस पहल का पहला सत्र शुक्रवार से शुरू होगा. यह कार्यक्रम राज्य के 3,600 से अधिक सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से 10 तक पढ़ने वाली करीब 3.4 लाख छात्राओं को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाएगा.

पंजाब सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य ऐसा आधुनिक और समावेशी शिक्षा तंत्र तैयार करना है, जहां लड़कियों को जागरूकता, आत्मविश्वास, सम्मान और सही स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिल सके.

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पंजाब सरकार की बड़ी पहल

सरकार ने इस अभियान के जरिए उस मुद्दे को स्कूलों तक पहुंचाने की कोशिश की है, जिसे लंबे समय से समाज में चुप्पी, झिझक, गलत धारणाओं और सामाजिक कलंक से जोड़कर देखा जाता रहा है. अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि मासिक धर्म कभी भी लड़कियों की पढ़ाई, आत्मविश्वास, स्कूल में भागीदारी या उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में बाधा न बने.

यह कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट की उन टिप्पणियों की भावना के अनुरूप भी माना जा रहा है, जिनमें कहा गया था कि मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता सीधे तौर पर किशोरियों की गरिमा, शिक्षा और समानता से जुड़ा विषय है.

सरकार करेगी मासिक धर्म स्वास्थ्य और जागरूकता पर काम 

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इस पहल को सरकार ने मासिक धर्म स्वास्थ्य और जागरूकता पर काम करने वाली एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था के सहयोग से शुरू किया है. इसके तहत पंजाबी भाषा में विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया गया है, ताकि छात्राएं आसानी से विषय को समझ सकें और उससे जुड़ाव महसूस कर सकें.

कक्षा में होने वाले सत्रों में 'रूबी' नाम की 10 वर्षीय किरदार के जरिए कहानी आधारित इंटरैक्टिव तरीके से पढ़ाई कराई जाएगी. इसके साथ ही समूह चर्चा और गतिविधियों के जरिए सीखने की प्रक्रिया को आसान, सुरक्षित और रोचक बनाया जाएगा.

छात्राओं को दी जाएगी ये खास जानकारी 

इन सत्रों में छात्राओं को मासिक धर्म, शरीर में होने वाले बदलाव, स्वच्छता, आत्म-देखभाल, आत्मविश्वास और सकारात्मक स्कूल वातावरण के बारे में जानकारी दी जाएगी.

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पंजाब सरकार अब तक करीब 7,200 शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दे चुकी है, ताकि वे संवेदनशीलता और आत्मविश्वास के साथ छात्राओं को यह शिक्षा दे सकें.

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यह पूरा कार्यक्रम तीन चरणों वाले विशेष मॉडल के तहत चलाया जाएगा, जिसमें उम्र के अनुसार उपयुक्त और कहानी आधारित मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा दी जाएगी.

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