जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला… गुवाहाटी-तेजपुर 4-लेन हाईवे परियोजना को दी मंजूरी, जानें सेना के लिए कैसे होगा मददगार

कैबिनेट बैठक में मोदी सरकार ने असम को 8,970 करोड़ रुपए की सौगात दी है. गुवाहाटी-तेजपुर 4-लेन हाईवे परियोजना को मंजूरी मिल गई है.

Author
06 Aug 2026
( Updated: 06 Aug 2026
06:16 PM )
मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला… गुवाहाटी-तेजपुर 4-लेन हाईवे परियोजना को दी मंजूरी, जानें सेना के लिए कैसे होगा मददगार
Image Source- IANS
Advertisement

केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में मोदी सरकार ने असम को बड़ी खुशखबरी दी है. PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने असम में राष्ट्रीय राजमार्ग-15 (एनएच-15) के तहत गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दे दी.

लगभग 135.871 किलोमीटर लंबे इस चार-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे का निर्माण बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) टोल मॉडल पर किया जाएगा, जिस पर कुल 8,970.20 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा. 

भारतीय सेना को कैसे मिलेगी मदद? 

Advertisement

यह परियोजना ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी हिस्से में स्थित मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने में मदद करेगी. इसके अलावा, भारतीय वायु सेना के साथ समन्वय कर तेजपुर बाईपास पर 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ईएलएफ) का भी निर्माण किया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सैन्य विमानों का उपयोग किया जा सके.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस परियोजना के तहत कुल 58.7 किलोमीटर लंबाई के पांच प्रमुख बायपास बनाए जाएंगे, जिससे बैहाटा चरियाली, सिपाझार, खरूपेटिया, देकियाजुली और तेजपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में यातायात जाम की समस्या में काफी राहत मिलेगी. 

इस हाईवे परियोजना में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और तेजपुर बाईपास क्षेत्र में एक हाथी अंडरपास का निर्माण भी शामिल है. 

इसके अलावा यातायात की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 46 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर और लगभग 210 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड भी बनाई जाएंगी.

रफ्तार बढ़ेगी, समय हो जाएगा आधा

Advertisement

सरकार का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद यात्रा की औसत गति में लगभग 100 प्रतिशत तक वृद्धि होगी और यात्रा समय आधा रह जाएगा. इससे सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, ईंधन की बचत होगी और वाहन संचालन लागत में कमी आएगी, साथ ही क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा. 

यह कॉरिडोर असम और अरुणाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. परियोजना से माल और यात्रियों की आवाजाही ज्यादा तेज और सुगम होने की उम्मीद है. 

सरकार के अनुसार, उन्नत हाईवे कॉरिडोर से PM गति शक्ति योजना के तहत 8 आर्थिक नोड (औद्योगिक पार्क), दो सामाजिक नोड (दरांग और उदलगुड़ी जिले) और तीन प्रमुख पर्यटन स्थल सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे. इन पर्यटन स्थलों में मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और ओरंग राष्ट्रीय उद्यान शामिल हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें- सदन में खत्म होगी तनातनी… किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से की बात, केंद्रीय मंत्री ने क्यों कहा- नए सांसदों को मौका दें

यह भी पढ़ें

इसके अलावा, यह परियोजना सात महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक नोड्स को भी जोड़ेगी, जिनमें तीन प्रमुख रेलवे स्टेशन, दो हवाई अड्डे और दो जलमार्ग टर्मिनल शामिल हैं. इससे पूर्वोत्तर क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें