सदन में खत्म होगी तनातनी… किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से की बात, केंद्रीय मंत्री ने क्यों कहा- नए सांसदों को मौका दें
किरेन रिजिजू ने कहा, 'लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मेरी अच्छी बात हुई. हम चाहते हैं कि कांग्रेस और बाकि विपक्षी पार्टियों से बात करते रहें. हम एक दूसरे के विरोधी हैं, दुश्मन नहीं हैं.'
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Parliament Monsoon Session 2026: NEET पेपर लीक से लेकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी तक.. कई मुद्दों को लेकर संसद का मॉनसून सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहा है. संसद के इसी गतिरोध को खत्म करने के लिए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से बात की है.
इस सत्र में ये दूसरी बार है जब किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी से बात की है. सूत्रों के मुताबिक संसदीय कार्य मंत्री और राहुल गांधी के बीच सदन में गतिरोध खत्म करने पर चर्चा हुई. इसके साथ-साथ महिला आरक्षण और परिसीमन का समर्थन देने को लेकर भी हुई.
किरेन रिजिजू ने क्या बताया?
राहुल गांधी से बातचीत के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मेरी अच्छी बात हुई. हम चाहते हैं कि कांग्रेस और बाकि विपक्षी पार्टियों से बात करते रहें. हम एक दूसरे के विरोधी हैं, दुश्मन नहीं हैं. हम चाहते हैं कि देशहित में काम करें. गृहमंत्री संसद में सुबह से शाम तक हैं.'
किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि बिल तो पास हो रहे हैं और कई सांसद चर्चा में हिस्सा ले रहे हैं. कांग्रेस के नए सांसद को इससे घाटा होता है क्योंकि वे बोल नहीं पाते हैं. जबकि वो मामला कब का खत्म हो गया, लेकिन ये लोग रोज सुबह-सुबह नाटक करते हैं, एक ही चीज को लेकर बैठे हुए हैं.
राहुल गांधी ने क्या रिप्लाई किया?
बताया जा रहा है किरेन रिजिजू से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने उन्हें जवाब में कहा है, ‘वह INDIA के सभी दलों के साथ मिलकर सरकार के साथ बात करेंगे.’
महिला आरक्षण बिल और परिसीमन पर समर्थन
वैसे तो दोनों बिल पास कराने के लिए NDA के पास पूरा संख्या बल है. इसके बावजूद मुख्य विपक्षी दल होने के नाते सरकार कांग्रेस से समर्थन की मांग करेगी. पिछले सत्र में बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया था. इस बार भी मॉनसून सत्र में भी पक्ष-विपक्ष में नोकझोंक देखने को मिली.
विपक्ष का आरोप है कि सरकार भ्रम फैला रही है जबकि विपक्ष हर बहस के लिए तैयार है. वहीं, BJP का तर्क है कि विपक्ष का मकसद संसद की कार्यवाही को प्रभावित करना है बात करना नहीं.
पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावे को लेकर बहस
विपक्ष के भारी हंगामे के बीच संसद में एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया. हालांकि इससे पहले लंबी पक्ष और विपक्ष के बीच लंबी बहस हुई. मानसून सत्र की शुरुआत से सदन में एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके. 6 अगस्त को भी लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
कांग्रेस ने की अमित शाह की माफी की मांग
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जंतर मंतर के पास छात्रों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों से पूरा विपक्ष इस मांग पर अड़ा है कि गृह मंत्री खुद सदन में आएं और जवाब दें.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय और अत्याचार हुआ. जिस तरह से उन पर लाठीचार्ज और फायरिंग की गई, वह गलत था.
उन्होंने कहा, ‘ऐसी चीजें इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए थीं. पैलेट गन, आंसू गैस, लाठी, इलेक्ट्रिक बैटन, कील वाली लाठी- सब कुछ छात्रों पर चलाया गया. छात्रों ने कोई बवाल नहीं किया था. क्या उन्होंने 20-50 सरकारी गाड़ियां तोड़ीं? क्या किसी नेता को रोका और सवाल पूछा? वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन उन्हें हटाने के लिए जो तरीके अपनाए गए, वह बहुत गलत है.’
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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री माफी मांगें और गृह मंत्री सदन में बयान दें. उन्होंने कहा, ‘चाहे झारखंड हो, पंजाब हो या दिल्ली हो, हम विद्यार्थियों के साथ हैं. उनकी समस्याओं को हल कराने के लिए हम लड़ते रहेंगे.’