जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

‘बरहामपुर सीट छोड़ो…’ ममता ने यूसुफ पठान के लिए ‘दादा’ के हाथों भिजवाया संदेश? सौरव गांगुली ने अब दावों का सारा सच बताया

दावा किया गया कि ममता बनर्जी ने यूसुफ पठान को बहरामपुर सीट छोड़ने का मैसेज भिजवाया है और इसमें उनके दूत बने हैं टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली.

Author
06 Jun 2026
( Updated: 06 Jun 2026
07:07 PM )
‘बरहामपुर सीट छोड़ो…’ ममता ने यूसुफ पठान के लिए ‘दादा’ के हाथों भिजवाया संदेश? सौरव गांगुली ने अब दावों का सारा सच बताया
Source- IANS/Qamar Sibtain
Advertisement

बंगाल में ममता बनर्जी की कुर्सी क्या गई तृणमूल कांग्रेस में हड़कंप मच गया. पार्टी में दो फाड़ हो गए, विधायक बागी हो गए तो सांसदों ने फोन बंद कर लिया. इस बीच बहरामपुर से TMC सांसद और पूर्व क्रिकेटर को लेकर चौंकाने वाला दावा सामने आया. जिसमें कहा गया कि ममता बनर्जी ने यूसुफ पठान को बहरामपुर सीट छोड़ने का मैसेज भिजवाया है और इसमें उनके दूत बने हैं टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली. 

अब इन दावों पर सौरव गांगुली का रिएक्शन आया है. ‘दादा’ ने कहा है कि इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है ये आरोप झूठे हैं. वह कभी भी किसी राजनीतिक पार्टी और मामले में संदेशवाहक नहीं बने हैं. सौरव गांगुली ने कहा, 

‘मीडिया को बिना तथ्यों की पुष्टि किए ऐसी खबरें प्रकाशित करने से बचना चाहिए. कभी युसूफ पठान से इस तरह के किसी मुद्दे पर संपर्क नहीं किया. ऐसे में यह सवाल ही नहीं उठता कि उनके किसी संदेश पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रतिक्रिया दी हो.’

क्या है मामला? 

Advertisement

दरअसल, 4 जून 2026 को बंगाल के मीडिया संस्थान ने खबर दिखाई थी कि गौरव गांगुली ने ममता बनर्जी की ओर से युसूफ पठान से संपर्क किया था. रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने युसूफ पठान तक यह संदेश पहुंचाया कि वह बहरामपुर लोकसभा सीट से सांसद पद छोड़ दें ताकि ममता बनर्जी वहां से संभावित उपचुनाव लड़ सकें. खबर में यह भी कहा गया था कि युसूफ पठान इस प्रस्ताव के लिए तैयार नहीं हुए थे. 

पूर्व भारतीय कप्तान ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह आरोप पूरी तरह झूठे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी ने उनसे कभी भी युसूफ पठान तक किसी प्रकार का संदेश पहुंचाने के लिए नहीं कहा. उन्होंने कहा कि न तो संसदीय सीट छोड़ने के संबंध में और न ही किसी अन्य राजनीतिक विषय पर उनसे ऐसा कोई अनुरोध किया गया था. उन्होंने जोर देकर कहा कि वह किसी भी स्तर पर संबंधित व्यक्तियों के बीच राजनीतिक मामलों में शामिल नहीं रहे हैं. 

मीडिया को लगाई फटकार

अपने बयान में सौरव गांगुली ने मीडिया पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, अफवाहों और अटकलों के आधार पर खबरें प्रकाशित न करें. उन्होंने कहा कि उनके बारे में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच किए बिना उन्हें प्रमुखता से प्रकाशित करना दुर्भाग्यपूर्ण है. किसी भी व्यक्ति की प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में तथ्यों की पुष्टि करना पत्रकारिता की मूल जिम्मेदारी है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें- 'काले दिन अब गए...', बंगाल में STF को मिली बड़ी कामयाबी, संदेशखाली में पानी के अंदर से ढूंढ निकाला हथियारों का जखीरा

यह भी पढ़ें

सौरव गांगुली ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में खबर प्रकाशित करने से पहले उचित सावधानी बरतना और तथ्यों का सत्यापन करना आवश्यक था. उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में मीडिया संस्थान जिम्मेदार पत्रकारिता के मानकों का पालन करेंगे और अपुष्ट सूचनाओं को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने से बचेंगे. 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें