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55 दिन में इंसाफ....पुणे में 4 साल की बच्ची से रेप-हत्या के दोषी 65 साल के भीमराव कांबले को फांसी

Bhimrao Kamble Death Penalty: महाराष्ट्र के पुणे जिले के नसरापुर में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी बेरहमी से हत्या करने वाले 65 वर्षीय भीमराव कांबले को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है.

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29 Jun 2026
( Updated: 29 Jun 2026
02:41 PM )
55 दिन में इंसाफ....पुणे में 4 साल की बच्ची से रेप-हत्या के दोषी 65 साल के भीमराव कांबले को फांसी
Image Source: Canva /IANS
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Bhimrao Kamble death penalty in Nasrapur Rape Case: महाराष्ट्र के पुणे जिले के नसरापुर में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसकी बेरहमी से हत्या करने वाले 65 वर्षीय भीमराव कांबले को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है. पुणे जिला एवं सत्र न्यायालय के जज एस.आर. सालुंखे ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि यह अपराध बेहद जघन्य और अमानवीय है. कोर्ट ने माना कि आरोपी ने जिस तरह से इस वारदात को अंजाम दिया, उसे देखते हुए वह किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है. इसलिए उसे मौत की सजा देना ही न्यायसंगत है.

कोर्ट ने माना 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मामला

सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष ने अदालत के सामने सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण फैसलों का हवाला दिया. अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यह मामला उन चुनिंदा मामलों में आता है, जिन्हें कानून की भाषा में 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' यानी सबसे दुर्लभ और गंभीर अपराध माना जाता है. अदालत ने भी इस तर्क से सहमति जताई और कहा कि मासूम बच्ची के साथ जिस तरह की क्रूरता की गई, वह समाज को झकझोर देने वाली है. पीड़िता के शरीर पर मिले गंभीर चोटों के निशान इस बात का साफ सबूत हैं कि आरोपी ने बेहद निर्दयता से अपराध किया.

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पहले भी दर्ज था यौन उत्पीड़न का मामला

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कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि भीमराव कांबले के खिलाफ पहले भी यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज हो चुका था. यानी आरोपी को कानून की पूरी जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद उसने इतना बड़ा अपराध किया. अदालत ने यह भी कहा कि पूरे मुकदमे के दौरान आरोपी ने अपने किए पर कोई पछतावा नहीं दिखाया. यही वजह रही कि कोर्ट ने उसके लिए किसी भी तरह की रियायत देने से इनकार कर दिया.

दो महीने के भीतर पूरा हुआ मुकदमा

इस मामले में पुलिस और अदालत दोनों ने तेजी से कार्रवाई की. घटना 1 मई को हुई थी और पुलिस ने सिर्फ 15 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी. इसके बाद 28 मई को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए और 21 जून को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी हो गई. पूरे मामले की सुनवाई करीब दो महीने के अंदर पूरी करते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और फांसी की सजा सुना दी.

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कैसे सामने आई थी दिल दहला देने वाली वारदात

1 मई को पुणे के भोर तालुका में यह दर्दनाक घटना सामने आई थी. दोपहर के समय तीन साल की बच्ची अचानक लापता हो गई. परिवार के लोगों ने उसे आसपास हर जगह तलाशा, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. काफी खोजबीन के बाद बच्ची का शव खून से लथपथ और बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में मिला. जांच में सामने आया कि आरोपी ने बच्ची की बेरहमी से हत्या की थी और उसकी जान पत्थर से कुचलकर ली गई थी. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था.

सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत

पुलिस ने जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज में साफ दिखाई दिया कि आरोपी भीमराव कांबले बच्ची को अपने साथ ले जा रहा था. यही वीडियो पुलिस के लिए सबसे अहम सबूत बना. इसके आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की, उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया. बाद में जांच में मिले अन्य सबूतों ने भी आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत किया, जिसके आधार पर अदालत ने उसे दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई.

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Input -IANS 

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