राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आरोपियों का केस लड़ने को तैयार नहीं वकील, कोर्ट में आज होगी पेशी
Ram Mandir Case: फैज़ाबाद बार एसोसिएशन के कई वकील इन आरोपियों का केस लड़ने के पक्ष में नहीं हैं. इस मुद्दे पर अंतिम फैसला बार एसोसिएशन की आमसभा में लिया जाएगा. अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता हैं तो आरोपियों को स्थानीय स्तर पर क़ानूनी सहायता मिलने में बड़ी परेशानी हो सकती हैं.
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Ram Mandir Case: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. अब खबर हैं कि फैज़ाबाद बार एसोसिएशन के कई वकील इन आरोपियों का केस लड़ने के पक्ष में नहीं हैं. इस मुद्दे पर अंतिम फैसला बार एसोसिएशन की आमसभा में लिया जाएगा. अगर यह प्रस्ताव पास हो जाता हैं तो आरोपियों को स्थानीय स्तर पर क़ानूनी सहायता मिलने में बड़ी परेशानी हो सकती हैं. सोमवार को इन सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत खत्म हो रही हैं और उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा. ऐसे में बार एसोसिएशन का फैसला काफी अहम माना जा रहा हैं...
वकीलों ने जताई नाराजगी
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी की घटना से वकीलों की भावनाएं आहत हुई हैं. उनका मानना है कि इस मामले ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई है. इसी वजह से अधिकांश वकील आरोपियों की ओर से अदालत में पेश नहीं होना चाहते.
कुछ वकीलों ने तो आरोपियों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि इस मामले में कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे.
किन लोगों को किया गया है गिरफ्तार?
इस मामले में पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. ये सभी मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिलने वाली नकदी, आभूषण और अन्य कीमती सामान की गिनती और प्रबंधन से जुड़े काम में लगे हुए थे.
पुलिस जांच के दौरान अब तक करीब 79.85 लाख रुपये बरामद कर चुकी है. आरोपियों पर चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी की संपत्ति रखने, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.
आरोपियों के घरों पर भी हुई छापेमारी
रविवार को पुलिस ने सभी आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की,स्थानीय मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घरों की तलाशी ली गई, जहां से कुछ नकदी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद पैसा और दस्तावेज कहीं मंदिर के चढ़ावे से जुड़े तो नहीं हैं. सूत्रों के अनुसार, कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस आरोपियों की कस्टडी रिमांड भी मांग सकती है ताकि उनसे और पूछताछ की जा सके.
क्या ट्रस्ट को पहले से थी गड़बड़ी की जानकारी?
इस मामले में एक और बड़ा दावा सामने आया है. बताया जा रहा है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को इस कथित गड़बड़ी की जानकारी मामला सार्वजनिक होने से पहले ही मिल गई थी. सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के निर्देश पर 5 जून को पुलिस और ट्रस्ट के प्रतिनिधि एक आरोपी के घर भी पहुंचे थे, जहां से कथित तौर पर नकदी बरामद हुई थी. हालांकि उस समय कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई. अब इस बात पर भी सवाल उठ रहे हैं कि अगर जानकारी पहले से थी तो कानूनी कार्रवाई में देरी क्यों हुई.
सीसीटीवी फुटेज भी आया सामने
मामले से जुड़ा एक कथित सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है. इसमें पुलिस एक आरोपी को हिरासत में लेकर जाती दिखाई दे रही है. उसके हाथ में एक काला बैग भी नजर आता है. दावा किया जा रहा है कि इसी बैग में तलाशी के दौरान बरामद नकदी रखी गई थी. हालांकि पुलिस की ओर से इस बारे में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है.
जांच में मिली कई खामियां
एसआईटी की शुरुआती जांच में मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़ी कई कमियां सामने आने की बात कही जा रही है. सूत्रों के अनुसार, कैश हैंडलिंग की प्रक्रिया, कर्मचारियों का सत्यापन और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था में कई तरह की लापरवाही मिली है.
इसके अलावा, चढ़ावे का प्रबंधन संभालने वाले कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर भी जांच चल रही है. यह देखा जा रहा है कि उनकी नियुक्ति नियमों के तहत हुई थी या नहीं.
जांच जारी, आगे और खुलासों की उम्मीद
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एसआईटी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप चुकी है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है. जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह मामला और गंभीर होता जा रहा है.
अब सभी की नजर सोमवार की कोर्ट सुनवाई, पुलिस की अगली कार्रवाई और बार एसोसिएशन के फैसले पर टिकी हुई है. आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.