जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

देशभर में बुलडोजर एक्शन की तैयारी! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, अब इन इमारतों पर चलेगा हथौड़ा

Supreme Court: अदालत ने दिल्ली, पटना और लखनऊ समेत कई शहरों में ऐसे मामलों की पहचान कर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद आने वाले दिनों में कई इलाकों में अवैध निर्माण को हटाने, संपत्तियों को सील करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है.

Author
12 Aug 2026
( Updated: 12 Aug 2026
09:07 AM )
देशभर में बुलडोजर एक्शन की तैयारी! सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, अब इन इमारतों पर चलेगा हथौड़ा
Image Source: IANS
Advertisement

Supreme Court: देशभर में नियमो की अनदेखी कर किए जा रहे अवैध निर्माण और रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने दिल्ली, पटना और लखनऊ समेत कई शहरों में ऐसे मामलों की पहचान कर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद आने वाले दिनों में कई इलाकों में अवैध निर्माण को हटाने, संपत्तियों को सील करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है..

लोगों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट चिंतित

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुद्दुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने सुनवाई के दौरान दिल्ली के होटल और लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए आग के हादसों का जिक्र किया. इन हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी. अदालत ने कहा कि ऐसे हादसों के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही यह पता लगाना चाहिए कि कौन-सी इमारतें नियमों का उल्लंघन कर रही हैं और कहां लोगों की सुरक्षा खतरे में है. अदालत खास तौर पर इस बात को लेकर गंभीर है कि जिन इलाकों को रहने के लिए मंजूरी मिली है, वहां घरों और संपत्तियों का इस्तेमाल दुकान, ऑफिस, कोचिंग सेंटर, गोदाम या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है. इससे ट्रैफिक, पार्किंग और आग जैसी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा पर भी खतरा पैदा होता है.

Advertisement

दिल्ली में सर्वे में देरी पर नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के लाजपत नगर और सरोजिनी नगर मार्केट में नियमों के उल्लंघन और इमारतों की मजबूती की जांच के लिए सर्वे शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई. अदालत ने 9 जुलाई को आईआईटी दिल्ली के दो प्रोफेसरों और अन्य विशेषज्ञों की कमेटी बनाने का निर्देश दिया था, लेकिन यह काम समय पर नहीं हो पाया.
इस देरी पर अदालत ने दिल्ली नगर निगम और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद से नाराजगी जाहिर की. सुप्रीम कोर्ट ने साफ संकेत दिया कि लोगों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकारी विभागों की लापरवाही या देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

वांटेड रामचंद्र का गजब खेल! पुलिस करती रही तलाश, अभिजीत दिपके के साथ मंच पर आरोपी रहा मौजूद

पटना में 26,746 मामले सामने आए

पटना में स्थिति और भी गंभीर नजर आ रही है. पटना नगर निगम के नए हलफनामे के मुताबिक सर्वे के बाद 26,746 ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां रिहायशी संपत्तियों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है. इतनी बड़ी संख्या सामने आने पर सुप्रीम कोर्ट ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए..
अदालत ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन लंबे समय तक प्रशासन की जानकारी में क्यों नहीं आया.पूर्व नगर आयुक्त पराशर ने बताया कि उनके कार्यकाल में करीब 500 मामले सामने आए थे. इनमें कई मामलों में संज्ञान लेकर आदेश भी जारी किए गए और शिकायतों पर कार्रवाई की गई. फिर भी सुप्रीम कोर्ट ने इसे पर्याप्त नहीं माना और पूर्व नगर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया. उनसे पूछा गया है कि उनके कार्यकाल में ऐसी लापरवाही के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए.

Advertisement

लखनऊ में भी तेज होगा सर्वे

लखनऊ विकास प्राधिकरण यानी एलडीए को भी दिल्ली की तरह शहर में अवैध निर्माण और रिहायशी संपत्तियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों का पता लगाने के लिए सर्वे करने का निर्देश दिया गया है. एलडीए के उपाध्यक्ष ने अदालत को बताया कि अब तक 51 संपत्तियों की पहचान हो चुकी है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है. एलडीए ने अदालत को भरोसा दिया है कि पूरे क्षेत्र में जांच और आगे की कार्रवाई युद्धस्तर पर की जाएगी और इसे जल्द पूरा किया जाएगा.

अब जिम्मेदार अधिकारियों पर भी नजर

यह भी पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट के इस सख्त रुख से साफ है कि अब कार्रवाई सिर्फ अवैध निर्माण करने वालों तक सीमित नहीं रहेगी. उन अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय हो सकती है, जिनकी निगरानी में वर्षों तक नियमों का उल्लंघन चलता रहा. अदालत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियमों की अनदेखी के कारण किसी की जान खतरे में न पड़े.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें