Jharkhand Student Protest: कंगना ने राहुल पर साधा निशाना, कहा-हमारे 'जेन-जी' सच में हर तरह की तकलीफ झेल रहे हैं
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे बच्चों की विवशता को समझाते हुए उन्होंने कहा, "मैंने कई वीडियो देखे हैं कि बच्चों को त्रिपाल लगाने की इजाजत नहीं दी जा रही है. खाने की ठीक स्थिति नहीं है, बच्चों ने दो-तीन दिन से कपड़े नहीं बदले हैं. हालात यहां तक गंभीर हैं कि बच्चों के पास ऑनलाइन फूड नहीं जा पा रहा है. ऐसी स्थिति में राहुल गांधी वहां नहीं पहुंच रहे हैं.
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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले जेन जी प्रदर्शनकारियों को 'गटर जेनरेशन' कहने वाली भाजपा सांसद कंगना रनौत ने गुरुवार को रांची में चल रहे छात्र आंदोलन पर अपनी राय रखी.
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की धांधली पर बोली कंगना रनौत
कंगना रनौत ने राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा, "हमारे 'जेन-जी' सच में हर तरह की तकलीफ झेल रहे हैं और ये मामला दशकों से चला आ रहा है. हम लोगों ने भी इस तरह की समस्याओं को देखा हुआ है, चाहे पेपर लीक हों या मेरिट-बेस पेपर समेत कई समस्याएं, लेकिन इन सभी के बीच मैं ये कहना चाहती हूं कि कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर और संसद में इतने तमाशे किए थे. अब जब झारखंड में ऐसी स्थिति बन रही है, वहां के हालात खराब हो रहे हैं. झारखंड में बच्चों को हर तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
कंगना ने राहुल गाँधी पर साधा निशाना
झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे बच्चों की विवशता को समझाते हुए उन्होंने कहा, "मैंने कई वीडियो देखे हैं कि बच्चों को त्रिपाल लगाने की इजाजत नहीं दी जा रही है. खाने की ठीक स्थिति नहीं है, बच्चों ने दो-तीन दिन से कपड़े नहीं बदले हैं. हालात यहां तक गंभीर हैं कि बच्चों के पास ऑनलाइन फूड नहीं जा पा रहा है. ऐसी स्थिति में राहुल गांधी वहां नहीं पहुंच रहे हैं. कंगना रनौत ने कहा कि जब हुड़दंग मचाना था, लोगों को उकसाना था, बच्चों को उकसाकर देश की सिक्योरिटी के साथ खतरा मोल लेना हो, तब राहुल गांधी देश के लिए खतरा बनकर निकलते हैं."
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हाल ही में मेटा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से हटा दिया गया था, जिसके बाद काफी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था. भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "देखिए, मैं भी उसी कमेटी से ताल्लुक रखती हूं और हमारे चेयरमैन निशिकांत दुबे ने बहुत कड़ा रुख अपनाया और माफी की मांग भी की. हमने इस बात पर भी चिंता जताई थी कि कैसे एंटी-नेशनल कंटेंट को बढ़ावा दिया जाता है. हमें खुशी है कि उन्होंने अपनी गलतियां मान ली हैं. हमें उम्मीद है कि जिस तरह से ये आतंकवादी ताकतें हमारी नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा बन रही हैं, उससे हमें राहत मिलने की अपेक्षा करते हैं."