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'अब जिंदा नहीं बच पाऊंगा', झारखंड में 13 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र का दर्द, कहा- जान दे दूंगा, पीछे नहीं हटूंगा
झारखंड में 13 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे एक छात्र प्रदर्शनकारी की दर्दभरी दास्तां ने देश को झकझोर दिया है. उन्होंने दो टूक कहा कि मिट्टी के लिए जान दे देंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे. इतना ही नहीं ये भी कहा कि जब सरकार बहरी हो जाए तो धमाका जोरदार होता है.
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जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के विरुद्ध रांची में जारी छात्रों का आंदोलन 23वें दिन में प्रवेश कर गया है. रविवार को भी छात्र अपनी मांगों को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों ने पुतला दहन के साथ-साथ मुख्यमंत्री आवास के घेराव का भी ऐलान किया है.
'अब ज्यादा नहीं बचूंगा'
इसी बीच करीब 13 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे एक छात्र प्रदर्शनकारी प्रेम नाईक की भावुक आपबीती और छात्रों के हित में अपील ने देश को अंदर से झकझोर दिया है. नाईक ने कहा कि “आज विरोध प्रदर्शन का 23वां और भूख हड़ताल का 13वां दिन है, सरकार बिल्कुल भी गंभीर नहीं है. उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति और स्वास्थ्य के बारे में कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैं ज़्यादा दिन बच पाऊंगा; हालत बहुत गंभीर है...कल से बुखार शुरू हो गया है. उन्होंने आगे कहा कि प्रशासन ने मुझे इलाज के लिए ले जाने की कोशिश की, लेकिन मैंने मना कर दिया...वे देवेंद्र नाथ महतो को ले गए और उन्हें वापस नहीं आने दे रहे हैं. उनका मकसद आंदोलन को तोड़ना है...”
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वहीं सीएम आवास घेराव को लेकर छात्रों के ऐलान पर प्रेम नाईक ने आगे कहा कि, “... मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के बारे में बातचीत चल रही है; अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है...मेरी राय में, मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के बजाय ‘जेल भरो आंदोलन’ बेहतर रहेगा...गांधीवादी तरीके से आंदोलन ज्यादा कारगर होगा...जैसे कि असहयोग आंदोलन किया जाए...सभी स्कूल और कॉलेज बंद करना भी एक बहुत अच्छा विचार है; ये दो ऐसे उपाय हैं जिन पर विचार किया जा सकता है...',
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'ये काले अंग्रेज हैं'
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों पर FIR दर्ज की जा रही है, लेकिन कार्रवाई इनके ऊपर होनी चाहिए...ये बुरे फसेंगे...इन्होंने छात्रों के ऊपर लाठी चलाई है, छात्रों का जीवन बर्बाद किया है. उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि वो इस मिट्टी के लिए जान दे देंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे, इतना ही नहीं उन्होंने मौजूदा सरकार और प्रशासन को काले अंग्रेज कहकर संबोधित किया और कहा कि जब सरकार बहरी हो जाए तो धमाका जोरदार होना चाहिए.
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'अब नहीं बचूंगा...मिट्टी के लिए कुर्बानी दे दूंगा...ये काले अंग्रेज हैं...सरकार बहरी है, धमाका तो जोर का होगा'
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 16, 2026
झारखंड में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र प्रदर्शनकारी प्रेम नायक की छात्रों के हित में सरकार से बड़ी अपील, आखिरी सांस तक लड़ने का किया ऐलान, कहा-जान दे देंगे, लेकिन पीछे… pic.twitter.com/4GqiruxzTK
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान
इसी बीच प्रदर्शनकारी छात्रों ने अल्टीमेटम दिया है कि 18 अगस्त तक सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करती है तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री आवास के घेराव के समय लाखों छात्र प्रदेशभर से आएंगे.
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छात्र कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी आरोप लगा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राहुल गांधी सिर्फ छात्रों के साथ होने का आश्वासन दे रहे हैं, जबकि उनकी पार्टी सरकार के साथ गठबंधन में है और उनके मंत्री गैरजिम्मेदाराना तरीके से बयान दे रहे हैं.
'शहीद भगत सिंह रास्तों पर चलने को मजबूर कर रही सरकार'
छात्र आंदोलनकारियों में से एक रविंद्र कुमार पासवान ने कहा कि हम अपने आंदोलन का स्वरूप बदल रहे हैं. इसकी जिम्मेदार झारखंड सरकार है. हमने पिछले 22 दिन में गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया. ऐसा लगता है कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन राज्य सरकार को रास नहीं आया है और यह छात्रों को शहीद भगत सिंह रास्तों पर चलने के लिए मजबूर कर रही है.
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राहुल गांधी के खिलाफ भी छात्र प्रदर्शनकारियों ने खोला मोर्चा
उन्होंने कहा कि हम लोगों ने अब आर-पार की लड़ाई के लिए ठान लिया है. जब तक उनकी मांगों को नहीं मान लिया जाता, तब तक हम लोग आंदोलनरत रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों में बहुत आक्रोश है. वे यही कह रहे हैं कि 22 दिनों से हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे हैं, लेकिन सरकार नहीं सुन रही है. इसलिए हम लोग आज पुतला दहन करने जा रहे हैं.
छात्र ने कहा, "झारखंड में कांग्रेस सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है, लेकिन राहुल गांधी भी हमारे लिए कुछ नहीं कर रहे हैं. उन्होंने पोस्ट के माध्यम से आश्वासन दिया था कि हम छात्रों के साथ हैं और छात्रों के मुद्दे हल होने चाहिए, लेकिन उनका आश्वासन सिर्फ आश्वासन ही रह गया है."
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'कांग्रेस भी जेएमएम जितनी ही जिम्मेदार'
उन्होंने सवाल किया कि आखिर राहुल गांधी हमारी मदद क्यों नहीं कर रहे हैं. एक तरफ वे कहते हैं कि छात्रों के साथ हैं, लेकिन दूसरी तरफ उनके मंत्रियों की जुबान पर नियंत्रण नहीं है. छात्र ने कहा, "आज कांग्रेस के बड़े नेता हैं, लेकिन आपके नियंत्रण में आपके मंत्री क्यों नहीं हैं? आप कुछ कहते हैं, लेकिन मंत्री कुछ और बोल रहे हैं."
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छात्र रविंद्र ने कहा कि झारखंड में जितनी जिम्मेदार जेएमएम है, उतनी ही कांग्रेस है. हम सभी छात्र इन दोनों का खेल समझ चुके हैं.