CJP में सबकुछ ठीक या अंदरूनी कलह? आशुतोष रांका-सौरव दास को मुक्का मारते देख लोग हैरान!
CJP: इस तस्वीर के साथ अटकलें लगाई जी रहीं थीं कि टीम के तीन कॉकरोचों यानी अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका के बीच फूट पड़ गई है. कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कयास लगाए जा रहे हैं कि इन तीनों में पहले जैसी बॉन्डिंग नहीं रही.
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CJP: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. इसकी वजह आंदोलन को लेकर दिया गया उनका एक बयान है, जिसके बाद उनके और पार्टी के दो सह-संयोजकों सौरव दास और आशुतोष रांका के बीच मतभेद होने की अटकलें लगने लगी थीं... कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान दिपके खुद पीछे रहे, जबकि दास और रांका को इसके चलते 7 दिन तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा. हालांकि, इन आरोपों और तीनों के बीच कथित अनबन की चर्चाओं के बीच अब दीपके ने एक ऐसी तस्वीर साझा की है, जिसने सबका ध्यान खींचा है....
'हमारे बीच अंदरूनी फूट पड़ गई है', दिपके ने तस्वीर से दिया जवाब
अभिजीत दीपके ने सोमवार, 26 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सौरभ दास और आशुतोष रांका के साथ अपनी एक तस्वीर पोस्ट की. तस्वीर में तीनों काली टी-शर्ट पहने नजर आ रहे हैं. दिपके बीच में खड़े होकर सेल्फी ले रहे हैं, जबकि दास और रांका उनके साथ मजाकिया अंदाज में मुक्का मारने जैसा पोज देते दिख रहे हैं. इस तस्वीर के साथ दिपके ने तंज कसते हुए लिखा कि उनके बीच 'अंदरूनी फूट' पड़ गई है. उनके इस अंदाज को तीनों के बीच मतभेद की चर्चाओं पर जवाब देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है...हालांकि, सिर्फ इस तस्वीर के आधार पर उनके आपसी रिश्तों को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.
Internal rift🥴 https://t.co/aREZ0JoNIH
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 26, 2026
आंदोलन रोकने की अपील के बाद उठे थे सवाल
दरअसल, विवाद उस समय शुरू हुआ, जब दिॆॆॆॆॆपके ने दिवाली तक आंदोलन रोकने की अपील की थी. अपने वीडियो संदेश में उन्होंने यह भी कहा था कि आंदोलन का नेतृत्व सौरभ दास और आशुतोष रांका कर रहे थे.... इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनके बयान पर सवाल उठाए...आलोचकों का कहना था कि जब दास और रांका जेल में थे, तब आंदोलन स्थगित करने की घोषणा करना गलत संदेश देता है..इसी घटनाक्रम के बाद तीनों के बीच मतभेद होने की अटकलें तेज हो गई थीं.
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तिहाड़ से रिहा हो चुके हैं सौरभ दास और आशुतोष रांका
पिछले सप्ताह सौरभ दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया गया था.... दोनों ने हलफनामा दिया था कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और जंतर-मंतर को अधिसूचित धरना स्थल बनाए जाने तक वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे.. इसके बाद 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदार की शर्त पूरी होने पर उनकी रिहाई का आदेश दिया गया.
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इस पूरे घटनाक्रम के बीच तीनों नेताओं के बीच एकजुटता को लेकर चर्चाएं जारी हैं.. वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर भी उनकी चुप्पी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं...फिलहाल, दिपके की नई तस्वीर ने अंदरूनी फूट की अटकलों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है..