‘प्रधानमंत्री का अपमान, देश का अपमान…’ प्रदर्शन में PM मोदी को अपशब्द कहने पर भड़के इमाम, छात्रों को दी बड़ी नसीहत
PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले प्रदर्शनकारियों की अब इमाम उमर अहमद इलियासी ने क्लास लगाई है. उन्होंने ऐसी टिप्पणियों पर दुख जताते हुए कहा, भारतीय संस्कृति बड़ों का सम्मान करना सिखाती है.
Follow Us:
ऑल इंडिया इमाम संगठन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में अपशब्दों के इस्तेमाल की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री हैं और अभिभावक के तौर पर हम उन्हें देखते हैं. ये अपशब्द सिर्फ प्रधानमंत्री के लिए नहीं थे, बल्कि देश का भी अपमान हुआ है.
इमाम उमर अहमद इलियासी ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘मेरी भी एक जिम्मेदारी है और एक इमाम के तौर पर मैं अपना फर्ज निभाना चाहता हूं. पिछले एक महीने में, पूरे देश और दुनिया ने 20 जुलाई से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों को देखा है.
विरोध में मर्यादा न लांघने की दी नसीहत
इमाम उमर अहमद इलियासी ने कहा, ‘हर किसी को विरोध करने का अधिकार है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन यह सब शालीनता के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए.’ उन्होंने ये भी कहा,
Delhi: Chief Imam of the All India Imam Organization, Umer Ahmed Ilyasi, says, "I am not saying that this respect is only for Narendra Modi. It is an honour for India. Today, Narendra Modi is our country's elected Prime Minister, and he has received the highest civilian honours… pic.twitter.com/w9ncYrUtMp
— IANS (@ians_india) August 2, 2026
‘विरोध प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. सरकारी बसों और गाड़ियों में आग लगा दी गई, सड़कें जाम कर दी गईं और आगजनी की घटनाएं हुईं. सरकारी संपत्ति हम सबकी है, इसलिए ऐसी हरकतें आखिरकार जनता का ही नुकसान करती हैं.’
भारतीय संस्कृति बड़ों का सम्मान करना सिखाती है- इमाम
इमाम इलियासी ने कहा कि आंदोलन या विरोध करना चाहिए. परिवारों के अंदर भी विरोध और मतभेद होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं होता कि आप अपने बड़ों का अपमान करें. जिस तरह आंदोलन के अंदर बच्चों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए शब्दों का इस्तेमाल किया, ये अमर्यादित थे. उन्हें और उनकी माता जी के लिए बुरा-भला कहा गया. यह सब देखकर बुरा लगा है. हमारी भारतीय संस्कृति है कि बड़ों का सम्मान करना चाहिए.
उमर अहमद इलियासी ने आगे कहा, ‘नरेंद्र मोदी इस देश के प्रधानमंत्री हैं और अभिभावक के तौर पर हम उन्हें देखते हैं. आंदोलन में जिस तरह की चीजें पूरी दुनिया ने देखी, समझें कि ये अपशब्द सिर्फ प्रधानमंत्री के लिए नहीं थे, बल्कि देश का भी अपमान हुआ है.’
याद दिलाईं PM मोदी की उपलब्धियां
यह भी कहा कि आज नरेंद्र मोदी हमारे देश के चुने हुए प्रधानमंत्री हैं और उन्हें 37 देशों से सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिले हैं. यह कोई मामूली उपलब्धि नहीं है. भारत के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री को ऐसा सम्मान नहीं मिला है. जब आप उनका अपमान करते हैं और उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो क्या हमारे संस्कार हमें यही सिखाते हैं? क्या यही हमारी संस्कृति है? हम क्या संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं?
यह भी पढ़ें- देश सेवा करते हुए गंवा दिया था पैर, अब CWG में जीता गोल्ड, कौन हैं सोमन राणा जो बन गए कॉमनवेल्थ के हीरो
उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा, ‘मैं देख रहा था, जिस तरह आंदोलन हो रहा था. इसको लेकर मैं दुखी हूं. आपने प्रधानमंत्री का जिस तरह अपमान किया है, उससे भारत का भी अपमान हुआ है’
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ था. जिसमें कुछ प्रदर्शनकारियों ने PM मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया. कुछ लोग विवादित पोस्टर भी लेकर पहुंचे थे. इतना ही नहीं लोगों ने सोशल मीडिया पर भी जहर उगलते हुए उन्हें अपशब्द कहे. हालांकि अभद्र टिप्पणियां करने पर कुछ लड़कियों पर केस भी दर्ज हुए थे, बाद में PM मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए लड़कियों को उनकी टिप्पणी के लिए माफ कर दिया था.
यह भी पढ़ें
With IANS Input