'आइशी घोष को कुछ भी हुआ तो बवाल होगा!' लेफ्ट के बचाव में क्यों उतरी 'कॉकरोच' पार्टी?
CJP: छात्र संगठन एसएफआई (SFI) की अखिल भारतीय संयुक्त सचिव आइशी घोष को गिरफ्तार करने की कोशिशों के आरोपों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) खुलकर उनके समर्थन में आ गई है.
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CJP: नीट (NEET) परीक्षा में कथित गड़बड़ियां के खिलाफ देशभर में हुए छात्र प्रदर्शनों का मामला अब सिर्फ क़ानूनी या पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है. इस मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है. छात्र संगठन एसएफआई (SFI) की अखिल भारतीय संयुक्त सचिव आइशी घोष को गिरफ्तार करने की कोशिशों के आरोपों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) खुलकर उनके समर्थन में आ गई है. पार्टी का कहना है कि छात्रों की आवाज को दबाने के लिए पुलिस और कानून का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है.
सरकार की मंशा पर CJP ने उठाए सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का इस्तेमाल किसी राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया जाना चाहिए. उनके मुताबिक, अदालत के फैसलों को हथियार बनाकर छात्रों और प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है.. सौरव दास ने यह भी कहा कि सरकार ने देश के युवाओं से जो भरोसा और वादे किए थे, उनका सम्मान होना चाहिए. उन्होंने मांग की कि इस मामले में दर्ज सभी एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं ताकि प्रदर्शन करने वाले छात्रों के मन में डर का माहौल खत्म हो सके..
"अगर अपराधी थे तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?"
सरकार की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि जिन लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, उनमें कुछ का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है. इस पर जवाब देते हुए सौरव दास ने कहा कि अगर वास्तव में ऐसे लोग अपराधी थे, तो पुलिस ने पहले उनके खिलाफ सख्त कदम क्यों नहीं उठाए. उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी के खिलाफ पुराने मामले लंबित थे, तो उसकी जमानत रद्द कराने की कोशिश क्यों नहीं की गई..
उन्होंने कहा कि अब पुराने मामलों का हवाला देकर नए प्रदर्शनों से जुड़े लोगों को निशाना बनाना सही नहीं है.उनका आरोप है कि सरकार इस बहाने एफआईआर को बनाए रखना चाहती है ताकि भविष्य में भी छात्रों और ईमानदारी से आंदोलन करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जा सके. सौरव दास ने साफ कहा कि देश का युवा इस तरह की कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेगा और उनकी पार्टी हर उस छात्र और प्रदर्शनकारी के साथ खड़ी रहेगी जिसने बेहतर भविष्य के लिए अपनी आवाज उठाई है.
आइशी घोष को लेकर चेतावनी, आंदोलन तेज करने की बात
छात्र नेता आशुतोष रांका ने भी इस पूरे मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यदि आइशी घोष के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाती है या उन्हें किसी तरह का नुकसान पहुंचाने की कोशिश होती है, तो देशभर में पहले से कहीं बड़ा छात्र आंदोलन देखने को मिलेगा.., उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्र नेताओं का उत्पीड़न बंद किया जाए और युवाओं से किए गए वादों का सम्मान किया जाए.रांका का कहना है कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जा सकती.
SFI ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
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स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है. संगठन का आरोप है कि पुलिस प्रशासन के दबाव में काम कर रही है और जानबूझकर छात्र नेताओं तथा आंदोलन में शामिल युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है. एसएफआई ने अपने कार्यकर्ताओं और छात्रों से एकजुट होकर विरोध दर्ज कराने की अपील की है.
संगठन का कहना है कि यह सिर्फ एक छात्र नेता का मामला नहीं है, बल्कि यह उन सभी छात्रों की आवाज का सवाल है जिन्होंने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया था. एसएफआई का दावा है कि अगर इस तरह की कार्रवाई जारी रही, तो देशभर में छात्रों का आंदोलन और तेज हो सकता है.