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Video: तिनकों की तरह बहे घर-गाड़ियां… वायनाड में बरसी आफत, लैंडस्लाइड में 4 लोगों की मौत, प्रियंका गांधी की बड़ी अपील

लैंडस्लाइड कितना खतरनाक था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें एक घर भी बह गया. ये पूरी घटना CCTV में कैद हो गई.

Image Source- Screengrab/Video/IANS
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Wayanad Landslide Video: केरल के वायनाड में भारी बारिश बड़ी आफत लेकर आई. यहां भारी भूस्खलन ने तबाही मचा दी है. हादसे में चार लोगों की मौत हो गई जबकि कई लापता हैं. वहीं, लैंडस्लाइड का भयानक वीडियो भी सामने आया है. 

लैंडस्लाइड कितना खतरनाक था इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें एक घर भी बह गया. हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ. जहां मलप्पुरम-वायनाड टनल प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था.

देखें वायनाड लैंडस्लाइड का खौफनाक Video

हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जो कि 7 जुलाई की सुबह 11 बजे का है. वीडियो में देखा गया कि सड़क पर एक टैंकर जा रहा है, वहां कुछ लोग भी मौजूद हैं. तभी टैंकर के सामने ऊपर से मलबे का सैलाब आता दिखाई देता है. तेज लहर के साथ आया मलबा टैंकर, बाकी वाहनों और वहां मौजूद लोगों को तिनकों की तरह बहाकर ले गया. मलबे में दबे 4 लोगों की मौत हो गई. बताया जा रहा है 8 लोग घायल भी हो गए. 

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राहत-बचाव कार्य जारी 

लैंडस्लाइड में मृतकों की संख्या 4 हो गई. वहीं, पुलिस और NDRF की टीम रेस्क्यू कर रही है. मलबा हटाने के लिए JCB मशीनें लगाई गई हैं. अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण के चलते सुरंग कंस्ट्रक्शन का काम एक दिन पहले ही रोक दिया गया था. मौके पर बड़ा बचाव अभियान चलाया गया. जिसमें मलबे के नीचे दबे चार लापता लोगों की तलाश की जा रही है.  

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घायल लोगों का दो अस्पतालों में इलाज चल रहा है जबकि बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं. 

इस बड़े भूस्खलन में एक चर्च और पास का एक घर भी बह गया. अच्छी बात यह रही कि घर पर ताला लगा था क्योंकि उसमें रहने वाले लोग मक्का की तीर्थयात्रा पर गए हुए थे और घटना के समय चर्च के अंदर भी कोई नहीं था. प्रभावित इलाकों को जोड़ने वाला एक पुल मलबे के नीचे दब गया है, जिससे बचाव कार्यों में भारी रुकावट पैदा हुई. 

वायनाड सांसद प्रियंका गांधी ने क्या कहा? 

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मिट्टी हटाने और बचाव टीमों के लिए रास्ता बनाने के लिए दो एक्सकेवेटर लगातार काम कर रहे हैं. कांग्रेस नेता और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है और राज्य प्रशासन आपसी तालमेल के साथ काम कर रहा है. 

एक बयान में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन खुद बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं जबकि पुलिस, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स और सिविल डिफेंस के कर्मचारियों की टीमें पहले ही घटनास्थल पर तैनात कर दी गई है. 

इस त्रासदी पर दुख जताते हुए प्रियंका गांधी ने जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और मुश्किल समय में उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया. 

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उन्होंने UDF कार्यकर्ताओं, पार्टी पदाधिकारियों और आम जनता से भी अपील की कि वे जिला प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए हरसंभव मदद करें. उन्होंने कहा, ‘ऐसे समय में हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि बचाव और राहत कार्यों में कोई रुकावट न आए. बिना किसी तरह की बाधा पैदा किए सभी को हरसंभव मदद करनी चाहिए.’

बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और भारी मात्रा में मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है. शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि लगातार बारिश के कारण साइट पर खोदी गई मिट्टी के बड़े ढेर ढह गए, जिससे काम करने वाली जगह का कुछ हिस्सा मलबे में दब गया.

CM सतीशन ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

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यह घटना मेप्पाडी में हुई बहुत ज्यादा बारिश के बाद हुई, जहां पिछले 24 घंटों में 226 मिमी बारिश दर्ज की गई. यह इलाका पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है और जब मिट्टी खिसकने की घटना हुई, तो पास ही कई निजी गाड़ियां और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को लाने-ले जाने वाली एक बस खड़ी थी. आपातकालीन समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करने के बाद, CM सतीशन ने कहा कि लगातार बारिश के कारण बचाव कार्यों में भारी बाधा आने के बावजूद बचाव दल काम कर रहे हैं. 

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उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने निर्माण कंपनी को कई बार निर्देश दिए थे कि साइट पर जमा की गई खोदी हुई मिट्टी के बड़े ढेर को हटा दिया जाए. इसको लेकर 20 जून को एक औपचारिक सरकारी आदेश जारी किया गया था लेकिन कंपनी ने उसका पालन नहीं किया. 

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