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झारखंड में अब Gen-Alpha का जोरदार प्रदर्शन, 10-12 साल के बच्चों का 7 घंटे आंदोलन, हेडमास्टर के लिए सरकार से भिड़े
झारखंड में 10-12 साल के बच्चों का सात घंटे का आंदोलन चर्चा का विषय बन गया है. इतना ही नहीं छात्रों ने हेडमास्टर के तबादले के विरोध में चक्का जाम किया और थाने पर पत्थरबाजी भी हुई, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल भी हो गया. हालांकि मांगे पूरी होने पर धरना खत्म कर दिया गया.
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झारखंड के गढ़वा जिले के कांडी में गुरुवार को 10 से 13 साल की उम्र के स्कूली बच्चों का आंदोलन चर्चा का विषय बन गया. स्कूल के प्रधानाध्यापक के तबादले के विरोध में बच्चे सड़क पर उतरे और देखते ही देखते कांडी-भवनाथपुर मुख्य मार्ग करीब सात घंटे तक जाम रहा. हाथों में पोस्टर-बैनर लिए बच्चों ने नारेबाजी की. इसके बाद स्थिति बिगड़ी और तोड़फोड़, पथराव तथा मारपीट की घटनाएं सामने आईं. पथराव में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया.
मामला झारखंड के गढ़वा जिले के कांडी में प्लस टू हाई स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह के तबादले के विरोध में स्कूल के छात्र-छात्राएं गुरुवार को सड़क पर उतर आए. छात्रों ने स्कूल के समीप सड़क जाम करने के बाद थाने पर पथराव किया, जिसमें एक पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना है.
झारखंड में 10-12 साल के बच्चों का सात घंटे का आंदोलन
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इससे पहले छात्रों को समझाने पहुंचे प्रखंड प्रमुख पर एक छात्र को थप्पड़ मारने का आरोप लगा, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई. पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर हालात को नियंत्रित किया. छात्रों का कहना है कि मलय कुमार सिंह करीब दो महीने पहले स्कूल में आए थे. उनके आने के बाद विद्यालय की शैक्षणिक और अनुशासन व्यवस्था में सुधार हुआ था.
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छात्रों ने उनका तबादला रद्द कर उन्हें कांडी स्कूल में ही बनाए रखने की मांग की है. प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक, विद्यालय में करीब दो हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि विभिन्न विषयों के 17 शिक्षकों की कमी है. छात्रों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं. उनका तबादला होने से विद्यालय की व्यवस्था प्रभावित होगी. सड़क जाम की सूचना मिलने पर प्रखंड प्रमुख छात्रों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे.
हेडमास्टर के तबादले के विरोध में छात्रों का चक्का जाम
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इसी दौरान कथित तौर पर एक छात्र को थप्पड़ मारने के बाद छात्र आक्रोशित हो गए. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रखंड प्रमुख की गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी. इसके बाद मामला और बढ़ गया और छात्रों ने थाने पर पथराव कर दिया. इससे एक पुलिसकर्मी के घायल होने की बात सामने आई है.
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल मौके पर भेजा और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया. छात्र प्रधानाध्यापक का तबादला रद्द करने के साथ कथित रूप से छात्र को थप्पड़ मारने वाले प्रखंड प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी छात्रों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने का प्रयास कर रहे हैं.
आखिरकार प्रधानाध्यापक की कांडी में दोबारा पदस्थापना किए जाने के बाद बच्चों ने आंदोलन समाप्त किया. घटना कांडी प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय की है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह का 12 अगस्त को तबादला कर दिया गया था. इसकी जानकारी मिलते ही गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विद्यालय के बाहर जुट गए. उन्होंने सड़क जाम कर दिया. इस कारण कांडी-भवनाथपुर मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई.
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प्रधानाध्यापक का तबादला वापस हुआ तो थमा बवाल
करीब सात घंटे तक यातायात प्रभावित रहा. प्रदर्शन कर रहे बच्चों को देखकर लोग हैरान थे. अधिकांश बच्चे 10 से 13 वर्ष की उम्र के थे. सोशल मीडिया में ‘जेन अल्फा’ का आंदोलन कहा जाने लगा. बच्चों ने प्रधानाध्यापक का तबादला वापस लेने की मांग की. उनका कहना था कि प्रधानाध्यापक के आने के बाद विद्यालय की व्यवस्था में सुधार हुआ है, इसलिए उन्हें हटाया नहीं जाना चाहिए.
छात्रों को समझाने पहुंचे प्रखंड प्रमुख ने कथित तौर पर मारा था एक छात्र को थप्पड़!
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प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बिगड़ी जब प्रखंड प्रमुख ने कथित तौर पर एक बच्चे पर हाथ उठा दिया. इसके बाद बच्चे उग्र हो उठे और उन्होंने थाने का घेराव कर डाला. इस दौरान कुछ लोगों ने पत्थर चलाए, जिससे मोहम्मद अशफाक आलम नामक पुलिसकर्मी घायल हो गया. प्रदर्शनकारियों ने प्रखंड प्रमुख सत्येंद्र पांडेय के वाहन पर भी हमला किया, जिससे उसका शीशा टूट गया.
पत्थरबाजी में एक पुलिसकर्मी घायल
हालांकि, कांड़ी के बीडीओ ने कहा कि बच्चों में किसी ने पथराव नहीं किया. प्रखंड प्रमुख सत्येंद्र पांडेय का कहना है कि उन्होंने किसी बच्चे पर हाथ नहीं उठाया. उनकी गाड़ी पर बच्चों ने नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर की राजनीति करने वाले कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया है. उन्हें बच्चों से शिकायत नहीं है. सूचना मिलने पर पुलिस अवर निरीक्षक ब्रिज कुमार, गढ़वा के एसडीपीओ दिलु लोहारा और बीडीओ राकेश सहाय मौके पर पहुंचे.
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अधिकारियों ने बच्चों और अन्य प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया. काफी देर तक चले आंदोलन के बाद जिला मुख्यालय से बकायदा पत्र जारी कर प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह की पुनः कांडी में पदस्थापना कर दी गई. इसके बाद बच्चे सड़क से हटे और जाम समाप्त हुआ.