जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

पथराव से बैरिकेड तोड़ने तक... दिल्ली पुलिस ने VIDEO जारी कर दिखाई जंतर-मंतर बवाल की असली तस्वीर

दिल्ली में 20 जुलाई के जंतर-मंतर पर बवाल के बाद दिल्ली पुलिस पर आरोप लग रहे थे कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया. अब इस घटना पर दिल्ली पुलिस ने 4 नए वीडियो जारी कर हंगामे की असली तस्वीर सबके सामने ला दी है.

पथराव से बैरिकेड तोड़ने तक... दिल्ली पुलिस ने VIDEO जारी कर दिखाई जंतर-मंतर बवाल की असली तस्वीर
Image Source: Screengrab
Advertisement

देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो मार्च' के दौरान प्रदर्शनकारी और दिल्ली पुलिस आमने-सामने हो गई थी. इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पथराव भी किया था. इसको लेकर अब दिल्ली पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पथराव करने वालों की पहचान कर रही है. अब इसी घटनाक्रम की दिल्ली पुलिस चार नए वीडियो जारी कर हंगामे की असली तस्वीर सबके सामने ला दी है. जिनमें प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की तस्वीर सामने आती दिखाई दे रही है. इन वीडियो के सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है.

दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक मामले को लेकर 'संसद चलो मार्च' का आह्वान किया था. सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन कुछ ही समय में उग्र हो गया. हालात ऐसे बने कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ और लाठीचार्ज की नौबत आ गई. इसको लेकर विपक्षी दलों ने बीजेपी पर आरोप लगाया था कि छात्रों की मांग मानने के बजाय लाठीचार्ज किया गया. 

दिल्ली पुलिस के वीडियो में क्या दिखा?

Advertisement

अब दिल्ली पुलिस ने जिन चार वीडियो को सार्वजनिक किया है, उनमें कई महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें दिखाई गई हैं. इनमें जनपथ मेट्रो स्टेशन के आसपास का इलाका, संसद मार्ग, पालिका बाजार, प्रेस क्लब और रायसीना रोड के पीछे का हिस्सा शामिल है. वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़ते, सड़कों पर आगे बढ़ते और कई जगह पथराव करते नजर आ रहे हैं. कुछ फुटेज में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की तस्वीर भी दिखाई दे रही हैं.

118 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी घायल होने का दावा

Advertisement

दिल्ली पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ के हमले में विशेष आयुक्त स्तर के अधिकारियों सहित 118 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे. वहीं, सीसीटीवी फुटेज में पुलिस की गाड़ियों पर भी पथराव होता दिखाई दे रहा है. पुलिस का कहना है कि यही वीडियो आगे की जांच में अहम साक्ष्य साबित हो सकते हैं.

हाईकोर्ट ने भी दिए अहम निर्देश

इस मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट भी पहले ही सख्त रुख अपना चुका है. अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज और वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण सबूत से छेड़छाड़ न हो. अब इन वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला केवल राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कानूनी जांच का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है. आने वाले दिनों में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और इन वीडियो का क्या असर पड़ता है, इस पर सभी की नजर बनी रहेगी.

Advertisement

यह भी पढ़ें

बहरहाल, इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और कार्रवाई होने की संभावना है, जिस पर सभी की नजर बनी हुई है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें