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मेड इन इंडिया 6G से सेमीकंडक्टर तक, लाल किले से PM मोदी ने सेट किया टेक्नोलॉजी का बड़ा टारगेट
PM Modi: PM मोदी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन काफी तेजी से बढ़ा है. उनके मुताबिक, देश में मोबाइल फोन का उत्पादन करीब 33 गुना तक बढ़ गया है.
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PM Modi: देश आज अपनी आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. अपने भाषण में पीएम मोदी ने भारत की तेजी से बदलती तस्वीर और पिछले 12 वर्षों में हासिल की गई उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने खास तौर पर टेक्नोलॉजी, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भारत की बढ़ती ताकत को सामने रखा. पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने और दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने वाला देश बन रहा है.
मोबाइल फोन बनाने में भारत ने लगाई लंबी छलांग
PM मोदी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन काफी तेजी से बढ़ा है. उनके मुताबिक, देश में मोबाइल फोन का उत्पादन करीब 33 गुना तक बढ़ गया है. इसका असर आज आम लोगों को भी दिखाई देता है. एक समय था जब मोबाइल फोन के लिए भारत काफी हद तक दूसरे देशों पर निर्भर था, लेकिन अब देश में ही बड़ी संख्या में स्मार्टफोन तैयार किए जा रहे हैं.इससे न केवल देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत हुई है, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार हुए हैं.
आज भारत में कई बड़ी ग्लोबल कंपनियां अपने मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उत्पादन कर रही हैं. इससे भारत की पहचान दुनिया के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर भी मजबूत हो रही है. खास बात यह है कि भारत मे तैयार किए गए कई स्मार्टफोन अब दूसरे देशों में भी भेजे जा रहे हैं. यानी ‘मेड इन इंडिया’ अब सिर्फ देश के बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के बाजार में भी अपनी जगह बना रहा है.
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Apple से Samsung तक, भारत में बढ़ी मैन्युफैक्चरिंग
भारत में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने का असर कई बड़ी कंपनियों की मौजूदगी के रूप में भी देखने को मिल रहा है. Apple और Samsung जैसी कंपनियों ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा अपना काम बढ़ाया है. इन कंपनियों के प्लांट और सप्लाई चेन से जुड़े कारोबार ने देश में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को नई मजबूती दी है.
इसका सीधा फायदा रोजगार पर भी पड़ा है. मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाने वाली फैक्ट्रियों के साथ-साथ उनके लिए पार्ट्स, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और दूसरी सेवाओं से जुड़े कारोबार भी बढ़े हैं। यानी टेक्नोलॉजी सेक्टर में हो रही तरक्की का असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में लोगों के लिए काम के नए रास्ते भी खुले हैं.
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In his Independence Day speech, PM Modi says, "Today I want to remind you of 'Sapta Sindhu'. Now, to build a Viksit Bharat, we need a new current. The first 'shakti' of the Sapta Dhara is- manufacturing sector. For this, we need to need to focus on three things -Cost, quality and… pic.twitter.com/OJCrkdyMbo
— ANI (@ANI) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 15, 2026
इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़ी बढ़ोतरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती ताकत का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना बढ़ी है. यह बदलाव इस बत का संकेत है कि भारत धीरे-धीरे इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में अपनी निर्भरता कम करने और देश में ही ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
पिछले कुछ वर्षों में सरकार की ओर से मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं और नीतियों पर काम किया गया है. इसका असर मोबाइल फोन से लेकर दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान के उत्पादन में देखने को मिल रहा है. भारत में तैयार हो रहे उत्पादों की मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी बढ़ रही है, जिससे निर्यात को भी मजबूती मिल रही है.
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सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भी भारत की बड़ी तैयारी
पीएम मोदी ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर भी बड़ी बात कही. उन्होंने बताया कि भारत में जल्द ही कई सेमीकंडक्टर प्लांट तैयार होने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है.सेमीकंडक्टर आज की आधुनिक दुनिया की सबसे जरूरी तकनीकों में से एक है. मोबाइल फोन, कार, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहन और कई तरह के आधुनिक उपकरणों में इसका इस्तेमाल होता है.
ऐसे में भारत का सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना आने वाले समय के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. अगर देश में चिप का उत्पादन बढ़ता है, तो इससे इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी के पूरे इकोसिस्टम को फायदा मिल सकता है. पीएम मोदी ने डेटा सेंटर के क्षेत्र में भी तेजी से हो रहे काम का जिक्र किया और बताया कि भारत डिजिटल दुनिया में अपनी क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है.
12 साल में भारत ने पकड़ी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पिछले 12 वर्षों के बदलाव को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि इन वर्षों में भारत ने एक नई रफ्तार पकड़ी है और देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है. टेक्नोलॉजी से लेकर डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग तक कई क्षेत्रों में भारत ने अपनी क्षमता को मजबूत किया है.
पीएम मोदी ने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की ताकत और उनके संकल्प को अब रोकना नामुमकिन है. उनके मुताबिक, बीते 12 वर्षों में देश के डिफेंस प्रोडक्शन में भी करीब चार गुना बढ़ोतरी हुई है. वहीं इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब सात गुना बढ़ी है. इन आंकड़ों के जरिए प्रधानमंत्री ने यह बताने की कोशिश की कि भारत अब सिर्फ विकास की बात नहीं कर रहा, बल्कि कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जमीन पर तेजी से बदलाव भी दिखाई दे रहा है.
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टेक्नोलॉजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत
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भारत की कहानी अब सिर्फ आईटी और सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रह गई है. मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और डिफेंस प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में देश अपनी क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहा है. इसका मकसद भारत को एक मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी पावर बनाना है.
आज देश के युवाओं के हाथ में टेक्नोलॉजी है और भारत के पास दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है. ऐसे में अगर मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन और नई तकनीक का यह सफर इस रफ्तार से आगे बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में भारत की भूमिका वैश्विक टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में और मजबूत हो सकती है. यही वह नई रफ्तार है, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में किया..