×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

वृद्धजनों के सम्मान में CM योगी की भावुक पाती, बोले- घर सूने हो रहे हैं और वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए लिखा, "आज घर सूने हो रहे हैं और वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं. यह तथ्य मन को व्यथित करता है. यह स्थिति क्यों आई?

Author
15 Jun 2026
( Updated: 15 Jun 2026
12:23 PM )
वृद्धजनों के सम्मान में CM योगी की भावुक पाती, बोले- घर सूने हो रहे हैं और वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं
Image Credits: X/@myogiadityanath
Advertisement

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर प्रदेशवासियों के नाम पाती (पत्र) लिखा है. पाती के माध्यम से सीएम योगी ने कहा कि वृद्धजनों का सम्मान केवल संस्कार नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सभ्यता की पहचान है. लेकिन आज घर सुने हो रहे हैं और वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं जो चिंता का विषय है. उन्होंने बताया कि वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं का सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए ही प्रदेश सरकार ने 1,500 रुपये प्रति माह पेंशन देने का निर्णय लिया है.

वृद्धजनों के सम्मान में CM योगी की भावुक पाती

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए लिखा, "आज घर सूने हो रहे हैं और वृद्धाश्रम बढ़ रहे हैं. यह तथ्य मन को व्यथित करता है. यह स्थिति क्यों आई? आज विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर एक संवेदनशील नागरिक होने के नाते हमें इस पर विचार करना चाहिए. बाल-बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सर्वस्व अर्पित करने वाले उम्र के चौथे पड़ाव पर अकेले पड़ जाते हैं. आज की जीवनशैली में युवा घर से दूर काम करते हैं. इच्छा होने पर भी वृद्ध माता-पिता की सेवा के लिए घर में कोई नहीं होता. उम्र के अमृतकाल में वृद्धजनों को अपनत्व की सर्वाधिक आवश्यकता होती है. दुर्भाग्य से समाज ऐसे समय का साक्षी बन रहा है, जब अपनों का दुर्व्यवहार भी उन्हें सहना पड़ता है. देश के सर्वोच्च न्यायालय तक को अपने आदेशों में उन मूल्यों एवं दायित्वों का स्मरण कराना पड़ रहा है, जो सनातन का मूलभाव है."

Advertisement

उन्होंने कहा, "सनातन संस्कृति में माता-पिता और गुरु को साक्षात ईश्वर माना जाता है. आपने भगवान शिव और माता पार्वती की कथा सुनी होगी. उन्होंने अपने पुत्रों भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय के समक्ष समस्त जगत की परिक्रमा की चुनौती रखी. तब, भगवान गणेश ने माता-पिता को ही संपूर्ण सृष्टि मानकर उनकी परिक्रमा कर ली. उन्होंने यह संदेश दिया कि माता-पिता के चरणों में ही समस्त लोकों एवं तीर्थों का वास है. बुद्धि, श्रद्धा एवं संस्कार से परिपूर्ण इसी दृष्टिकोण ने भगवान गणेश को प्रथम पूज्य होने का गौरव प्रदान किया. श्रवण कुमार की कथा तो हम सभी को ज्ञात है. भगवान श्रीराम तो माता-पिता का मान रखने के लिए 14 वर्ष का वनवास स्वीकार करने से भी विचलित नहीं हुए."

सीएम योगी ने कहा, "सनातन धार्मिक रीति-रिवाजों, सामाजिक परंपराओं, पारिवारिक संबंधों एवं मूल्यों पर आधारित जीवनशैली है. सनातन में बड़ों का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने की परंपरा है. ऐसा इसलिए, क्योंकि वे हमारे अनुभव, संस्कृति और जीवन मूल्यों के सच्चे धरोहर हैं. वृद्धजनों का सम्मान केवल संस्कार नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली सभ्यता की पहचान है."

सरकार देगी 1500 रुपये मासिक पेंशन

Advertisement

उन्होंने कहा, "वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं का सम्मानपूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए ही प्रदेश सरकार ने 1,500 रुपये प्रति माह पेंशन देने का निर्णय लिया है. निराश्रित महिलाओं को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि वे गरिमापूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें. उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का भी लाभ मिलेगा."

उन्होंने कहा, "मैं सभी वृद्धजनों से आदरपूर्वक कहना चाहूंगा कि आपने परिवार, समाज और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है. शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग अवश्य अपनाएं. संयोग से इस वर्ष 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' की थीम भी 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' है. यह केवल एक थीम नहीं, बल्कि वृद्धजनों के सम्मान, स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन का वैश्विक संकल्प है."

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें