PM ने रात में किया था ऐलान, सुबह पेपर लीक माफियाओं को सख्त सजा दिलाने वाले विधेयक को दी मंजूरी, जानें सजा के प्रावधान
संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक करने वालों और संगठित पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त से सख्त सजा का प्रावधान है.
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच सरकार ने पेपर लीक संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है. संसद में PM मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक की गई थी. जिसमें बिल को मंजूरी दी गई. बताया जा रहा है 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है.
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के बीच सरकार ने इस बड़े बिल पर मुहर लगाई है. संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक करने वालों और संगठित पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त से सख्त सजा का प्रावधान है.
क्या है पेपर लीक संशोधन बिल में प्रावधान?
- पेपर लीक करने वालों को 10 साल की कैद और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माने की सजा
- पेपर लीक से जुड़े मामलों की तुरंत सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया
- पेपर लीक में शामिल पाए जाने पर कोचिंग या संस्थान को बंद किया जाएगा
- पेपर सेट करने वाला दोषी पाया गया तो हमेशा के लिए सिस्टम से होगा बाहर
PM मोदी ने कही थी सख्त कानून लाने की बात
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक Video संदेश जारी किया था. जिसमें कहा था कि सरकार पेपर लीक के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान करने वाला कानून बनाएगी. PM मोदी ने रात को संदेश दिया और सुबह बिल को मंजूरी दे दी. इससे पहले PM मोदी ने पेपर लीक केस के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की बात कही थी.
PM मोदी ने X हैंडल पर 2.56 मिनट का एक वीडियो मैसेज पोस्ट किया था. जिसमें कहा,
‘पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है. लाखों छात्रों, उनके माता-पिता के लिए पीड़ादायक है. इसलिए पेपर लीक से अब तक, पिछले ढाई महीनों में कई कदम उठाए हैं. गुनहगारों को पकड़ा है, वे जेल में हैं. हमारी जिम्मेदारी थी कि छात्रों का साल बर्बाद न हो, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों का एग्जाम कराया. 19 जुलाई को रिजल्ट भी आ गया.’
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
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इस बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार की देर रात अपना अनशन तोड़ दिया हैं. सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने सूप पिलाकर वांगचुक का अनशन तुड़वाया.