अफगानिस्तान ने PAK के नूर खान एयरबेस को किया धुंआ-धुंआ, मारे गए 32 सैनिक, ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने मचाई थी तबाही
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के उन जख्मों को कुरेद दिया, जो भारत ने दिए थे. अफगानिस्तान ने PAK के नूर खान एयरबेस पर हमला किया है. जिसमें पाकिस्तान के 32 सैनिक मारे गए हैं.
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Afghanistan-Pakistan Conflict: ईरान-इजरायल में तनावपूर्ण हालातों के बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान की लड़ाई भी भीषण होती जा रही है. तालिबानियों ने पाकिस्तान में सबसे खराब हालत नूर खान एयरबेस की कर दी है. नूर खान एयरबेस वो ही है जिसे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारी नुकसान पहुंचाया था. वही एयरबेस अब अफगानिस्तान की जद में आ गया है.
पाकिस्तान की सेना अभी ऑपरेशन सिंदूर में हुए नुकसान की भरपाई करने की कोशिश में जुटी ही हुई थी कि अफगानिस्तान ने उसे तगड़ी चोट दे दी. अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर पिछले चार दिनों से तनाव जारी है. गोलीबारी और हवाई हमलों के बाद हालात बेहद खराब हैं. इस बीच तालिबान ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तान के बेहद संवेदनशील नूर खान एयरबेस पर हमला किया है जो कि रावलपिंडी में है.
अधूरी रह गई नूर खान एयरबेस की मरम्मत
नूर खान एयरबेस पर हमले की पुष्टि करते हुए अफगान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि यह पाकिस्तान के हवाई हमलों का जवाब था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद नूर खान एयरबेस पर पाकिस्तान की सेना उसकी मरम्मत में जुटी हुई थी लेकिन इस बीच अफगानिस्तान के अचानक हमलों ने उसे फिर से चोटिल कर दिया.
पाकिस्तान के इन ठिकानों पर हमला
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु सेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक और समन्वित हवाई अभियान चलाया. यह कदम दोनों पड़ोसी देशों के बीच बिगड़ती स्थिति को दर्शाता है. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि हवाई हमलों का उद्देश्य पाकिस्तान के प्रमुख सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था, जिसमें नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी), 12वीं डिवीजन मुख्यालय (क्वेटा, बलूचिस्तान), और ख्वाजई कैंप (मोहमंद एजेंसी, खैबर पख्तूनख्वा) शामिल हैं.
बयान में यह भी कहा गया कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के कई अन्य रणनीतिक कमांड सेंटरों को भी निशाना बनाया गया. मंत्रालय ने बताया, इन हवाई हमलों ने अपने टारगेट पर बड़ा नुकसान पहुंचाया. अफगानिस्तान का ये अभियान पाकिस्तान के हाल ही में किए गए काबुल और बगराम पर हमलों का जवाब माना जा रहा है.
अफगान रक्षा मंत्रालय ने चेताया कि पाकिस्तान अफगान हवाई क्षेत्र का और उल्लंघन करता है या कोई आक्रामक कार्रवाई करता है, तो उसका जवाब तेज, निर्णायक और संतुलित होगा. ये घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब पाकिस्तान ने अफगान तालिबान प्रशासन के खिलाफ खुला युद्ध घोषित किया था और सीमा पर अफगान-पाकिस्तानी बलों के बीच झड़पें हुई थीं. पाकिस्तानी सेना ने काबुल और कंधार में हवाई हमले किए थे, जबकि अफगान बलों ने इसके जवाब में पाकिस्तानी सीमा सैनिकों पर हमला किया.
पाकिस्तान का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस है नूर खान
नूर खान एयरबेस को पहले भारत के ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के दौरान भी निशाना बनाया गया था. इसके बाद इस एयरबेस की मरम्मत की गई थी. यह रावलपिंडी के पास पाकिस्तान एयर फोर्स का महत्वपूर्ण ठिकाना है.
इसके साथ ही, तालिबान ने दावा किया कि 32 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई, जिन्हें उसने अपने जवाबी हवाई हमलों का परिणाम बताया. मंत्रालय के उप प्रवक्ता ने कहा कि अफगान बलों ने पाकिस्तान की सेना के दो ड्रोन भी मार गिराए.
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अफगानिस्तान रक्षा मंत्रालय के उप प्रवक्ता सेदीकुल्लाह नसरत ने कहा, देश की रक्षा सेनाओं ने देर रात लेजर हथियार और आधुनिक उपकरण का इस्तेमाल करके नंगरहार, पाक्तिया, खोस्त और कंधार प्रांतों में दुश्मन पर आक्रामक अभियान चलाए, जिनका नेतृत्व 203 मन्सूरी, 201 खालिद बिन वलीद और 205 अल-बदर कोर ने किया.
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