Budget 2026: कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सरकार ने खोली तिजोरी, 15,500 लैब और गेमिंग में 10 लाख नौकरियों का मेगा ऐलान
बजट 2026 में सरकार ने कंटेंट क्रिएटर्स के लिए अपनी तिजोरी खोल दी है. इसके साथ ही 15,000 स्कूलों, 500 कॉलेजों में क्रिएटर लैब खोलने और गेमिंग सेक्टर में 10 लाख नौकरियों सृजित की जाएंगी.
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार के दिन संसद में 2026-27 का बजट पेश किया. इस बजट को संतुलित बजट बताया जा रहा है. इसमें टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र का खास खयाल रखा गया है. इस बजट में कंटेंट क्रिएशन को लेकर भी बातें हुईं. चलिए आपको बताते हैं कि इस क्षेत्र में कितनी राशी का ऐलान किया गया है.
डिजिटल वर्ल्ड और क्रिएटर्स के लिए क्या है खास?
- AI के क्षेत्र में जोर: बजट में AI जैसी नई तकनीकों को अर्थव्यवस्था की ताकत बढ़ाने वाला बताया गया है, जो कंटेंट बनाने के तरीकों को और बेहतर बनाएगी.
- बेहतर इंटरनेट और इंफ्रास्ट्रक्चर: सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 12.2 लाख करोड़ का बजट रखा है, जिसमें देश में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्क और मजबूत होगा.
- स्किल डेवलमेंट: युवाओं को नई तकनीक सिखाने और भविष्य के कामों के लिए तैयार करने पर ध्यान दिया गया है.
कंटेंट क्रिएटर लैब
- स्कूल-कॉलेज में लैब्स: देश के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में गेमिंग और एनिमेशन सिखाने के लिए खास लैब बनाई जाएंगी.
- नई यूनिवर्सिटी: डिजिटल और क्रिएटिव स्किल्स सिखाने के लिए 5 नए टाउनशिप विकसित किए जाएंगे, जहां पढ़ाई के साथ-साथ कंपनियों में काम करने का मौका मिलेगा.
गेमिंग सेक्टर में 10 लाख नौकरियां
गेमिंग सेक्टर में 10 लाख से ज्यादा प्रोफेशनल को हायर किया जाएगा. एक नया कंटेंट क्रिएटर लैब का सेटअप किया जाएगा. इसके जरिए लोगों को कंटेंट क्रिएशन सिखाया जाएगा. क्रिएटर इकोनमी बूमिंग है. डिजाइन डुकेशन के लिए नैशनल डिज़ाइन स्कूल खोले जाएंगे.
बजट की पाँच महत्वपूर्ण बातें
- ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना: देश को ग्लोबल बायोफार्मा हब बनाने के लिए 10,000 करोड़ का आवंटन. इसके तहत कैंसर और शुगर जैसी बीमारियों की दवाएं सस्ती होंगी.
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च: बुनयादी ढांचे के विकास के लिए सरकार ने रिकॉर्ड 12.2 लाख करोड़ आवंटित किए हैं.
- शिक्षा और युवाओं के लिए बड़े कदम: देश के पूर्वी हिस्से में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) खोला जाएगा.
क्या सस्ता और क्या मंहगा?
- सस्ता: सोलर पैनल, जूते, EV बैटरी, ओवन, कैंसर की दवाएं, कपड़ा और CNGI
- महंगा: शराब, स्क्रैप और कुछ चुनिंदा खनिज महंगे हो गए हैं.
- सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग में अग्रणी बनाने के लिए ISM 2.0 लॉन्च किया गया है. इलेक्ट्रॉनिक कलपुर्जों के निर्माण के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ कर दिया गया है.
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