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AAP नेताओं ने राजा वडिंग-बाजवा को घेरा, चंडीगढ़ में किया विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस को बताया 'दलित-विरोधी' मानसिकता वाली पार्टी

आम आदमी पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया है. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कड़ा ऐतराज़ जताते हुए कहा कि दलितों का अपमान करना कांग्रेस की आदत बन चुकी है.

AAP नेताओं ने राजा वडिंग-बाजवा को घेरा, चंडीगढ़ में किया विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस को बताया 'दलित-विरोधी' मानसिकता वाली पार्टी
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पंजाब की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस की दलित-विरोधी सोच खुलकर सामने आ गई है. कांग्रेस नेताओं के लगातार आ रहे बयानों और टिप्पणियों ने यह साफ़ कर दिया है कि दलित समाज के प्रति कांग्रेस की मानसिकता आज भी अपमानजनक और असंवेदनशील बनी हुई है.

कांग्रेस पर भड़के पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा

इसी मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया है. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कड़ा ऐतराज़ जताते हुए कहा कि दलितों का अपमान करना कांग्रेस की आदत बन चुकी है. उन्होंने मांग की कि प्रताप सिंह बाजवा और कांग्रेस पार्टी 24 घंटे के भीतर माफ़ी माँगे. 24 घंटे बीत जाने के बावजूद जब कांग्रेस की ओर से कोई माफ़ी नहीं आई, तो आम आदमी पार्टी भड़क उठी. 

AAP ने कांग्रेस के ख़िलाफ़ किया विरोध प्रदर्शन

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सोमवार को आम आदमी पार्टी ने चंडीगढ़ में कांग्रेस की दलित-विरोधी बयानबाज़ी के खिलाफ़ ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया. AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बैंड-बाजा के साथ प्रदर्शन कर यह संदेश दिया कि दलित समाज के सम्मान से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आप कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन से पानी की बौछारें भी कीं, लेकिन इसके बावजूद AAP का विरोध जारी रहा.

‘कांग्रेस की चुप्पी ने उसकी नीयत और नीति दोनों उजागर कर दी’

इस पूरे मुद्दे पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस नेताओं ने सरदार हरभजन सिंह  साहब का नहीं, बल्कि उनके काम, उनकी कम्युनिटी और पूरे दलित भाईचारे का मज़ाक उड़ाया है. आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को अल्टीमेटम दिया था कि वह इस दलित-विरोधी मानसिकता पर माफ़ी माँगे, लेकिन कांग्रेस की चुप्पी ने उसकी नीयत और नीति दोनों उजागर कर दी हैं.

‘राजा वडिंग-राहुल गांधी को माफ़ी माँगनी चाहिए’

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वडिंग द्वारा एक दलित मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को “गर्दन मरोड़ने” जैसी धमकी देने का आरोप केवल एक बयान नहीं, बल्कि कांग्रेस की उसी सोच का प्रतिबिंब है जो दलित नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती. आम आदमी पार्टी का साफ़ कहना है कि अगर कांग्रेस में थोड़ी भी शर्म बाकी है, तो राजा वडिंग और राहुल गांधी दोनों को सार्वजनिक रूप से माफ़ी माँगनी चाहिए.

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दलित समाज का रुझान बड़े पैमाने पर AAP की तरफ़ क्यों है?

यह पहला मौका नहीं है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खुद अपनी पार्टी की बैठक में बोल चुके हैं कि पंजाब में दलितों की आबादी 35- 38 प्रतिशत होने के बावजूद कांग्रेस के शीर्ष पदों पर “ऊंची जाति” के लोग बैठे हैं. चन्नी का सवाल, “हमें उचित प्रतिनिधित्व क्यों नहीं मिल रहा? हम कहां जाएंगे?” दरअसल कांग्रेस के भीतर दलित समाज के लोगों की घुटन का सार्वजनिक कबूलनामा है. वहीं दूसरी तरफ़ आम आदमी पार्टी सरकार की पंजाब कैबिनेट में 6 मंत्री दलित समाज से आते हैं. इस फर्क से साफ़ समझ आता है कि पंजाब में दलित समाज का रुझान बड़े पैमाने पर आम आदमी पार्टी की तरफ़ क्यों है. 

पहले भी दलित समाज का अपमान कर चुकी है कांग्रेस 

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कांग्रेस का दलित समाज की तरफ़ अपमान का ये रवैया पहली बार नहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को लेकर यह कहकर अपमान किया कि वह “पहले बैंड बजाता रहा ह.।” यह सिर्फ़ किसी व्यक्ति का मज़ाक नहीं था, बल्कि उसके काम, उसकी पहचान और उसकी कम्युनिटी का मज़ाक था. दलित समाज इसे अपने पूरे समुदाय का अपमान मान रहा है.

राजा वडिंग का रिकॉर्ड भी इससे अलग नहीं रहा. पूर्व गृह मंत्री स्व. बूटा सिंह को लेकर दिया गया उनका नस्लवादी बयान, “नाम सुणेया बूटा सिंह दा, काला रंग हुंदा सी, जमा काला”, आज भी दलित समाज के ज़हन में ताज़ा है. सवाल यह है कि क्या यही कांग्रेस की ‘समावेशी राजनीति’ है?

AAP के के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने क्या कहा?

इसी पूरे घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने ट्वीट कर कहा कि पंजाब कांग्रेस के नेता लगातार दलित समाज का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने राजा वडिंग द्वारा एक दलित मंत्री को धमकी देने, प्रताप बाजवा की टिप्पणी और कांग्रेस के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस की सोच ही दलित-विरोधी है. अनुराग ढांडा ने साफ़ कहा कि अगर कांग्रेस में थोड़ी भी शर्म बची है, तो राजा वडिंग और राहुल गांधी को दलित समाज से तुरंत माफ़ी माँगनी चाहिए.

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कांग्रेस अब दलित समाज की भरोसेमंद पार्टी नहीं रही

आज पंजाब का दलित समाज यह महसूस कर रहा है कि कांग्रेस समय-समय पर उनके सम्मान से खिलवाड़ करती रही है, कभी धमकी देकर, कभी तंज कसकर, तो कभी प्रतिनिधित्व से वंचित करके. यही वजह है कि ज़मीनी स्तर पर साफ़ जनभावना बन रही है कि कांग्रेस अब दलित समाज की भरोसेमंद पार्टी नहीं रही.

AAP ने दलित समाज को निर्णय-प्रक्रिया में हिस्सेदारी दी है

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इसके उलट, आम आदमी पार्टी ने दलित समाज को सम्मान, प्रतिनिधित्व और निर्णय-प्रक्रिया में हिस्सेदारी दी है. 2022 में जिस तरह दलित समाज ने आम आदमी पार्टी पर भरोसा जताया, वही भरोसा 2027 में और मज़बूत होता दिख रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दलित समाज की यह नाराज़गी कांग्रेस से और बढ़ता हुआ भरोसा आम आदमी पार्टी की ओर, 2027 में AAP की बड़ी जीत में निर्णायक भूमिका निभाएगा. 

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पंजाब के दलित समाज का संदेश साफ़ है, अपमान नहीं, सम्मान चाहिए. और यही सम्मान आज दलित समाज को आम आदमी पार्टी में दिखाई दे रहा है. 

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