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क्यों होता है सनबर्न? खतरनाक UV किरणों से बचना हो तो भूलकर भी न करें ये लापरवाही

सूर्य से जो रोशनी हम तक पहुँचती है, वो विभिन्न प्रकार की किरणों का एक मिश्रण होती है। इनमें इन्फ्रारेड किरणें गर्मी देती हैं, विजिबल लाइट हमें दिखाई देती है, लेकिन सबसे खतरनाक होती हैं अल्ट्रावॉयलेट (यूवी) किरणें। ये किरणें हमारी आंखों से दिखाई नहीं देतीं, लेकिन इनमें बहुत अधिक ऊर्जा होती है। बिना किसी सुरक्षा के धूप में कदम रखने पर ये किरणें त्वचा पर पड़ती हैं और त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं। कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। शरीर इस क्षति पर प्रतिक्रिया स्वरूप सूजन और दर्द पैदा करता है, जो सनबर्न के रूप में सामने आता है।

क्यों होता है सनबर्न? खतरनाक UV किरणों से बचना हो तो भूलकर भी न करें ये लापरवाही
Image Credit: ChatGPT
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सूरज की किरणें पृथ्वी पर जीवन का मुख्य स्रोत है, जो प्रकाश और ऊर्जा प्रदान करती हैं। चाहे रौशनी हो, पेड़-पौधों का भोजन हो या हमारे शरीर को मिलने वाला विटामिन-डी, ये सब कुछ इसी की बदौलत है। लेकिन, इसकी कुछ किरणें हमारी त्वचा के लिए बेहद नुकसानदेह और खतरनाक भी साबित हो सकती हैं। गर्मियों में तेज धूप में ज्यादा देर रहने से त्वचा का लाल हो जाना, जलन, सूजन और दर्द जैसी समस्या हो जाती है, जिसे सनबर्न कहते हैं। सवाल ये है कि आखिर सूर्य की किरणें त्वचा को क्यों जलाती हैं?

सूर्य की किरणों से क्यों होता है सनबर्न?

सूर्य से जो रोशनी हम तक पहुँचती है, वो विभिन्न प्रकार की किरणों का एक मिश्रण होती है। इनमें इन्फ्रारेड किरणें गर्मी देती हैं, विजिबल लाइट हमें दिखाई देती है, लेकिन सबसे खतरनाक होती हैं अल्ट्रावॉयलेट (यूवी) किरणें। ये किरणें हमारी आंखों से दिखाई नहीं देतीं, लेकिन इनमें बहुत अधिक ऊर्जा होती है। बिना किसी सुरक्षा के धूप में कदम रखने पर ये किरणें त्वचा पर पड़ती हैं और त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं। कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। शरीर इस क्षति पर प्रतिक्रिया स्वरूप सूजन और दर्द पैदा करता है, जो सनबर्न के रूप में सामने आता है।

लंबे समय तक यूवी किरणों के संपर्क में रहने से हो सकता है कैंसर!

खास बात ये है कि यूवी किरणें सिर्फ सीधी धूप में ही नहीं, बल्कि पानी, बर्फ, रेत या कंक्रीट से टकराकर वापस लौट सकती हैं। बादलों के पार भी ये किरणें आसानी से पहुंच जाती हैं। इसलिए छाते के नीचे बैठे रहने या बादल वाले दिन भी सनबर्न का खतरा बना रहता है। लंबे समय तक यूवी किरणों के संपर्क में रहने से त्वचा का कैंसर तक हो सकता है।

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इससे बचने के उपाय 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सनबर्न से बचाव के लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं वो उपाय -

सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे तक धूप में कम निकलें। 
पूरे शरीर को ढकने वाले हल्के रंग के कपड़े पहनें। 
चौड़ी किनारे वाली टोपी और सनग्लासेस का इस्तेमाल करें। 
एसपीएफ 30 या इससे ज्यादा वाला सनस्क्रीन पूरे शरीर पर लगाएं और हर 3-4 घंटे में दोबारा लगाएं। 
भरपूर पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखें।

सनबर्न होने पर तुरंत ठंडे पानी से प्रभावित जगह को सेंकें। मॉइश्चराइजर लगाएं और अगर जलन ज्यादा हो तो डॉक्टर से सलाह लें। सूर्य विटामिन डी देता है, जो हड्डियों के लिए जरूरी है, लेकिन संतुलित तरीके से धूप का सेवन करना बेहद महत्वपूर्ण है।

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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