क्या आंखों से मिल सकता है हार्ट डिजीज का संकेत? जानें दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षण और कैसे रखें इसे हेल्दी
शरीर के सभी अंग अलग-अलग जरूर होते हैं, लेकिन सभी की सेहत का आपस में गहरा संबंध होता है, ऐसे ही दिल और आंखें शरीर के दो अलग-अलग अंग जरूर हैं, लेकिन दोनों की सेहत का आपस में गहरा संबंध है.
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क्या हमारी आंखों को देखकर दिल की बीमारी के सकेंतों का पता लगाया जा सकता है, सुनने में भले ही अजीब और अलग लगे लेकिन असल में पता लगाया जा सकता है. ऐसे ही शरीर की सबसे महीन रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) आंखों की रेटिना में होती हैं. इसलिए कई बार हार्ट और ब्लड वेसल्स से जुड़ी समस्याओं के शुरुआती संकेत सबसे पहले आंखों में दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, सिर्फ आंखों के लक्षण देखकर हार्ट डिजीज का पता नहीं लगाया जा सकता. इन लक्षणों की जांच डॉक्टर द्वारा कराना जरूरी है.
आंखों और हार्ट का क्या है संबंध?
दिल पूरे शरीर में खून पहुंचाता है. यदि धमनियां (Arteries) संकरी हो जाएं, ब्लड प्रेशर बढ़ जाए या कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगे, तो इसका असर आंखों की छोटी रक्त वाहिकाओं पर भी पड़ सकता है. आंखों की जांच के दौरान डॉक्टर कई बार हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोगों के संकेत पहचान लेते हैं.
आंखों में दिखने वाले ऐसे लक्षण जो हार्ट से जुड़े हो सकते हैं
आंखों में कई सारे लक्षण दिखाई देते हैं जो हार्ट से जुड़े हो सकते है. जैसे धुंधला दिखाई देना (Blurred vision), अचानक दृष्टि चली जाना, आंखों के सामने फ्लोटर्स या चमक (Floaters/Flashes) दिखाई पड़ना, आंखों में रक्तस्राव (Bleeding) होना, पलकों या आंखों के आसपास पीले धब्बे (Xanthelasma) होना, आंखों की रेटिना में बदलाव होना. ऐसे अनेक प्रकार के लक्षण दिखाई देते है.
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?
हार्ट डिजीज का खतरा कुछ लोगों में अधिक होता है, ऐसे में लोगों को आंखों में होने वाले असामान्य बदलावों और दिल से जुड़े लक्षणों को नजरंदाज नहीं करना चाहिए जैसे: हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को, डायबिटीज के मरीज और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग, धूम्रपान करने वाले, मोटापे से ग्रस्त लोग जिनके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास हो, 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को खासतौर पर ज्यादा ध्यान रखना चाहिए.
हार्ट डिजीज के शुरुआती प्रमुख लक्षण क्या होते हैं?
अक्सर लोग हार्ट डिजीज के शुरुआती प्रमुख लक्षणों को नजरंदाज करते हैं. जैसे सीढ़ियां चढ़ते समय जल्दी सांस फूलना और सीने में दर्द या दबाव होना, बिना ज्यादा मेहनत के थकान होना, गर्दन, जबड़े, कंधे या बाएं हाथ में दर्द, पैरों और टखनों में सूजन, चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना, लगातार पसीना आना, चक्कर आना, दिल की धड़कन का तेज या अनियमित होना. ऐसे कई प्रकार के लक्षण दिखाई दे सकते हैं.
आंखों में दिखने वाले बदलाव क्यों महत्वपूर्ण हैं?
आंखों की रेटिना में शरीर की सबसे महीन रक्त वाहिकाएं (Vessels) होती हैं. यदि इनमें कोई बदलाव दिखाई देता है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर की दूसरी रक्त वाहिकाएं भी प्रभावित हो रही हैं. इसलिए कई बार नेत्र विशेषज्ञ आंखों की जांच के दौरान ऐसी समस्याओं का पता लगा लेते हैं, जिनका संबंध पूरे शरीर की रक्त वाहिकाओं से होता है.
डॉक्टर से जांच और हेल्थ चेकअप कराना जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों में दिखने वाले कुछ बदलाव हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग के बढ़े हुए जोखिम का संकेत हो सकते हैं. हालांकि, सिर्फ आंखों के लक्षणों से हार्ट डिजीज की पुष्टि नहीं की जा सकती. लेकिन ऐसे संकेत दिखने पर समय रहते डॉक्टर से जांच कराना और नियमित हेल्थ चेकअप कराना जरूरी होता है.
दिल को हेल्दी रखने के आसान तरीके
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अपने डेली रूटीन में हेल्दी खाने के साथ-साथ और कई बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है. स्मोकिंग और वेपिंग से दूरी बनाकर रखें, रोज एक्सरसाइज करें जिससे आप फिट रह सकें. पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें, तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, वजन नियंत्रित रखें और सबसे महत्वपूर्ण बात समय-समय पर चेकअप कराएं और डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर जरूर लें.