×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

सपना चौधरी को घरेलू हिंसा मामले में राहत, एक्ट्रेस को मिली सुरक्षा, कोर्ट ने पति पर सुनाया कड़ा फैसला

द्वारका कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई तक सपना चौधरी के पति यशवीर साहू उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं कर सकेंगे. इसके साथ ही उन्हें सपना चौधरी के घर, कार्यस्थल या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम जैसे फिल्म प्रीमियर आदि में जाने से भी रोक दिया गया है.

सपना चौधरी को घरेलू हिंसा मामले में राहत, एक्ट्रेस को मिली सुरक्षा, कोर्ट ने पति पर सुनाया कड़ा फैसला
Image Credits: veersahuofficial/Videograp/Instagram/itssapnachoudhary/Instagram
Advertisement

हरियाणा की एक्ट्रेस और सिंगर सपना चौधरी को दिल्ली की द्वारका महिला कोर्ट से घरेलू हिंसा मामले में मंगलवार को अंतरिम राहत मिल गई है. अदालत ने उन्हें महिला संरक्षण कानून के तहत सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके पति के खिलाफ कई प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं.

कोर्ट ने पति पर लगाई पाबंदी

द्वारका कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई तक सपना चौधरी के पति यशवीर साहू उनसे किसी भी तरह का संपर्क नहीं कर सकेंगे. इसके साथ ही उन्हें सपना चौधरी के घर, कार्यस्थल या किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम जैसे फिल्म प्रीमियर आदि में जाने से भी रोक दिया गया है.

सपना चौधरी ने पति पर लगाया घरेलू हिंसा का आरोप

यह आदेश न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी निधि सिंह ने सपना चौधरी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उन्हें अपने वैवाहिक जीवन में घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा और भविष्य में ऐसी घटनाओं के दोहराए जाने की आशंका बनी हुई है।

Advertisement

ससुराल छोड़ मायके रह रहीं सपना चौधरी

याचिका में यह भी कहा गया कि कथित विवादों के चलते सपना चौधरी को अपना घर छोड़ना (ससुराल) पड़ा और वह वर्तमान में दिल्ली के नजफगढ़ स्थित अपने मायके में रह रही हैं.

सपना की वकील ने क्या कहा?

अदालत में उनकी ओर से अधिवक्ता प्रीति सिंह ने दलील दी कि 10 जून को सपना चौधरी की फिल्म ‘मोमाकू’ का प्रीमियर होना है, जिसमें उनका उपस्थित रहना आवश्यक है, लेकिन आशंका जताई गई कि उनके पति वहां पहुंचकर हंगामा, धमकी या किसी तरह की बाधा उत्पन्न कर सकते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और पेशेवर कार्य प्रभावित हो सकता है.

सबूत देख कोर्ट ने सुनाया फैसला

Advertisement

सुनवाई के दौरान अदालत ने रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेज, चोटों की तस्वीरें और ऑडियो रिकॉर्डिंग सहित प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया. इसके बाद अदालत ने प्रारंभिक रूप से मामले को गंभीर मानते हुए अंतरिम सुरक्षा देने का आदेश पारित किया.

बता दें कि कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए अगली डेट 25 जुलाई की दी है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 1
G
Guest (अतिथि)
S
Satyendra Kumar
3 days ago

1947 से 2014 तक और 2014 से 2026 तक का आकलन किया जाय निष्पक्ष होकर तो दुध और पानी में स्पष्ट अंतर नजर आ जायगा । देश का वंटवारा 62 में चीन से हार 71 में जीत कर भी हार । तुष्टीकरण आपातकाल काश्मीर समस्या घुसपैठिया समस्या आदि किस पार्टी कादेन था । स्पष्ट अंतर नजर आ जायगा

LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें