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Aaj Ka Panchang : हरियाली तीज पर शिव-सिद्ध योग का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

शनिवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि सुबह 7:07 बजे तक शिव योग रहेगा; इसके बाद सिद्ध योग का संयोग है. इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल रात 8:17 से 9:52 बजे तक रहेगा.

Aaj Ka Panchang : हरियाली तीज पर शिव-सिद्ध योग का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल
Image Credit: IANS
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हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है. पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है. 

15 अगस्त को कब तक रहेगी तृतीया तिथि?

15 अगस्त 2026 (शनिवार) को श्रावण महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शाम 5:29 बजे तक है. इसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी. 15 अगस्त 2026 को हरियाली तीज का व्रत और पावन पर्व है. इस दिन मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए यह व्रत रखती हैं.

15 अगस्त 2026 का नक्षत्र और योग

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शनिवार को सुबह 6:07 बजे सूर्योदय और शाम 6:55 बजे सूर्यास्त होगा. वहीं, सुबह 8:25 बजे चंद्रोदय और शाम 8:43 बजे चंद्रास्त होगा. पंचांग के अनुसार, 15 अगस्त 2026 को सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेगा, जबकि चंद्रमा रविवार सुबह (तड़के) 3:25 बजे तक उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा. इसके बाद हस्त नक्षत्र शुरू हो जाएगा.

हरियाली तीज पर अभिजित मुहूर्त

शनिवार को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि सुबह 7:07 बजे तक शिव योग रहेगा; इसके बाद सिद्ध योग का संयोग है. इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:56 बजे तक रहेगा. यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है. अमृत काल रात 8:17 से 9:52 बजे तक रहेगा.

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वहीं, राहुकाल सुबह 9:19 बजे से 10:55 बजे और गुलिक काल सुबह 6:07 से 7:43 बजे तक रहेगा. इसके अलावा यमगंड काल दोपहर 2:07 से 3:43 बजे तक रहेगा. पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है.

किस दिशा में रहेगा दिशाशूल?

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शनिवार को इस दिन सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा. पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा. ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए. यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है.

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