भारतीय सेना ने पहाड़ों से दागी मिसाइल, काँप उठा दुश्मन का कलेजा
अब भारतीय सेना के बेड़े में 400 किलोमीटर रेंज वाली प्रलय बैलिस्टिक मिसाइल को शामिल किए जाने की तैयारी है। इसी के साथ पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में ताक़त बढ़ाने की तैयारी की जा रही है उसी की कुछ तस्वीरें सामने आईं हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे से पहले रक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी घोषणा की गई है. इजरायल भारत के साथ ऐसी सुरक्षा तकनीक साझा करने वाला है, जिससे भारत दुश्मन के हर मिसाइल को हवा में ही ध्वस्त कर सकता है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर जाने वाले हैं, जहां रक्षा और सामरिक साझेदारी मुख्य फोकस रहेगा. दोनों देशों के बीच सहयोग 10 अरब डॉलर से आगे बढ़ने की उम्मीद है. सूत्रों के मुताबिक इजरायल हाई-टेक लेजर डिफेंस और स्टैंड-ऑफ मिसाइल जैसी उन्नत तकनीकें भारत के साथ साझा करने को तैयार है.
भारत अपने डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के तहत 114 राफेल फाइटर जेट की लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील को मंजूरी दे चुका है. अब तकनीकी और व्यावसायिक बातचीत जारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रांस लोकल प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में रियायत दे सकता है.
PM मोदी ने फ्रांस के साथ बड़ी डील कर ली है. भारत के लिहाज से राफेल कितना अहम है ये सब जानते हैं. अगर इसमें HAMMER भी एड कर दें तो ये और भी घातक हो जाएगी. यानी कि पाकिस्तानी आतंकियों को बिल से निकाल कर ठोकने वाली मिसाइल भारत में बनेगी.
Rafale Deal: भारत की सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा होने जा रहा है. रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त P-8I टोही विमान की खरीद को भी हरी झंडी मिली है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने रूस से 288 S-400 मिसाइलों की खरीद को आवश्यक स्वीकृति दी है. इनकी अनुमानित लागत 10,000 करोड़ रुपये है. यह फैसला मई 2025 के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में उपयोग हुए स्टॉक को फिर से भरने के लिए लिया गया है.
भारत-नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा दिया जा रहा है. ट्रांसफर वाहनों में 7.5 टन क्षमता के 20 एएलएस (ALS) ट्रक और 2.5 टन क्षमता के 30 टाटा ट्रक शामिल हैं.
यह मुलाकात इसलिए ख़ास थी कि क्योंकि साल 2002 से 2005 के बीच जनरल उपेंद्र द्विवेदी बटालियन के कमांड कर रहे थे, तो सूबेदार परवेज़ अहमद उनकी यूनिट में तैनात थे.
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