पाकिस्तान देखता रह गया और भारत ने रचा इतिहास, फ्रांस के साथ राफेल F4 डील को मंजूरी, अब और भी घातक होगी इंडियन एयरफोर्स
भारत ने अपनी वायुसेना की ताकत को और अधिक बढ़ाने के लिए फ्रांस के साथ 'राफेल F4' जेट्स के सौदे को मंजूरी दे दी है, जिससे भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता में कई गुना इजाफा होगा.
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भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संबंधों में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है. भारत ने फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट्स खरीदने की दिशा में निर्णायक कदम उठा लिया है. इस बड़ी रक्षा डील की कीमत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जिससे लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है.
भारत को मिलेंगे और अधिक शक्तिशाली राफेल F4 विमान
भारत को मिलने वाले राफेल विमान का एडवांस वर्जन F4 उनके मौजूदा बेड़े से कहीं अधिक शक्तिशाली होंगे. ये विमान एडवांस सेंसर, उन्नत रडार सिस्टम और अत्याधुनिक घातक हथियारों को ले जाने की क्षमता से लैस हैं.
114 विमानों में भारत में बनेंगे 90 राफेल विमान
इस समझौते के तहत, कुल 114 विमानों में से करीब 90 विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा. इसके लिए फ्रांसीसी कंपनी 'डसॉल्ट एविएशन' (Dassault Aviation) एक भारतीय साझेदार कंपनी के साथ मिलकर काम करेगी.
राफेल में स्वदेशी हथियार जोड़ने की तैयारी
भारत सरकार इस सौदे में विमान के इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) हासिल करने पर जोर दे रही है, ताकि भविष्य में 'अस्त्र' मिसाइल और 'ब्रह्मोस-NG' जैसे स्वदेशी हथियारों को राफेल में एकीकृत किया जा सके.
फ्रांस को जल्द सौंपा जाएगा रक्षा प्रस्ताव (LoR)
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, LoR अगले कुछ हफ्तों में फ्रांस को सौंप दिया जाएगा. फ्रांस से जवाब मिलने के बाद 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' (RFP) जारी किया जाएगा. इसके बाद कीमत, तकनीकी सहायता और लॉजिस्टिक सपोर्ट पर दोनों देशों के बीच गहन चर्चा होगी. अंत में, कैबिनेट की सुरक्षा समिति (CCS) से मंजूरी मिलने के बाद ही इस पर आधिकारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे.
वायुसेना में 13 स्क्वाड्रन की कमी
वर्तमान में भारतीय वायुसेना (IAF) के पास स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन के मुकाबले केवल 29 स्क्वाड्रन ही मौजूद हैं. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 114 राफेल विमानों का शामिल होना वायुसेना की घटती स्क्वाड्रन क्षमता को मजबूती प्रदान करेगा.
वायुसेना प्रमुख का अगले महीने फ्रांस दौरा
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इस प्रक्रिया को गति देने के लिए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अगले महीने फ्रांस का दौरा करेंगे. यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संभावित फ्रांस यात्रा से पहले हो रही है, जिसे रक्षा सहयोग के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.