अब टैक्स 'छिपाने' पर भी नहीं होगी जेल, नहीं पड़ेगा IT का छापा...बजट 2026 में बड़ा ऐलान, जानें कैसे मिल जाएगी माफी
Income Tax Rule को आसान बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. टैक्स सुधार को लेकर बजट 2026 में बड़ा ऐलान किया गया. इसके तहत अब अनजाने में टैक्स छिपाने पर जेल नहीं होगी. एक प्रक्रिया पूरी करने पर मिल जाएगी माफी.
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Income Tax Rule को आसान बनाने की दिशा में मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. टैक्स सुधार को लेकर बजट 2026 में बड़ा ऐलान किया गया. इसके तहत अब अनजाने में टैक्स छिपाने पर जेल नहीं होगी. एक प्रक्रिया पूरी करने पर मिल जाएगी माफी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने रविवार को पेश किए बजट 2026 में बड़े इनकम टैक्स सुधार का ऐलान किया है. सरकार ने कहा कि अब करदाता को अपराधी की नजर से नहीं देखा जाएगा. इसके जरिए सरकार की कोशिश देश में भरोसा आधारित टैक्स संरचना विकसित करना है.
सजा की जगह केवल देना होगा जुर्माना!
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि एक अप्रैल से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत अगर किसी की आय में कोई गड़बड़ी मिलती है या अनजाने में टैक्स छिपाया जाता है तो सजा की बजाय केवल जुर्माना भरना होगा.
इसके अलावा, जिन लोगों की विदेशों में अघोषित संपत्ति है, उन्हें सरकार अपनी गलती सुधारने के लिए 6 महीने का विशेष समय देगी. वह लोग एक खास प्रकटीकरण स्कीम के तहत अपनी संपत्ति की जानकारी देकर कानूनी दांवपेचों से बच सकते हैं.
'छोटे अपराधों पर लगेगा केवल जुर्माना'
वित्त मंत्री ने अपने बजट 2026-27 भाषण में कहा,“छोटे अपराधों पर केवल जुर्माना लगेगा. शेष अभियोगों को अपराध की गंभीरता के अनुरूप वर्गीकृत किया जाएगा. इनमें केवल साधारण कारावास होगा, अधिकतम कारावास घटाकर दो वर्ष कर दिया गया है, और न्यायालयों के पास इन्हें भी जुर्माने में बदलने का अधिकार होगा."
वित्त मंत्री के कहा, प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील की अवधि के लिए करदाता पर जुर्माने की राशि पर कोई ब्याज नहीं लगेगा, चाहे अपील प्रक्रिया का परिणाम कुछ भी हो. इसके अलावा, अग्रिम भुगतान की राशि को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जा रहा है और इसकी गणना केवल मूल कर मांग पर ही की जाएगी.
इसके अलावा, वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) में बड़ी राहत दी है. अब आईटीआर में गलती होने पर इसे सुधारना आसान हो है और इसके लिए सरकार ने अतिरिक्त समय देने का ऐलान किया है. अब करदाता मामूली फीस देर रिटर्न अपडेट कर सकेंगे.
प्रॉपर्टी खरीदना भी हुआ आसान
सरकार ने प्रॉपर्टी खरीदने को भी आसान बना दिया है. अगर आप किसी एनआरआई से घर या जमीन खरीदते हैं तो पहले की तरह टैन नंबर की कठिन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और बिना टैन के भी टीडीएस कट सकेगा. वहीं, अब छोटे करदाताओं को निल टीडीएस के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे और पूरी प्रक्रिया अब ऑटोमैटिक और डिजिटल हो जाएगी.
एक अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा नया इनकम टैक्स एक्ट
बजट 2026 आम लोगों के लिए खास रहा है. बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से एक अप्रैल 2026 से नए इनकम टैक्स एक्ट का ऐलान किया गया है. यह मौजूदा इनकम टैक्स एक्स 1961 की जगह लेगा. इससे नौकरीपेशा लोगों के साथ आम आदमी के लिए टैक्स अनुपालन काफी आसान हो जाएगा. इस दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के टैक्स सुधारों का उद्देश्य आम नागरिकों के लिए टैक्स अनुपालन को आसान बनाना है.
बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं
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सरकार ने इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है. पहले की तरह नई टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. मौजूदा समय में 0-4 लाख रुपए तक की आय पर शून्य, 4-8 लाख रुपए तक की आय पर 5 प्रतिशत, 8-12 लाख रुपए तक की आय पर 10 प्रतिशत इनकम टैक्स है. 12-16 लाख रुपए तक की आय पर 15 प्रतिशत, 16-20 लाख रुपए तक की आय पर 20 प्रतिशत,20-24 लाख रुपए तक की आय पर 25 प्रतिशत और 24 लाख रुपए से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत टैक्स है.
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