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ईरान समझौते का बड़ा असर, कच्चे तेल की कीमतों में 5% तक की गिरावट

Crude Oil: दोनों देशों के बीच समझौता होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की घोषणा ने वैश्विक निवेशकों की चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया. पिछले कुछ दिनों से मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने बाजार में सकारात्मक माहौल पैदा कर दिया है.

ईरान समझौते का बड़ा असर, कच्चे तेल की कीमतों में 5% तक की गिरावट
Image Source: Canva
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Crude Oil: सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उस समय बड़ी राहत देखने को मिली जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की खबर सामने आई. दोनों देशों के बीच समझौता होने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की घोषणा ने वैश्विक निवेशकों की चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया. पिछले कुछ दिनों से मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने बाजार में सकारात्मक माहौल पैदा कर दिया है. इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और शेयर बाजारों पर देखने को मिला..

कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट

समझौते की खबर सामने आने के बाद वैश्विक तेल बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिला. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5 प्रतिशत तक गिरकर 83 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी लगभग 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक फिसल गया.. विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने से तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे कीमतों पर दबाव बना. तेल की कीमतों में यह गिरावट दुनिया भर के देशों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है क्योंकि इससे ईंधन और परिवहन लागत में कमी आने की संभावना बढ़ जाती है.

ट्रंप की घोषणा से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि ईरान के साथ समझौता अंतिम रूप ले चुका है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाएगा और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को भी तत्काल प्रभाव से हटाया जाएगा। ट्रंप के इस बयान ने वैश्विक निवेशकों के बीच विश्वास को मजबूत किया, क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति में आने वाली संभावित बाधाओं के समाप्त होने के संकेत मिले। बाजार ने इस घोषणा को सकारात्मक रूप से लिया और निवेशकों ने जोखिम भरे निवेशों की ओर फिर से रुख करना शुरू कर दिया.

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होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है. वैश्विक स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर विभिन्न देशों तक पहुंचता है. अनुमान है कि दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इस मार्ग से गुजरता है. ऐसे में जब भी इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है, तेल की कीमतों में उछाल आ जाता है. अब इसके दोबारा खुलने से बाजार को भरोसा मिला है कि ऊर्जा आपूर्ति में किसी बड़े व्यवधान की आशंका फिलहाल नहीं है.

एशियाई शेयर बाजारों में दिखी जबरदस्त तेजी

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तेल कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान समझौते की खबर का असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया. जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए. कई बाजारों में 5 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई. निवेशकों को उम्मीद है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने से वैश्विक आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और व्यापारिक माहौल अधिक स्थिर होगा.

भारतीय बाजार को भी मिला समर्थन

वैश्विक स्तर पर बने सकारात्मक माहौल का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूत बढ़त के साथ खुले. निवेशकों ने तेल की कीमतों में आई गिरावट का स्वागत किया क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयातित तेल पर निर्भर है. सस्ता कच्चा तेल देश में महंगाई को नियंत्रित रखने और आर्थिक विकास को समर्थन देने में मदद कर सकता है. इसी उम्मीद के चलते घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला.

आगे क्या रहेगा बाजार का फोकस?

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अब निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर टिकी हुई है, जिस पर जल्द ही हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है. यदि यह समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आ सकती है और तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है. साथ ही, इससे दुनिया भर के शेयर बाजारों को भी अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद है. फिलहाल बाजार इस घटनाक्रम को एक बड़े सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है, जिसने निवेशकों की चिंताओं को काफी हद तक कम कर दिया है.

 

INPUT -IANS 

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