Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

जुलाई में ऑटो सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, कार से लेकर बाइक और ट्रैक्टर तक की बिक्री में जोरदार बढ़ोतरी

Auto Sector Sale: यात्री वाहनों यानी कार और एसयूवी की बिक्री में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली. इस सेगमेंट में बिक्री करीब 20.6 प्रतिशत बढ़ी है. आजकल बड़ी और फीचर से भरपूर एसयूवी गाड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है.

Image Source: IANS
Loading Ad...

Auto Sector Sale: भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए जुलाई का महीना काफी उत्साहजनक रहा है. 1 से 23 जुलाई के बीच देश में वाहनों की रिटेल बिक्री में पिछले साल की तुलना में करीब 28.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.इसका मतलब है कि पहले के मुकाबले ज्यादा लोग नई गाड़ियां खरीद रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राहकों का भरोसा बढ़ने, नए मॉडल आने और बेहतर आर्थिक माहौल की वजह से ऑटो सेक्टर लगातार मजबूत हो रहा है. अगर महीने के आखिरी दिनों में भी यही रफ्तार बनी रहती है, तो जुलाई पूरे साल के सबसे अच्छे महीनों में शामिल हो सकता है,

बाइक और स्कूटर की बिक्री में सबसे ज्यादा उछाल

रिपोर्ट के अनुसार, दोपहिया वाहनों यानी बाइक और स्कूटर की बिक्री में सबसे अधिक बढ़ोतरी देखने को मिली. इस दौरान इनकी बिक्री में करीब 31 प्रतिशत का इजाफा हुआ. इसकी एक बड़ी वजह यह मानी जा रही है कि लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दोपहिया वाहनों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. साथ ही कई कंपनियों ने नए मॉडल लॉन्च किए हैं और बेहतर फाइनेंस विकल्प भी दिए हैं, जिससे ग्राहकों के लिए खरीदारी आसान हुई है.

Loading Ad...

कार और एसयूवी की मांग भी लगातार बढ़ रही है

Loading Ad...

यात्री वाहनों यानी कार और एसयूवी की बिक्री में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली. इस सेगमेंट में बिक्री करीब 20.6 प्रतिशत बढ़ी है. आजकल बड़ी और फीचर से भरपूर एसयूवी गाड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसके अलावा कंपनियां लगातार नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं वाली कारें बाजार में उतार रही हैं, जिससे ग्राहकों का रुझान और बढ़ा है.

महंगी कार खरीदने का सुनहरा मौका, इन 3 सरकारी वेबसाइट्स पर मिलती हैं सस्ती गाड़ियां

Loading Ad...

कमर्शियल वाहन और तीनपहिया वाहन भी पीछे नहीं

सिर्फ निजी वाहन ही नहीं, बल्कि कारोबार में इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल वाहनों की बिक्री में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस दौरान इनकी बिक्री में 27.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ. वहीं ऑटो रिक्शा और अन्य तीनपहिया वाहनों की बिक्री भी 18.1 प्रतिशत बढ़ी है. यह इस बात का संकेत है कि व्यापारिक गतिविधियां भी धीरे-धीरे मजबूत हो रही हैं और परिवहन की मांग बढ़ रही है.

ट्रैक्टर की बिक्री में सबसे दमदार प्रदर्शन

Loading Ad...

इस बार ट्रैक्टर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया है. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रैक्टरों की बिक्री में 36.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो सभी प्रमुख वाहन श्रेणियों में सबसे ज्यादा है. विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी खेती, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आय और किसानों के बीच आधुनिक कृषि उपकरणों की बढ़ती मांग इसकी मुख्य वजह है.

आखिर क्यों बढ़ रही है वाहनों की बिक्री?

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तेजी के पीछे कई कारण हैं. पिछले साल जुलाई में बिक्री अपेक्षाकृत कम रही थी, इसलिए इस बार तुलना में ज्यादा वृद्धि दिखाई दे रही है. इसके अलावा लोगों का बाजार पर भरोसा बढ़ा है, कई नए वाहन लॉन्च हुए हैं, इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है, ब्याज दरों में कमी आई है और कुछ वाहनों पर जीएसटी में राहत मिलने से लोगों की खरीदने की क्षमता भी बेहतर हुई है. इन सभी वजहों ने मिलकर ऑटो बाजार को मजबूती दी है.

Loading Ad...

त्योहारी सीजन से और बढ़ सकती है बिक्री

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले महीनों में ऑटो सेक्टर की स्थिति और मजबूत हो सकती है. अगस्त और सितंबर में पिछले साल के मुकाबले कम बेस का फायदा मिलेगा. इसके साथ ही त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है, जब लोग नई गाड़ियां खरीदना शुभ मानते हैं. ऐसे में कंपनियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में बिक्री और तेजी से बढ़ेगी.

महीने के आखिरी दिनों में बढ़ती है खरीदारी

Loading Ad...

रिपोर्ट के अनुसार, हर साल जुलाई के आखिरी आठ दिनों में पूरे महीने की कुल बिक्री का लगभग 25 से 28 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होता है. यानी कई ग्राहक महीने के अंत में वाहन खरीदना पसंद करते हैं. अगर इस बार भी यही रुझान रहा, तो जुलाई की कुल बिक्री का आंकड़ा और भी बेहतर हो सकता है.

ऑटो इंडस्ट्री में होगा बड़ा निवेश

एक दूसरी रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ऑटो और ऑटो पार्ट्स उद्योग आने वाले वर्षों में बड़े निवेश के दौर में प्रवेश करने जा रहा है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच करीब 70,300 करोड़ रुपये की नई परियोजनाएं शुरू होंगी. इससे नई फैक्ट्रियां लगेंगी, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.

Loading Ad...

सरकारी योजनाओं से मिलेगा बड़ा फायदा

ऑटो सेक्टर में निवेश बढ़ने की एक बड़ी वजह सरकार की कई प्रोत्साहन योजनाएं भी हैं. प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना, फेम-III जैसी योजनाएं और वाहन कंपनियों व ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों द्वारा उत्पादन क्षमता बढ़ाने के प्रयास इस क्षेत्र को लगातार मजबूत बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही रफ्तार बनी रही, तो आने वाले वर्षों में भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग और तेजी से आगे बढ़ेगा तथा देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत सहारा मिलेगा.

 

Loading Ad...

 

यह भी पढ़ें

Input- IANS 

LIVE
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...