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जंग के बीच ईरानी सरकार में दरार! आपस में भिड़े राष्ट्रपति पेजेश्कियान और IRGC चीफ अहमद वाहिदी, जानें क्या है पूरा विवाद

Conflicts Between Pezeshkian and IRGC Chief: मीडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अब ईरानी सरकार के भीतर मतभेद की खबरें आ रही है, जिनमें राष्ट्रपति पेजेश्कियान और आईआरजीसी (IRGC) चीफ अहमद वाहिदी के बीच मनमुटाव होने की बात कही जा रही है.

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29 Mar 2026
( Updated: 29 Mar 2026
07:55 PM )
जंग के बीच ईरानी सरकार में दरार! आपस में भिड़े राष्ट्रपति पेजेश्कियान और IRGC चीफ अहमद वाहिदी, जानें क्या है पूरा विवाद
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पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से संघर्ष जारी है. ईरान के सामने अमेरिका और इजरायल जैसे देश हैं जो लगातार उस पर हमले कर रहे हैं, वहीं ईरान भी इनका मुंहतोड़ जवाब दे रहा है. स्थिति यह है अब इस जंग के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सड़कों पर लोग उतरने लगे हैं और अपनी ही सरकारों को घेरने लगे हैं. वहीं दूसरी तरफ, ईरानी शासन के भीतर भी गहरी दरारें उभरकर सामने आने लगी हैं.

राष्ट्रपति पेजेश्कियान और IRGC चीफ के बीच गहरा मतभेद

'ईरान इंटरनेशनल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के चीफ कमांडर अहमद वाहिदी के बीच युद्ध की रणनीति और चरमराती अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर मतभेद पैदा हो गए हैं.

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पेजेश्कियान ने दी चेतावनी- युद्ध नहीं रुका तो होंगे गंभीर परिणाम

दावा किया जा है कि राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने IRGC के अड़ियल रवैये की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही सीजफायर नहीं हुआ, तो ईरान की अर्थव्यवस्था अगले तीन से चार हफ्तों में पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी. वहीं इसके उलट, IRGC है कि इस युद्ध को लंबा खींचने के पक्ष में दिखाई दे रही है. 

राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने खाड़ी देशों से मांगी थी माफी

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इससे पहले भी यह खबर आई थी कि राष्ट्रपति पेजेश्कियान खाड़ी देशों पर ईरानी हमलों से खुश नहीं थे. उन्होंने 7 मार्च को अपने एक्स हैंडल पर वीडियो जारी करते हुए माफी भी मांगी थी. वहीं, IRGC राष्ट्रपति के इस माफीनाफे से नाखुश दिखा था और इसे ‘राजनीतिक अपरिपक्वता’ बताते हुए पेजेश्कियान की आलोचना की थी और हमले जारी रखे. 

युद्ध की भेंट चढ़ रहा ईरान की अर्थव्यवस्था

आपको बता दें कि ईरान भले ही अमेरिका और इजरायल का आर्थिक नुकसान कर रहा है लेकिन इसके साथ ही इसकी भी अर्थव्यवस्था युद्ध की भेंट चढ़ती जा रही है. युद्ध से पहले ही महंगाई दर 115% तक पहुंच चुकी थी, जो अब और भी भयावह हो गई है. कई शहरों के ATM में नकदी खत्म हो चुकी है और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं ठप पड़ गई हैं. सरकारी कर्मचारियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है. 

आर्थिक बदहाली के लिए IRGC ने सरकार की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार

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एक तरफ ईरान युद्ध की वजह गहरा आर्थिक संकट झेल रहा है वहीं, IRGC ने आर्थिक बदहाली के लिए सरकार की नीतियों को ही जिम्मेदार ठहराया है, जबकि राष्ट्रपति ने सेना के दखल को मुख्य कारण बताया है. इसके अलावा इजरायली मीडिया में भी ईरानी शासन के भीतर फूट का दावा किया जा रहा है. 

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