ईरान के 'महाविनाश' की रात! US करेगा पावर प्लांट्स-पुलों को तबाह, तो इजरायल करेगा रेलवे पर हमला, तेहरान का भी ह्यूमन शील्ड तैयार
ईरान के लिए हर बीतता पल भारी होता जा रहा है. जैसे-जैसे ट्रंप की 48 घंटे की डेडलाइन खत्म हो रही है, भीषण तबाही की आशंका बढ़ गई है. वहीं ईरानी मंत्री ने भी अमेरिकी हमलों के खिलाफ ह्यूमन शील्ड बनाने की अपील की है.
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरानी परमाणु संयंत्रों और पुलों को उड़ाने की मियाद मंगलवार शाम (स्थानीय समयानुसार) खत्म हो रही है. वहीं ईरान ने भी होर्मुज को लेकर समझौता करने से फिलहाल इनकार कर दिया है. इसके बाद कहा जा रहा है कि अमेरिका ईरान के पुल, पावर प्लांट्स को निशाना बना सकता है. अपने संवेदनशील खासकर सिविलियन यूज वाले इंफ्रास्ट्रक्चर्स को अमेरिकी हमले से बचाने के लिए भी ईरानी सरकार ने गजब की प्लानिंग की है. इसको लेकर ईरान के एक मंत्री की अपील भी सुर्खियों में है.
ईरानी मंत्री ने लोगों से इन ठिकानों के इर्द-गिर्द ह्यूमन चेन बनाने की गुजारिश की है. ईरानी मंत्री ने “सभी युवाओं, एथलीटों, कलाकारों, छात्रों, यूनिवर्सिटी के छात्रों और उनके प्रोफेसरों” से पावर प्लांट के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाने की अपील की है.
अमेरिका ने ईरान को तबाह करने की दी चेतावनी!
4 अप्रैल को ट्रंप ने 48 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अगर नहीं खोलता है तो अमेरिका ईरान को हिला कर रख देगा. उसके पुल-पुलिये और पावर प्लांट्स पर सीधा हमला करेगा. वहीं इजरायल ने भी ईरानी लोगों से 9 बजे रात के बाद ट्रेन से सफर ना करने की चेतावनी दी है. ऐसे में जैसे-जैसे डेडलाइन करीब आ रही है, जंग की आशंका भीषण होती जा रही है. कहा जा रहा है ईरान के लिए ये कयामत की रात हो सकती है. इससे पहले ट्रंप ने ईरान को पत्थर के युग में भेजने की भी धमकी दी थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अमेरिका ईरान के बिजली घरों और पुलों पर हमला करेगा. ट्रुथ पर एक छोटी और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए ट्रंप ने होर्मुज खोलने का आदेश सुनाया.
उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा, 'मंगलवार को को ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे, दोनों एक साथ होंगे (धमकी कि दोनों ही अमेरिका के निशाने पर होंगे). होर्मुज खोलो, वरना नरक में रहोगे. बस देखते रहो.' और आखिर में लिखा, 'अल्लाह की तारीफ करो!
ईरान के ऊर्जा ठिकानों को तबाह करेगा अमेरिका?
ट्रंप की धमकियों के लिहाज से देखें तो ईरान के पास खोने को बहुत कुछ है. ईरान में सोलर, हाइड्रो (जल), वायु, कोयला और न्यूक्लियर के प्लांट हैं. बीते कई महीनों में ईरान के पुलों और बिजली घरों को निशाना बनाया गया है. वहीं कुछ दिन पहले ही ईरान के इस्फहान में 927KG बंकर बस्टर बमों से न्युक्लियर साइट्स पर हमला किया था.
अंधेरे में डूबेगा ईरान!
ईरान में बिजली पैदा करने वाले अधिकतर प्लांट्स गैस पर आधारित हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो ईरान में करीब 110 गैस प्लांट हैं जिनमें से कुछ हाइब्रिड हैं. बुशहर परमाणु पॉवर प्लांट, बुशेहर काउंटी, (ईरान) में है जो कि न्यूक्लियर साइट के तौर पर देखी जाती है. यह 1,000 मेगावाट (MW) की क्षमता वाला एक परमाणु ऊर्जा केंद्र है. ईरान के पास फिलहाल लगभग 90 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता है.
अमेरिकी हमलों को खिलाफ ह्यूमन शील्ड बनाएगा अमेरिका!
अमेरिकी धमकियों के मद्देनजर देश के सरकारी टेलीविजन पर सुप्रीम काउंसिल ऑफ यूथ एंड एडोलसेंट्स के सचिव (युवा और खेल मामलों के उपमंत्री) अलीरेजा रहीमी ने एक न्यूजकास्ट में वीडियो कॉल में ह्यूमन चेन की अपील करते हुए कहा, “पावर प्लांट जो हमारी राष्ट्रीय संपत्ति और पूंजी हैं, चाहे किसी भी पसंद या राजनीतिक नजरिए से देखें, वे ईरान और ईरानी युवाओं के भविष्य के हैं.” रहीमी ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी लिखा, “हम सब हाथों में हाथ डालकर यह कहेंगे कि सार्वजनिक ढांचे पर हमला करना युद्ध अपराध है.” ईरान ने अपने नागरिकों, खासकर युवाओं, कलाकारों और खिलाड़ियों से अपील की है कि वे दोपहर 2 बजे (स्थानीय समयानुसार) 7 अप्रैल को देशभर के पावर प्लांट्स के पास मानव श्रृंखला बनाएं.
इससे पहले भी ईरान ऐसा ही काम कर चुका है!
वैसे ये पहली बार नहीं है कि ईरानियों को मानव श्रृंखला बनाने के लिए कहा गया है. ईरान ने पहले भी पश्चिम के साथ बढ़ते तनाव के समय अपनी न्यूक्लियर साइट्स के चारों ओर ह्यूमन चेन बनाई हैं. 2005–2006 में ऐसा हुआ था. सितंबर 2005 में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईईएई) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने नियमों का हवाला दे सख्त कदम की बात कही थी. आरोप था कि ईरान ने यूरेनियम एनरिचमेंट का काम फिर से शुरू कर दिया. इस दौरान, छात्र और समर्थक अक्सर "ह्यूमन शील्ड" बनाने के लिए इस्फाहान यूरेनियम कन्वर्जन प्लांट जैसी जगहों पर इकट्ठा होते थे. ऐसा इसलिए होता है ताकि सिविलियन को ढाल बनाकर हमलों को रोका जा सके. क्योंकि किसी भी जंग में आम इनसान को टार्गेट करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है और कोई भी ऐसा करने से बचता है.
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अगस्त 2006 में, ईरान ने एक "हैवी वॉटर प्लांट" का उद्घाटन किया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के बढ़ते दबाव का सामना किया, जिसने एनरिचमेंट रोकने की मांग की. तब भी सरकार के समर्थन में ह्यूमन चेन समेत पब्लिक प्रदर्शन किए गए थे.
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